राज्य कृषि समाचार (State News)

धान की सीधी बुवाई से किसान को फायदा, मजदूरी खर्च घटा और समय की हुई बचत  

09 जून 2026, भोपाल: धान की सीधी बुवाई से किसान को फायदा, मजदूरी खर्च घटा और समय की हुई बचत – आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाकर बालाघाट जिले के किसान खेती को अधिक लाभकारी और आसान बना रहे हैं। कटंगी विकासखंड के ग्राम टेकाड़ी-म के प्रगतिशील कृषक फत्तेराज क्षीरसागर इसका उत्कृष्ट उदाहरण हैं। उन्होंने 5.5 एकड़ भूमि में डायरेक्ट सीडेड राइस (डीएसआर) पद्धति से सुपर सीडर मशीन के माध्यम से धान की बुवाई कर नवाचार की नई मिसाल पेश की है।

 फत्तेराज क्षीरसागर ने बताया कि उन्होंने कृषि यंत्रीकरण को बढ़ावा देने के लिए विकसित जे-फार्म ऐप पर अपना पंजीयन कराया और सुपर सीडर मशीन की बुकिंग ऑनलाइन की। ऐप के माध्यम से प्राप्त बुकिंग को मशीन मालिक ने स्वीकृत किया, जिसके बाद निर्धारित समय पर मशीन उनके खेत तक पहुंच गई और धान की बुवाई का कार्य तेजी से पूरा हो गया। कृषि विस्ता र अधिकारी सुश्री वंदना धुर्वे सुपर सीडर से धान की बोनी के समय मौजूद रहकर मार्गदर्शन देती रहीं।

मजदूरी खर्च घटा और समय की हुई बचत  

परंपरागत धान रोपाई की तुलना में डीएसआर पद्धति से बुवाई करने पर उन्हें मजदूरी और अन्य कृषि कार्यों में काफी बचत हुई। जहां पहले रोपाई के लिए अधिक श्रमिकों और समय की आवश्यकता होती थी, वहीं सुपर सीडर मशीन की मदद से कम समय में पूरे 5.5 एकड़ क्षेत्र में बुवाई का कार्य संपन्न हो गया। इससे उनकी लागत में उल्लेखनीय कमी आई और समय की भी बचत हुई।

 किसान फत्तेराज का कहना है कि आधुनिक तकनीक और डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग खेती को अधिक सुविधाजनक बना रहा है। जे-फार्म ऐप के माध्यम से कृषि यंत्रों की उपलब्धता आसान हुई है, जिससे किसानों को समय पर मशीनें मिल रही हैं और कृषि कार्यों में तेजी आ रही है।कृषि विभाग के अधिकारियों के अनुसार डीएसआर पद्धति धान उत्पादन की एक उन्नत तकनीक है, जिससे पानी, श्रम और लागत की बचत होती है। साथ ही फसल की बेहतर बढ़वार और अधिक उत्पादन की संभावना भी रहती है।

 फत्तेराज क्षीरसागर जैसे किसान अन्य कृषकों के लिए प्रेरणा बन रहे हैं और यह साबित कर रहे हैं कि तकनीक का सही उपयोग खेती को अधिक लाभकारी बना सकता है। ग्राम टेकाड़ी-म में फत्तेराज क्षीरसागर द्वारा अपनाई गई यह पहल जिले में कृषि यंत्रीकरण और आधुनिक खेती को बढ़ावा देने की दिशा में एक सकारात्मक कदम मानी जा रही है।

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