लम्पी स्किन डिजीज को लेकर पशुपालकों को सतर्क रहने की सलाह
लक्षण दिखाई देने पर पशु को तुरंत अलग करें, पशु चिकित्सक से संपर्क कर विभाग को दें सूचना
22 अगस्त 2026, लखनऊ: लम्पी स्किन डिजीज को लेकर पशुपालकों को सतर्क रहने की सलाह – उत्तर प्रदेश में पशुओं के स्वास्थ्य को लेकर पशुपालन विभाग ने पशुपालकों से लम्पी स्किन डिजीज (LSD) के संभावित लक्षणों पर विशेष निगरानी रखने की अपील की है। विभाग ने कहा है कि किसी पशु में बीमारी के संदिग्ध लक्षण दिखाई देने पर उसे तत्काल स्वस्थ पशुओं से अलग कर संबंधित अधिकारियों को सूचना दी जाए। समय पर बीमारी की पहचान और आवश्यक नियंत्रण उपाय पशुधन को सुरक्षित रखने में मददगार साबित हो सकते हैं।
विभाग के अनुसार लम्पी स्किन डिजीज में पशु की त्वचा पर गोल, कठोर और उभरी हुई गांठें दिखाई दे सकती हैं। इसके अलावा तेज बुखार, अत्यधिक कमजोरी, पैरों, गले और शरीर के निचले हिस्से में सूजन, आंख और नाक से स्राव तथा मुंह से अधिक लार आने जैसे लक्षण भी दिखाई दे सकते हैं। संक्रमित पशु की भूख कम होने, चलने-फिरने में परेशानी और दूध उत्पादन में तेजी से गिरावट की स्थिति भी सामने आ सकती है।
संदिग्ध लक्षण दिखें तो ये चार कदम उठाएं
पशु को अलग करें: लक्षण दिखाई देते ही प्रभावित पशु को स्वस्थ पशुओं से अलग रखें।
खुद से इलाज न करें: बिना मान्यता प्राप्त पशु चिकित्सक की सलाह के देसी या मनमाना उपचार शुरू न करें।
विभाग को सूचना दें: अपने जनपद के विकास भवन स्थित मुख्य पशु चिकित्साधिकारी (CVO) कार्यालय अथवा नजदीकी पशु चिकित्सालय को तत्काल जानकारी दें।
हेल्पलाइन पर संपर्क करें: पशुपालक विभाग के टोल-फ्री नंबर 1800180141 पर भी सूचना दे सकते हैं।
विभाग का कहना है कि सूचना मिलने पर पशु चिकित्सा टीम प्रभावित स्थल पर पहुंचकर पशु की जांच, आवश्यक उपचार और रोग नियंत्रण संबंधी कार्रवाई सुनिश्चित करेगी। पशुपालकों से अपील की गई है कि वे अपने पशुओं के स्वास्थ्य की नियमित निगरानी करें और बीमारी के किसी भी संदिग्ध लक्षण को नजरअंदाज न करें।
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