इंदौर में फसल अवशेषों से बन रही CNG और जैविक खाद, कृषि अधिकारी ने बायो एनर्जी प्लांट का किया निरीक्षण
17 सितंबर 2026, इंदौर: इंदौर में फसल अवशेषों से बन रही CNG और जैविक खाद, कृषि अधिकारी ने बायो एनर्जी प्लांट का किया निरीक्षण – मध्यप्रदेश के इंदौर जिले में फसल अवशेषों के बेहतर उपयोग की दिशा में पहल की जा रही है। इसी क्रम में संयुक्त संचालक किसान कल्याण तथा कृषि विकास संभाग इंदौर जितेंद्र सिंह ने मंगलवार को विकासखंड सांवेर के ग्राम डकाच्या स्थित रिलायंस इंडस्ट्रीज के बायो एनर्जी प्लांट का भ्रमण किया। उन्होंने प्लांट की कार्यप्रणाली, फसल अवशेषों से सीएनजी गैस के उत्पादन और जैविक खाद तैयार करने की प्रक्रिया का अवलोकन किया। प्लांट के वाइस प्रेसिडेंट राजेंद्र सिंह और प्लांट मैनेजर सत्यम यादव ने उन्हें प्लांट की विभिन्न गतिविधियों की जानकारी दी।
किसानों के खेतों से जुटाए जाते हैं फसल अवशेष
प्लांट के पदाधिकारियों ने बताया कि मालवा-निमाड़ क्षेत्र में गेहूं, मक्का, सोयाबीन सहित अन्य फसलों की कटाई के बाद खेतों में बचे फसल अवशेषों का एकत्रीकरण किया जाता है। कंपनी इन अवशेषों को अपने खर्च पर किसानों के खेतों से एकत्र कर बायो एनर्जी प्लांट तक पहुंचाती है। इसके बाद इन फसल अवशेषों का उपयोग सीएनजी गैस के उत्पादन में किया जाता है।
गैस उत्पादन के बाद तैयार होती है जैविक खाद
प्लांट में गैस उत्पादन की प्रक्रिया के बाद बाय-प्रोडक्ट के रूप में ठोस और तरल, दो प्रकार की जैविक खाद प्राप्त होती है। इन खादों का उपयोग किसानों के खेतों में किया जा सकता है और कृषि उपयोग के लिए इनका वितरण भी किया जाता है। इस तरह फसल अवशेषों का इस्तेमाल ऊर्जा उत्पादन के साथ जैविक खाद तैयार करने में भी किया जा रहा है।
नरवाई जलाने की समस्या को कम करने में मदद
संयुक्त संचालक जितेंद्र सिंह ने कहा कि फसल अवशेषों का वैज्ञानिक और व्यवस्थित प्रबंधन किसानों के लिए उपयोगी होने के साथ पर्यावरण संरक्षण के लिए भी महत्वपूर्ण है। खेतों में फसल अवशेष जलाने से होने वाले प्रदूषण और नरवाई जलाने की समस्या को नियंत्रित करने में इस तरह की पहल प्रभावी भूमिका निभा सकती है।
उन्होंने कहा कि फसल अवशेषों के बेहतर प्रबंधन के लिए किसानों को जागरूक करने और उपलब्ध तकनीकों का अधिक से अधिक उपयोग सुनिश्चित करने की दिशा में कृषि विभाग आवश्यक सहयोग देगा। उन्होंने किसानों, कृषि विभाग और बायो एनर्जी क्षेत्र से जुड़े संस्थानों के बीच बेहतर समन्वय से फसल अवशेषों के उपयोग को बढ़ावा देने की बात कही।
भ्रमण के दौरान कृषि विस्तार एवं प्रशिक्षण केंद्र इंदौर के प्राचार्य एस.आर. चौहान, कृषि विस्तार अधिकारी श्रीमती पूजा वर्मा और कृषि विस्तार अधिकारी सांवेर अरविंद गुर्जर सहित कृषि विज्ञान केंद्र इंदौर एवं रिलायंस इंडस्ट्रीज के अधिकारी और अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।
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