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राज्य कृषि समाचार (State News)

देवास में किसानों को सोयाबीन की उन्नत खेती का प्रशिक्षण, कीट-रोग प्रबंधन से लेकर नमी संरक्षण तक बताईं तकनीकें  

25 अगस्त 2026, देवास: देवास में किसानों को सोयाबीन की उन्नत खेती का प्रशिक्षण, कीट-रोग प्रबंधन से लेकर नमी संरक्षण तक बताईं तकनीकें – मध्यप्रदेश रोडमैप-2026 के तहत देवास जिले के ग्राम बुराड़ा में किसानों को सोयाबीन की उन्नत खेती और फसल संरक्षण तकनीकों की जानकारी देने के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में सोयाबीन के साथ तिलहन और बागवानी फसलों के बेहतर प्रबंधन की तकनीकों पर भी किसानों को विशेषज्ञों ने जानकारी दी। प्रशिक्षण कार्यक्रम खातेगांव विधायक आशीष शर्मा की उपस्थिति में राष्ट्रीय सोयाबीन अनुसंधान संस्थान इंदौर, कृषि विज्ञान केंद्र देवास और कृषि विभाग के सहयोग से आयोजित किया गया।

कीट-रोग प्रबंधन से लेकर उन्नत बीज उत्पादन की जानकारी

प्रशिक्षण के दौरान कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को सोयाबीन में कीट एवं रोग प्रबंधन, उन्नत बीज उत्पादन तकनीक, प्रसंस्करण और खाद्य उपयोग से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी दी। इसके साथ ही नमी संरक्षण की विभिन्न पद्धतियों और उनके लाभ के बारे में भी किसानों को बताया गया। किसानों को तिलहन उत्पादन तकनीक और बागवानी फसलों की उन्नत खेती के तरीके भी समझाए गए। विशेषज्ञों ने किसानों की आय बढ़ाने के लिए अपनाई जा सकने वाली विभिन्न रणनीतियों पर भी चर्चा की।

कृषि योजनाओं का लाभ लेने की अपील

उप संचालक कृषि श्री ज्ञानसिंह मोहनिया ने जिले में संचालित और क्रियान्वित कृषि योजनाओं की जानकारी किसानों को दी। उन्होंने किसानों से कृषि विभाग की योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ लेने तथा आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाकर उत्पादन और आय बढ़ाने का आह्वान किया।

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वैज्ञानिकों ने खेतों में पहुंचकर देखी सोयाबीन की फसल

प्रशिक्षण के बाद कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों के खेतों का भ्रमण किया और सोयाबीन की फसल का निरीक्षण किया। वैज्ञानिकों ने फसल की वर्तमान स्थिति का जायजा लेते हुए किसानों को कीट एवं रोग प्रबंधन, फसल संरक्षण, नमी संरक्षण और बेहतर उत्पादन के लिए आवश्यक तकनीकी सुझाव दिए।

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विशेषज्ञों ने किसानों को किया मार्गदर्शन

कार्यक्रम में भारतीय सोयाबीन अनुसंधान संस्थान, इंदौर के डॉ. संजीव कुमार, डॉ. मृणाल कुचलन और डॉ. पी.यू. दुपारे, भारतीय तिलहन अनुसंधान संस्थान हैदराबाद के डॉ. जी.डी. सतीषकुमार, इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ हॉर्टिकल्चर रिसर्च, बेंगलुरु के डॉ. मंजूनाथ गोडा और डॉ. अथिक तथा कृषि विज्ञान केंद्र देवास के डॉ. आर.पी. शर्मा और डॉ. भार्गव ने किसानों को विभिन्न कृषि तकनीकों की जानकारी दी।

कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को आधुनिक एवं वैज्ञानिक कृषि तकनीकों से जोड़कर सोयाबीन सहित तिलहन और बागवानी फसलों की उत्पादकता बढ़ाना, फसल लागत कम करना और किसानों की आय में वृद्धि के लिए प्रभावी तकनीकों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना रहा।

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