राज्य कृषि समाचार (State News)

गुना में मक्के के स्टार्च से तैयार हो रहे इको-फ्रेंडली कैरी बैग, 180 दिन में हो जाते हैं पूरी तरह नष्ट    

08 अगस्त 2026, गुना: गुना में मक्के के स्टार्च से तैयार हो रहे इको-फ्रेंडली कैरी बैग, 180 दिन में हो जाते हैं पूरी तरह नष्ट – मध्यप्रदेश के गुना जिले के कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल ने गुरुवार को कुशमोदा स्थित जीके इंडस्ट्री का निरीक्षण कर मक्के के स्टार्च से निर्मित बायोडिग्रेडेबल कैरी बैग के उत्पादन की पूरी प्रक्रिया का अवलोकन किया। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण की दिशा में ऐसे उद्योग समय की आवश्यकता हैं और प्लास्टिक के विकल्प के रूप में बायोडिग्रेडेबल उत्पादों को बढ़ावा देना जरूरी है। उद्योग में मक्के के स्टार्च से निर्मित बैग लगभग 180 दिनों में प्राकृतिक रूप से नष्ट हो जाते हैं तथा पर्यावरण के लिए सुरक्षित हैं।

उत्पादन की पूरी प्रक्रिया का किया अवलोकन

निरीक्षण के दौरान कलेक्टर कन्याल ने रॉ-मैटेरियल यूनिट, मिक्सिंग यूनिट, कटिंग यूनिट, प्रिंटिंग यूनिट तथा पैकेजिंग यूनिट का बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने मशीनों के संचालन, रखरखाव एवं तकनीकी पहलुओं की जानकारी ली। साथ ही उत्पादन क्षमता, बाजार में मांग एवं आपूर्ति, विपणन व्यवस्था, प्लांट की लागत तथा स्थानीय स्तर पर उपलब्ध रोजगार के अवसरों के संबंध में भी विस्तृत जानकारी प्राप्त की। उन्होंने इस बात की सराहना की कि उत्पादन के दौरान बचने वाले मैटेरियल का पुनर्चक्रण कर दोबारा उपयोग किया जाता है।

गुना का उद्योग बना पर्यावरण संरक्षण का उदाहरण

कलेक्टर ने कहा कि बायोडिग्रेडेबल बैग पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक सराहनीय पहल हैं। उन्होंने बताया कि पहले हुई बैठकों के बाद उद्योग का उत्पादन बढ़ा है और अब इसके उत्पाद इंदौर नगर निगम क्षेत्र तक पहुंच रहे हैं। यह गुना के लिए गर्व का विषय है कि जिले का एक उद्यमी पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ स्थानीय लोगों को रोजगार भी उपलब्ध करा रहा है।

सरकारी योजनाओं और सोलर प्लांट की सराहना

निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने उद्योग को एमएसएमई योजना के तहत प्राप्त शासकीय सहायता एवं सब्सिडी की जानकारी ली और कहा कि शासन की योजनाओं का बेहतर उपयोग कर उद्योग ने उल्लेखनीय प्रगति की है। उन्होंने उद्योग परिसर में स्थापित सोलर प्लांट की भी सराहना करते हुए कहा कि ऊर्जा संरक्षण और उत्पादन दोनों को साथ लेकर चलने का यह उत्कृष्ट उदाहरण है। उद्योग में प्रतिदिन तीन शिफ्टों में कार्य किया जाता है तथा स्थानीय लोगों को रोजगार उपलब्ध कराया जा रहा है।

प्लास्टिक छोड़ें, बायोडिग्रेडेबल उत्पाद अपनाएं

कलेक्टर कन्याल ने जिलेवासियों से अपील की कि वे सिंगल यूज़ प्लास्टिक का उपयोग पूरी तरह बंद करें और उसकी जगह बायोडिग्रेडेबल एवं पर्यावरण अनुकूल उत्पादों को अपनाएं। उन्होंने कहा कि प्रशासन प्लास्टिक के विरुद्ध लगातार कार्रवाई कर रहा है, इसलिए जनसहभागिता के माध्यम से भी पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया जाना आवश्यक है। निरीक्षण के दौरान तहसीलदार मयंक तिवारी, उद्योग विभाग से अमित शर्मा, उद्योग प्रबंधन के प्रतिनिधि तथा अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

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