पंजाब में गन्ना किसानों को मशीनीकरण पर 40 प्रतिशत सब्सिडी, 12 जिले शामिल
27 सितंबर 2026, चंडीगढ़: पंजाब में गन्ना किसानों को मशीनीकरण पर 40 प्रतिशत सब्सिडी, 12 जिले शामिल – पंजाब सरकार ने गन्ना किसानों को आधुनिक खेती की तरफ ले जाने के लिए मशीनीकरण को बड़ा बढ़ावा देने का फैसला किया है। राज्य के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां ने बताया कि गन्ना कटाई मशीन, छोटे ट्रैक्टर, गन्ना रोपण मशीन और पेड़ी (रैटून) प्रबंधन उपकरणों की खरीद पर किसानों को 40 प्रतिशत तक सब्सिडी दी जाएगी।
यह सब्सिडी योजना फिलहाल राज्य के 12 जिलों में लागू की गई है, जिनमें अमृतसर, गुरदासपुर, होशियारपुर, जालंधर, शहीद भगत सिंह नगर, फतेहगढ़ साहिब, रूपनगर, एसएएस नगर, पटियाला, फाजिल्का, फरीदकोट और कपूरथला शामिल हैं। मंत्री खुड्डियां ने यह जानकारी गन्ने की खेती के रकबे की समीक्षा के दौरान दी।
डेमो प्लॉट पर भी मिलेगी नकद मदद
मशीनीकरण सब्सिडी के अलावा सरकार उन किसानों को अतिरिक्त प्रोत्साहन भी देगी जो प्रदर्शन प्लॉट (डेमो प्लॉट) तैयार करने के लिए आगे आएंगे। ऐसे किसानों को प्रति एकड़ 3,200 रुपये की सहायता राशि दी जाएगी, ताकि नई तकनीकों को खेत में सीधे परखा जा सके और आसपास के किसान भी इससे सीख सकें।
मंत्री खुड्डियां के अनुसार, राज्य में 2026-27 सीजन के दौरान गन्ने के रकबे में करीब 1,16,131 हेक्टेयर की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। सरकार का मानना है कि मशीनीकरण को बढ़ावा देने से न सिर्फ उत्पादन लागत घटेगी बल्कि मजदूरों की कमी की समस्या से भी निपटा जा सकेगा, क्योंकि गन्ना कटाई जैसा काम परंपरागत तरीके से बेहद मेहनत और समय मांगने वाला है।
क्यों जरूरी है यह कदम
पंजाब में गन्ना पारंपरिक रूप से गेहूं-धान चक्र से अलग एक नकदी फसल के तौर पर उगाया जाता रहा है, लेकिन मजदूरों की कमी और बढ़ती लागत के चलते कई किसान इससे मुंह मोड़ने लगे थे। मशीनीकरण सब्सिडी का मकसद इसी रुझान को पलटना और चीनी मिलों तक गन्ने की आपूर्ति को स्थिर बनाए रखना है। कृषि विभाग के अधिकारियों का कहना है कि जिन किसानों ने बीते सीजन में मशीनीकरण अपनाया, उन्हें कटाई के समय और मजदूरी की लागत में स्पष्ट राहत मिली है।
हालांकि योजना से जुड़े आवेदन की पूरी प्रक्रिया और अंतिम तारीख को लेकर अभी विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है। इच्छुक किसानों को सलाह दी जाती है कि वे अपने जिले के कृषि विभाग कार्यालय से संपर्क कर आवेदन प्रक्रिया की पुष्टि करें।
पंजाब देश के उन राज्यों में शामिल है जहां गन्ने की खेती कुछ खास जिलों तक सीमित रहती आई है, लेकिन राज्य सरकार अब इसका दायरा बढ़ाने की कोशिश कर रही है। मशीनीकरण सब्सिडी को इसी बड़ी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है, जिसका मकसद न सिर्फ मौजूदा गन्ना किसानों को राहत देना है बल्कि नए किसानों को भी इस फसल की तरफ आकर्षित करना है। सहकारी चीनी मिलों के अधिकारियों का मानना है कि अगर मशीनीकरण की रफ्तार बनी रही तो आने वाले वर्षों में गन्ने की पेराई क्षमता का बेहतर इस्तेमाल हो सकेगा।
कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, छोटे और मझोले किसानों के लिए महंगी मशीनें अकेले खरीदना अक्सर संभव नहीं होता, ऐसे में सब्सिडी की यह सुविधा उन्हें भी आधुनिक तकनीक अपनाने का मौका देगी। कृषि विभाग का कहना है कि जिन 12 जिलों में यह योजना लागू है, वहां आने वाले सीजन में मशीनीकरण से जुड़े आवेदनों की संख्या बढ़ने की उम्मीद है।
आपने उपरोक्त समाचार कृषक जगत वेबसाइट पर पढ़ा: हमसे जुड़ें
> नवीनतम कृषि समाचार और अपडेट के लिए आप अपने मनपसंद प्लेटफॉर्म पे कृषक जगत से जुड़े – गूगल न्यूज़, व्हाट्सएप्प
> कृषक जगत अखबार की सदस्यता लेने के लिए यहां क्लिक करें – घर बैठे विस्तृत कृषि पद्धतियों और नई तकनीक के बारे में पढ़ें
> कृषक जगत ई-पेपर पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: E-Paper
> कृषक जगत की अंग्रेजी वेबसाइट पर जाने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: Global Agriculture


