दमोह में किसानों की आय बढ़ाने पर जोर, 1.35 लाख हेक्टेयर तक सूक्ष्म सिंचाई का लक्ष्य
16 सितंबर 2026, दमोह: दमोह में किसानों की आय बढ़ाने पर जोर, 1.35 लाख हेक्टेयर तक सूक्ष्म सिंचाई का लक्ष्य – मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सरकार किसानों की आय बढ़ाने के लिए खेत से बाजार तक बेहतर व्यवस्थाएं विकसित करने पर काम कर रही है। दमोह जिले में खेती को बढ़ावा देने के साथ सिंचाई का रकबा बढ़ाने, फसल विविधीकरण, नई तकनीक, प्राकृतिक-जैविक खेती और पशुपालन जैसे क्षेत्रों पर जोर दिया जा रहा है। सरकार ने जिले में सूक्ष्म सिंचाई का रकबा बढ़ाकर 1.35 लाख हेक्टेयर तक करने का लक्ष्य रखा है।
मुख्यमंत्री मंगलवार को मंत्रालय से दमोह जिले में आयोजित बलराम कृषि महोत्सव को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि किसानों द्वारा मेहनत से पैदा किया गया अनाज सरकार के लिए अनमोल है। किसानों की आय बढ़ाना सरकार की प्राथमिकता है और इसके लिए खेती के साथ अन्य आयवर्धक गतिविधियों को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।
सिंचाई और नई फसलों पर जोर
मुख्यमंत्री ने बताया कि दमोह जिले में 86 प्रतिशत कृषि क्षेत्र सिंचित है। तेंदूखेड़ा में 165 करोड़ रुपए से अधिक की लागत से झापन नाला मध्यम सिंचाई परियोजना का काम किया जा रहा है। इससे दमोह जिले के 17 से अधिक गांवों की करीब 3,600 हेक्टेयर कृषि भूमि सिंचित होगी। इसके अलावा सतधरु मध्यम सिंचाई परियोजना, पारना जलाशय और दादपुर स्टाप डेम का निर्माण कार्य भी तेजी से किया जा रहा है।
उन्होंने किसानों से गेहूं, चना और धान के साथ हाई-वैल्यू फसलों की ओर बढ़ने, फसल विविधीकरण, नई तकनीक, उद्यानिकी, प्राकृतिक-जैविक खेती और नवाचार अपनाने का आह्वान किया। दमोह में अश्वगंधा की खेती को बढ़ावा देने के लिए 100 से अधिक किसानों को निःशुल्क बीज और कृषि प्रशिक्षण दिया गया है। अगले खरीफ सीजन में जिले में मखाने का उत्पादन भी शुरू किया जाएगा।
पशुपालन और मत्स्य पालन को भी बढ़ावा
दमोह में पशुपालन और डेयरी क्षेत्र को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। बीते एक साल में जिले में 9 नई दुग्ध सहकारी संस्थाएं पंजीकृत हुई हैं। क्षीरधारा ग्राम योजना के पहले चरण में जिले के 65 गांवों का चयन किया गया है। मुख्यमंत्री मछुआ समृद्धि योजना के तहत जिले में 14 स्वच्छ फिश पार्लर बनाए जा रहे हैं। प्राकृतिक और जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए जिले के सभी 7 विकासखंडों में जैविक एवं प्राकृतिक खेती हाट बाजार शुरू किए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि पशुपालन, डेयरी और मत्स्य पालन को ग्रामीण अर्थव्यवस्था का मजबूत आधार बनाया जा रहा है।
धान-ज्वार-बाजरा उपार्जन के लिए पंजीयन शुरू
मुख्यमंत्री ने किसानों को बताया कि न्यूनतम समर्थन मूल्य पर धान और ज्वार-बाजरा उपार्जन के लिए किसान पंजीयन 15 सितंबर से शुरू हो गया है, जो 10 अक्टूबर तक चलेगा। उन्होंने किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड की ऑनलाइन सुविधा की जानकारी देते हुए कहा कि अब किसान एक क्लिक में अपना क्रेडिट कार्ड बनवा सकते हैं।
मुख्यमंत्री ने दमोह के प्रगतिशील किसान खम्मन सिंह लोधी, समीर कुमार अहिरवाल और राम कुरेरिया सहित अन्य किसानों से संवाद कर उनकी खेती-किसानी की जानकारी भी ली। उन्होंने कहा कि केन-बेतवा राष्ट्रीय नदी जोड़ो परियोजना भी दमोह जिले के लिए महत्वपूर्ण साबित होगी।
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