राष्ट्रीय कृषि समाचार (National Agriculture News)

खरीफ फसलों की बुवाई 1,056.70 लाख हेक्टेयर पर, धान का रकबा 13.19 लाख हेक्टेयर घटा

25 अगस्त 2026, नई दिल्ली: खरीफ फसलों की बुवाई 1,056.70 लाख हेक्टेयर पर, धान का रकबा 13.19 लाख हेक्टेयर घटा – देश में खरीफ फसलों की बुवाई का कुल रकबा 21 अगस्त 2026 तक 1,056.70 लाख हेक्टेयर दर्ज किया गया है। पिछले वर्ष इसी अवधि में यह 1,072.77 लाख हेक्टेयर था। यानी इस साल खरीफ फसलों का कुल रकबा 16.07 लाख हेक्टेयर कम है।

कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, कुल रकबे में कमी की सबसे बड़ी वजह धान की बुवाई में गिरावट रही है। 21 अगस्त तक धान का रकबा 405.10 लाख हेक्टेयर रहा, जो पिछले साल के 418.29 लाख हेक्टेयर से 13.19 लाख हेक्टेयर कम है।

धान के रकबे में बड़ी गिरावट

धान के रकबे में सबसे बड़ी कमी कर्नाटक में 3.09 लाख हेक्टेयर, तेलंगाना में 2.45 लाख हेक्टेयर, झारखंड में 1.88 लाख हेक्टेयर, मध्य प्रदेश में 1.75 लाख हेक्टेयर, ओडिशा में 1.63 लाख हेक्टेयर और महाराष्ट्र में 1.50 लाख हेक्टेयर दर्ज की गई है।

आंध्र प्रदेश में 1.26 लाख हेक्टेयर और तमिलनाडु में 1.18 लाख हेक्टेयर की कमी रही। वहीं असम में धान का रकबा 2.80 लाख हेक्टेयर और पश्चिम बंगाल में 0.36 लाख हेक्टेयर बढ़ा है।

दलहन क्षेत्र में बढ़ोतरी

दलहन किसानों के लिए आंकड़े कुछ बेहतर रहे। दलहन का कुल रकबा 113.63 लाख हेक्टेयर रहा, जो पिछले साल के 112.14 लाख हेक्टेयर से 1.49 लाख हेक्टेयर अधिक है।

उत्तर प्रदेश में दलहन क्षेत्र में सबसे अधिक 3.97 लाख हेक्टेयर की वृद्धि हुई। तेलंगाना, झारखंड, राजस्थान, आंध्र प्रदेश और मध्य प्रदेश में भी रकबा बढ़ा। दूसरी ओर महाराष्ट्र में 2.60 लाख हेक्टेयर और कर्नाटक में 2.22 लाख हेक्टेयर की कमी दर्ज की गई।

दलहनों में उड़द का रकबा 2.65 लाख हेक्टेयर बढ़कर 24.38 लाख हेक्टेयर हो गया, जबकि मूंग का रकबा 1.25 लाख हेक्टेयर घटा है।

मोटे अनाज और मक्का का रकबा घटा

श्री अन्न एवं मोटे अनाज का कुल रकबा 176.36 लाख हेक्टेयर रहा, जो पिछले साल से 3.45 लाख हेक्टेयर कम है। कर्नाटक और महाराष्ट्र में गिरावट प्रमुख रही।

मक्का का रकबा भी 3.79 लाख हेक्टेयर घटकर 89.51 लाख हेक्टेयर रह गया। इसके विपरीत ज्वार का रकबा 0.81 लाख और बाजरा का रकबा 1.35 लाख हेक्टेयर बढ़ा है।

तिलहन का रकबा लगभग स्थिर

तिलहन फसलों का रकबा 188.37 लाख हेक्टेयर रहा, जो पिछले साल के 188.69 लाख हेक्टेयर की तुलना में केवल 0.32 लाख हेक्टेयर कम है।

मूंगफली का रकबा 0.57 लाख हेक्टेयर और तिल का रकबा 1.42 लाख हेक्टेयर बढ़ा। वहीं सोयाबीन में 1.41 लाख हेक्टेयर और अरंडी में 1.54 लाख हेक्टेयर की कमी दर्ज की गई।

कपास और गन्ने में मामूली कमी

गन्ने का रकबा 58.44 लाख हेक्टेयर रहा, जो पिछले साल से 0.43 लाख हेक्टेयर कम है। कपास का रकबा भी लगभग स्थिर रहा और 108.45 लाख हेक्टेयर दर्ज किया गया, जो पिछले साल की तुलना में 0.28 लाख हेक्टेयर कम है।

जूट एवं मेस्ता का रकबा हालांकि 0.10 लाख हेक्टेयर बढ़कर 6.34 लाख हेक्टेयर हो गया है।

खरीफ फसलों का क्षेत्रफल — 21 अगस्त 2026 तक

क्र.फसलसामान्य क्षेत्रफल*2026-27 में बुवाई2025-26 में बुवाईपिछले वर्ष से बदलाव
1धान412.00405.10418.29-13.19
2कुल दलहन123.64113.63112.14+1.49
2aअरहर (Tur)44.3243.8643.44+0.42
2bउड़द (Urad)29.6024.3821.72+2.65
2cमूंग (Moong)35.4832.6833.93-1.25
2dकुल्थी (Kulthi)1.480.230.26-0.03
2eमोठ बीन (Moth Bean)9.699.229.17+0.05
2fअन्य दलहन3.073.273.63-0.36
3श्री अन्न एवं मोटे अनाज182.63176.36179.81-3.45
3aज्वार14.4413.4112.61+0.81
3bबाजरा70.9464.6863.33+1.35
3cरागी12.014.816.60-1.79
3dछोटे मिलेट्स4.473.953.98-0.03
3eमक्का80.7789.5193.30-3.79
4कुल तिलहन200.08188.37188.69-0.32
4aमूंगफली46.7948.7948.22+0.57
4bसोयाबीन128.71121.35122.76-1.41
4cसूरजमुखी1.201.100.61+0.49
4dतिल12.8810.819.39+1.42
4eनाइजरसीड1.010.330.22+0.11
4fअरंडी9.495.887.42-1.54
4gअन्य तिलहन0.120.07+0.04
5गन्ना54.2058.4458.87-0.43
6कुल जूट एवं मेस्ता6.396.346.23+0.10
7कपास125.51108.45108.73-0.28
कुल खरीफ क्षेत्रफल1,104.451,056.701,072.77-16.07

*सामान्य क्षेत्रफल: कृषि एवं किसान कल्याण विभाग (DA&FW) के अनुसार।
नोट: आंकड़े लाख हेक्टेयर में हैं। कुछ आंकड़ों में राउंडिंग के कारण कुल योग में मामूली अंतर हो सकता है।
स्रोत: कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार — All India Progressive Crop Area Sown Report, Kharif, as on August 21, 2026.

आपने उपरोक्त समाचार कृषक जगत वेबसाइट पर पढ़ा: हमसे जुड़ें
> नवीनतम कृषि समाचार और अपडेट के लिए आप अपने मनपसंद प्लेटफॉर्म पे कृषक जगत से जुड़े – गूगल न्यूज़व्हाट्सएप्प
> कृषक जगत अखबार की सदस्यता लेने के लिए यहां क्लिक करें – घर बैठे विस्तृत कृषि पद्धतियों और नई तकनीक के बारे में पढ़ें
> कृषक जगत ई-पेपर पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: E-Paper
> कृषक जगत की अंग्रेजी वेबसाइट पर जाने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: Global Agriculture