नकली और घटिया बीजों पर लगेगी लगाम, नए बीज कानून की तैयारी
किसानों के अधिकारों की सुरक्षा के साथ कंपनियों की जवाबदेही तय करने पर जोर
नए कानून में कड़े दंड का प्रस्ताव
13 सितंबर 2026, भोपाल: नकली और घटिया बीजों पर लगेगी लगाम, नए बीज कानून की तैयारी – किसानों को नकली, मिलावटी और घटिया गुणवत्ता वाले बीजों से होने वाले नुकसान से बचाने के लिए केंद्र सरकार नए बीज कानून की दिशा में आगे बढ़ रही है। प्रस्तावित कानून को लेकर केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने नई दिल्ली स्थित कृषि भवन में देशभर के किसान संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ व्यापक विचार-विमर्श किया। बैठक में किसानों के अधिकार, पारंपरिक बीजों के संरक्षण, बीज की गुणवत्ता, निजी कंपनियों की जवाबदेही तथा नकली बीजों की बिक्री पर प्रभावी कार्रवाई जैसे विषयों पर किसान प्रतिनिधियों से सुझाव लिए गए।
कृषि मंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार इस कानून को जल्दबाजी में लागू करने के पक्ष में नहीं है। विभिन्न किसान संगठनों और अन्य हितधारकों से प्राप्त सुझावों पर गंभीरता से विचार करने के बाद ही अंतिम रूप दिया जाएगा। सरकार का प्रयास है कि ऐसा प्रभावी कानून बने, जिससे किसानों को गुणवत्तापूर्ण बीज उपलब्ध हों और नकली बीज बेचने वालों पर कड़ी कार्रवाई हो। साथ ही किसानों के पारंपरिक बीजों के उपयोग, संरक्षण और आपसी आदान-प्रदान के अधिकार सुरक्षित रहें। पुराने कानून में बदलाव की जरूरत
देश में बीजों से संबंधित प्रमुख कानूनी व्यवस्था फिलहाल बीज अधिनियम, 1966 और बीज नियंत्रण आदेश, 1983 पर आधारित है। पिछले कई दशकों में कृषि क्षेत्र, बीज उत्पादन, निजी क्षेत्र की भागीदारी और तकनीक में बड़े बदलाव आए हैं। ऐसे में सरकार मौजूदा व्यवस्था की कमियों को दूर करने के लिए नए कानून की जरूरत महसूस कर रही है।
बताया गया है कि वर्तमान कानून के औपचारिक दायरे से लगभग 70 प्रतिशत बीज बाहर हैं। इसके कारण कुछ मामलों में नकली अथवा घटिया बीज बेचने वालों की जवाबदेही तय करना कठिन हो जाता है। नए कानून के माध्यम से इस व्यवस्था को अधिक व्यापक और प्रभावी बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
18 हजार से अधिक सुझाव मिले
‘विकसित कृषि संकल्प अभियान’ के दौरान प्राप्त सुझावों के बाद सरकार ने नवंबर-दिसंबर 2025 में प्रस्तावित बीज कानून पर सार्वजनिक सुझाव आमंत्रित किए थे। इस प्रक्रिया में 18 हजार से अधिक सुझाव और प्रतिक्रियाएं प्राप्त हुईं। सरकार अब इन सुझावों का अध्ययन कर कानून के प्रस्तावित प्रावधानों को और बेहतर बनाने की दिशा में काम कर रही है। नए कानून में नियमों के उल्लंघन पर अधिक प्रभावी दंड व्यवस्था का भी प्रस्ताव है। अपराधों को उनकी गंभीरता के आधार पर अलग-अलग श्रेणियों में रखने पर विचार किया जा रहा है। छोटी चूक के मामले में पहली बार चेतावनी तथा दोबारा उल्लंघन पर अधिक जुर्माने का प्रावधान हो सकता है। वहीं नकली अथवा घटिया बीज से किसानों को गंभीर नुकसान पहुंचाने वाले मामलों में कड़ी कार्रवाई का प्रावधान रखने पर जोर है।
हालांकि दंड संबंधी प्रावधानों का अंतिम स्वरूप कानून के अंतिम मसौदे और संसद में होने वाली विधायी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा। सरकार का मूल उद्देश्य किसानों को बीज की गुणवत्ता को लेकर भरोसा देना और बीज कारोबार में जवाबदेही की व्यवस्था को मजबूत करना है।
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