राज्य कृषि समाचार (State News)

कटनी में 2.37 लाख से अधिक किसानों की बनी फार्मर आईडी, अभियान में तेजी के निर्देश

01 सितंबर 2026, कटनी: कटनी में 2.37 लाख से अधिक किसानों की बनी फार्मर आईडी, अभियान में तेजी के निर्देश – मध्यप्रदेश के कटनी जिले में किसानों की फार्मर आईडी बनाने का अभियान लगातार जारी है। कलेक्टर आशीष तिवारी के निर्देश पर शासकीय दल किसानों के पास पहुंचकर उनकी फार्मर आईडी बनवाने की प्रक्रिया पूरी कर रहे हैं। जिले में अब तक 2 लाख 37 हजार 132 किसानों की फार्मर आईडी बनाई जा चुकी है। कलेक्टर ने सभी किसानों से फार्मर आईडी बनवाने की अपील करते हुए राजस्व अधिकारियों को अभियान में और तेजी लाने के निर्देश दिए हैं।

फार्मर आईडी किसानों के लिए एक विश्वसनीय डिजिटल पहचान के रूप में काम करेगी। यह किसानों के भूमि अभिलेख, पशुधन स्वामित्व, बोई गई फसल, खाद प्राप्त करने तथा विभिन्न शासकीय योजनाओं के तहत प्राप्त लाभ सहित किसान से संबंधित अलग-अलग जानकारियों से जुड़ी होगी। इससे कृषि संबंधी सेवाएं और योजनाओं का लाभ किसानों तक समय पर और अधिक पारदर्शी तरीके से पहुंचाने में मदद मिलेगी।

तहसीलवार इतनी फार्मर आईडी बनीं

जिले में फार्मर आईडी निर्माण की प्रगति के तहत बड़वारा तहसील में 23 हजार 696, बहोरीबंद में 33 हजार 28, बरही में 23 हजार 879, ढीमरखेड़ा में 35 हजार 405, कटनी शहरी में 14 हजार 220, कटनी मुड़वारा में 16 हजार 996, रीठी में 30 हजार 449, स्लीमनाबाद में 22 हजार 843 तथा विजयराघवगढ़ में 39 हजार 153 किसानों की फार्मर आईडी बनाई जा चुकी है।

किसानों के लिए डिजिटल पहचान का आधार

शासन के निर्देशानुसार किसान-केंद्रित डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर का ग्राम और किसान स्तर तक लगातार विस्तार किया जा रहा है। इसी क्रम में कृषि से संबंधित जानकारियां और सेवाएं किसानों को समय पर, व्यक्तिगत रूप से और विश्वसनीय तरीके से उपलब्ध कराने के उद्देश्य से आधार कार्ड की तरह फार्मर आईडी की शुरुआत की गई है। फार्मर आईडी बनने से किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ प्राप्त करने में सुविधा होगी। इसके अलावा फार्मर रजिस्ट्री के माध्यम से उपार्जन केंद्रों पर पंजीयन, किसान क्रेडिट कार्ड, फसल बीमा योजना तथा अन्य शासकीय योजनाओं के लिए सत्यापन की प्रक्रिया भी आसान होगी।

ऑनलाइन भी बनवा सकते हैं फार्मर आईडी

किसान ऑनलाइन फार्मर रजिस्ट्री बनाने के लिए शासन के पोर्टल का उपयोग कर सकते हैं। इसके अलावा गिरदावरी के लिए चिन्हित स्थानीय युवाओं, पटवारियों तथा कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) के माध्यम से भी फार्मर आईडी बनवाई जा सकती है। राजस्व विभाग द्वारा स्थानीय स्तर पर फार्मर रजिस्ट्री बनाने के लिए विशेष पहल की जा रही है। किसान अपने संबंधित पटवारी से संपर्क कर फार्मर आईडी के साथ आधार एवं भूमि रिकॉर्ड (ROR) संबंधी आवश्यक कार्यवाही भी पूरी करा सकते हैं।

फार्मर आईडी नहीं होने पर योजनाओं का लाभ प्रभावित होने की आशंका

प्रशासन ने किसानों से समय रहते फार्मर आईडी बनवाने की अपील की है। फार्मर आईडी नहीं बनने की स्थिति में आगामी प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की किस्त प्राप्त करने में परेशानी हो सकती है। इसके अलावा उपार्जन के लिए पंजीयन, फसल बीमा और अन्य शासकीय योजनाओं का लाभ लेने में भी कठिनाई आ सकती है। कलेक्टर आशीष तिवारी ने संबंधित अधिकारियों को अभियान को और प्रभावी बनाने तथा अधिक से अधिक किसानों की फार्मर आईडी तैयार कराने के निर्देश दिए हैं, ताकि जिले के सभी पात्र किसान डिजिटल किसान सेवाओं और शासकीय योजनाओं का लाभ सुगमता से प्राप्त कर सकें।

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