राज्य कृषि समाचार (State News)

एक ग्राम गाय के गोबर में करोड़ों सूक्ष्म जीवाणु

प्राकृतिक खेती के लिए सर्वश्रेष्ठ

1 फरवरी 2023,  टीकमगढ़ ।  एक ग्राम गाय के गोबर में करोड़ों सूक्ष्म जीवाणु – प्राकृतिक खेती देशी गाय पर आधारित खेती है एक देशी गाय से किसान 30 एकड़ तक आसानी से प्राकृतिक खेती कर सकता है। डॉ. बी. एस. किरार ने बताया कि एक ग्राम गोबर में 300 से लेकर 500 करोड़ तक सूक्ष्म जीवाणु पाए जाते हैं। प्राकृतिक खेती में देशी गाय के गोमूत्र ओर गोबर से जीवामृत, घनजीवामृ, बीजामृत आदि बनाकर खेती में प्रयोग किया जाता है। इस खेती से लागत मेें भी कमी होना स्वाभाविक है बाजार में भी प्राकृतिक खेती के माध्यम से पैदा किये गये उत्पादों की कीमत भी दुगुनी प्राप्त होती है। केन्द्र के वैज्ञानिक डॉ. आर. के. प्रजापति ने बताया कि प्राकृतिक खेती के माध्यम से फल-सब्जी की खेती बहुत अच्छे तरीके से की जा सकती है तथा इनकी गुणवत्ता भी अच्छी होती है।

प्राकृतिक रूप से खेती द्वारा हम फल वृक्ष एवं सब्जी की खेती में प्राकृतिक कृषि के महत्वपूर्ण घटक आच्छादन के माध्यम से हम खरपरतवारों को रोकने के साथ ही पानी की आवश्यकता बहुत कम कर सकते हैं।

कृषि विज्ञान केन्द्र टीकमगढ़ द्वारा प्राकृतिक खेती परियोजना में प्राकृतिक खेती पर केन्द्र के प्रधान वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ. बी. एस. किरार एवं वैज्ञानिक डॉ. आर. के. प्रजापति तथा डॉ. आई. डी. सिंह द्वारा प्रशिक्षण दिया गया। कार्यक्रम में सरपंच लक्ष्मीनारायण राजपूत एवं मिथिलेश राजपूत तथा किसानों ने भाग लिया। केन्द्र के प्रधान वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ बी. एस. किरार ने बताया कि प्राकृतिक खेती अपनाने से किसानों की खेती की लागत में कमी आएगी तथा समाज में फैल रही प्राण घातक बीमारियों से बचा जा सकेगा।

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