ई-टोकन के नाम पर वसूली पर शासन की सख्ती
किसानों से रुपए लेने वालों पर कार्रवाई की चेतावनी
21 अप्रैल 2026, इंदौर: ई-टोकन के नाम पर वसूली पर शासन की सख्ती – मध्य प्रदेश में खाद वितरण के लिए बनाए जा रहे ई-टोकन को लेकर किसानों से अधिक राशि वसूले जाने की शिकायतों पर शासन ने सख्त रुख अपनाया है। प्रदेशभर से प्राप्त शिकायतों के बाद स्पष्ट किया गया है, कि एमपी ऑनलाइन कॉमन सर्विस सेंटर एवं कियोस्क के माध्यम से ई-टोकन बनाने हेतु केवल 15 रुपये शुल्क निर्धारित है, जबकि समिति, मार्केटिंग सोसायटी, एमपी एग्रो विक्रय केंद्र एवं निजी विक्रेताओं को यह सुविधा किसानों के लिए निःशुल्क उपलब्ध करानी होगी।
इसके बावजूद कई जिलों से किसानों से 50 से 100 रुपये तक वसूले जाने की शिकायतें सामने आई हैं। सूत्रों के अनुसार भोपाल स्तर पर हुई बैठक में इस मुद्दे को गंभीरता से उठाया गया, जिसके बाद जिला प्रशासनों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।जानकारी के अनुसार यदि कोई किसान प्रमाण सहित शिकायत करता है, तो संबंधित व्यक्ति या संस्था के विरुद्ध कलेक्टर स्तर पर कार्रवाई की जा सकेगी। शिकायतकर्ताओं को प्रोत्साहन स्वरूप 1000 रुपये पुरस्कार देने तथा इसके लिए प्रत्येक जिले को 5 लाख रुपये तक राशि उपलब्ध कराने पर भी विचार किया जा रहा है।
सूत्रों ने यह भी बताया कि कुछ स्थानों पर निजी विक्रेताओं द्वारा समितियों के नाम पर टोकन बनाकर अतिरिक्त राशि वसूली जा रही है। ऐसे मामलों में कमीशनखोरी की शिकायतें भी शासन तक पहुंची हैं। प्रदेश के कृषि आदान व्यापारियों एवं केंद्र संचालकों को चेतावनी दी गई है कि यदि वे किसानों से निर्धारित शुल्क से अधिक राशि लेते पाए गए तो उनके विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। किसानों से अपील की गई है कि किसी भी प्रकार की अवैध वसूली होने पर प्रमाण सहित शिकायत दर्ज कराएं।
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