Ad DesktopAd TabletAd Mobile
राज्य कृषि समाचार (State News)

खरीफ सीजन से पहले कृषि उत्पादन आयुक्त के निर्देश, किसानों को लाभकारी फसलों की ओर करें प्रेरित

07 जून 2026, भोपाल: खरीफ सीजन से पहले कृषि उत्पादन आयुक्त के निर्देश, किसानों को लाभकारी फसलों की ओर करें प्रेरित – मध्यप्रदेश के कृषि उत्पादन आयुक्त अशोक बर्णवाल ने आगामी खरीफ सीजन को देखते हुए किसानों की आय बढ़ाने के लिए बाजार की मांग आधारित फसलों को प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कृषि, सहकारिता और उद्यानिकी विभाग की योजनाओं को प्रभावी ढंग से क्रियान्वित करने पर जोर देते हुए कहा कि किसानों को बेहतर गुणवत्ता की फसल उत्पादन के साथ उचित बाजार उपलब्ध कराया जाए, ताकि उनकी आय में वृद्धि हो सके। साथ ही प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए भी सभी कलेक्टरों को आवश्यक निर्देश दिए गए।

अशोक बर्णवाल शनिवार को सिंहस्थ मेला कार्यालय उज्जैन के सभागार में आयोजित संभागीय समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। बैठक में सहकारिता विभाग के प्रमुख सचिव डी.पी. आहूजा, किसान कल्याण विभाग के सचिव निशांत बरबड़े, आयुक्त उज्जैन आशीष सिंह सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी, कलेक्टर और जिला पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी मौजूद रहे।

किसानों को उन्नत तकनीक और नवाचार अपनाने की सलाह

बैठक में बर्णवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में किसानों की आय दोगुनी करने के लक्ष्य पर लगातार कार्य किया जा रहा है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों, नवाचारों और उद्यमिता से जोड़ने के लिए विशेष प्रयास किए जाएं। किसानों को उन्नत बीजों के उपयोग और अधिक उत्पादन देने वाली फसलों, विशेष रूप से पूसा अरहर जैसी किस्मों के बारे में जानकारी देकर उन्हें लाभकारी खेती के लिए प्रेरित किया जाए।

Ad DesktopAd TabletAd Mobile
Ad DesktopAd TabletAd Mobile

उद्यानिकी फसलों और फूड प्रोसेसिंग पर विशेष फोकस

कृषि उत्पादन आयुक्त ने कहा कि उद्यानिकी और खाद्य प्रसंस्करण से जुड़ी योजनाओं की जानकारी किसानों तक पहुंचाई जाए। उद्यानिकी फसलों से किसानों को बेहतर नकद आय प्राप्त होती है, इसलिए प्रत्येक जिले में एक-दो प्रमुख उद्यानिकी फसलों की पहचान कर उनके उत्पादन को बढ़ावा दिया जाए। साथ ही संबंधित खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों और विपणन व्यवस्था को भी विकसित किया जाए।

कृषक जगत को व्हाट्सएप पर फॉलो करें
खेती-किसानी की ताज़ा खबरें, सीधे आपके फ़ोन पर
चैनल फॉलो करें

समीक्षा के दौरान उज्जैन कलेक्टर रौशन कुमार सिंह ने आगामी सिंहस्थ महापर्व को ध्यान में रखते हुए फूलों की खेती का रकबा बढ़ाने और लगभग 250 हेक्टेयर क्षेत्र में फूलों की खेती कराने की योजना की जानकारी दी। इसके अलावा संभाग के विभिन्न जिलों में आलू, संतरा, अश्वगंधा, शतावरी, धनिया, प्याज, ड्रैगन फ्रूट, खीरा, तरबूज और चिया सीड्स जैसी फसलों के उत्पादन और विपणन को बढ़ावा देने के प्रयासों की जानकारी भी प्रस्तुत की गई।

कोल्ड स्टोरेज और राइपनिंग चैंबर बढ़ाने के निर्देश

बर्णवाल ने सभी जिलों में कोल्ड स्टोरेज और राइपनिंग चैंबर की क्षमता बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक जिले में कम से कम एक राइपनिंग चैंबर होना चाहिए, ताकि फलों को सुरक्षित और वैज्ञानिक तरीके से पकाया जा सके तथा उपभोक्ताओं को बेहतर गुणवत्ता के फल उपलब्ध हो सकें। उन्होंने फूड प्रोसेसिंग यूनिट्स को बढ़ावा देने और किसानों को योजनाओं की जानकारी देने के लिए शिविर आयोजित करने के भी निर्देश दिए।

सहकारिता से अधिक किसानों को जोड़ने पर जोर

सहकारिता विभाग की समीक्षा के दौरान कृषि उत्पादन आयुक्त ने कहा कि अधिक से अधिक किसानों को सहकारी समितियों से जोड़ा जाए। किसानों को समय पर ऋण, खाद-बीज और कृषि उपकरणों के लिए वित्तीय सहायता उपलब्ध कराना सहकारिता का प्रमुख उद्देश्य है। प्रमुख सचिव डी.पी. आहूजा ने बताया कि पैक्स समितियों के माध्यम से किसानों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के प्रयास किए जा रहे हैं।

प्रदेश में खाद की पर्याप्त उपलब्धता

बैठक में किसान कल्याण विभाग के सचिव निशांत बरबड़े ने बताया कि प्रदेश में यूरिया और एनपीके उर्वरकों का पर्याप्त भंडारण उपलब्ध है और किसी भी जिले में खाद की कमी नहीं है। किसानों को उनकी आवश्यकता के अनुसार खाद उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने बताया कि ई-विकास पोर्टल के माध्यम से किसानों का पंजीयन कर खाद वितरण की प्रक्रिया को और अधिक सुगम बनाया जा रहा है।

खाद वितरण केंद्रों पर बेहतर व्यवस्थाओं के निर्देश

अशोक बर्णवाल ने जिला कलेक्टरों को निर्देश दिए कि खाद वितरण केंद्रों पर किसानों के लिए बैठने, पेयजल और छाया जैसी मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं। उन्होंने कृषि अधिकारियों से कहा कि व्हाट्सएप और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से किसानों को फसलवार उर्वरक उपयोग और खाद उपलब्धता की जानकारी नियमित रूप से दी जाए।

इसके साथ ही उन्होंने फसल बीमा योजना से संबंधित शिकायतों का त्वरित निराकरण सुनिश्चित करने, खाद और बीज की उपलब्धता बनाए रखने तथा अवैध रूप से कीटनाशक, उर्वरक और नकली बीजों की बिक्री पर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए।

उद्यानिकी फसलों का अलग पंजीयन होगा

उद्यानिकी विभाग के आयुक्त एवं सह संचालक अरविंद कुमार दुबे ने सुझाव दिया कि उद्यानिकी फसलों का अलग से पंजीयन किया जाए और गिरदावरी के दौरान उनका पृथक उल्लेख किया जाए, ताकि वास्तविक आंकड़े उपलब्ध हो सकें। उन्होंने किसानों को उद्यानिकी फसलों से जोड़ने के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार अभियान चलाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।

बैठक में यह भी निर्देश दिए गए कि प्रत्येक जिले में राइपनिंग चैंबर स्थापित किए जाएं, कोल्ड स्टोरेज सुविधाओं का विस्तार किया जाए तथा उद्यानिकी फसलों को राजस्व रिकॉर्ड में अलग से दर्ज कर उनकी सटीक जानकारी सुनिश्चित की जाए। इन उपायों से किसानों को बेहतर बाजार, प्रसंस्करण सुविधाएं और आय के नए अवसर उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है। 

आपने उपरोक्त समाचार कृषक जगत वेबसाइट पर पढ़ा: हमसे जुड़ें
> नवीनतम कृषि समाचार और अपडेट के लिए आप अपने मनपसंद प्लेटफॉर्म पे कृषक जगत से जुड़े – गूगल न्यूज़, व्हाट्सएप्प
> कृषक जगत अखबार की सदस्यता लेने के लिए यहां क्लिक करें – घर बैठे विस्तृत कृषि पद्धतियों और नई तकनीक के बारे में पढ़ें
> कृषक जगत ई-पेपर पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: