मध्यप्रदेश के सात जिलों में अनेक स्थानों पर वर्षा की संभावना
17 सितंबर 2026, इंदौर: मध्यप्रदेश के सात जिलों में अनेक स्थानों पर वर्षा की संभावना – मौसम केंद्र , भोपाल से मिली जानकारी के अनुसार पिछले 24 घंटों के दौरान मध्यप्रदेश के रीवा संभाग के जिलों में अनेक स्थानों पर; शहडोल, सागर संभागों के जिलों में कुछ स्थानों पर; भोपाल, इंदौर, उज्जैन , ग्वालियर , चंबल, जबलपुर संभागों के जिलों में कहीं -कहीं वर्षा दर्ज़ की गई एवं शेष संभाग के जिलों में मौसम मुख्यतः शुष्क रहा। 1 जून से 17 सितंबर तक दीर्घावधि औसत से मध्यप्रदेश में – 2 % कम वर्षा हुई है। पूर्वी मप्र में औसत से – 2 % तथा पश्चिमी मप्र में औसत से -11 % कम वर्षा हुई है।
वर्षा के प्रमुख आंकड़े – भीकनगांव 22.0, खैरलांजी 21.2, अमरकंटक 20.0, नैनपुर 19.4, हट्टा 19.2, मुंगावली 19.0, वारासिवनी 18.3, चितरंगी 18.2, सिरमौर 18.0, सेम रिया 17.0, बटियागढ़ 15.0, दमोह 15.0, पवई 15.0, झिरन्या 14.0, करांजिया 12.3, रहली 12.2, नईगढ़ी 12.0, मझगांव 12.0, देवसर 11.8, नौरोजाबाद 11.2, अमरपाटन 11.0, सागर 11.0, जैसो 11.0, पनागर 10.6, सीहोर 10.2, कोलार 9.4, नागौद 9.0, पाली 8.4, सिंगरौली 8.2, अटेर 8.0, देवास 8.0, सिहोरा 8.0, पंधाना 8.0, अरेरा हिल्स 7.0, बागली 7.0, बिलहरी 7.0, सरई 6.2, कटनी 6.0, उंचेहरा 6.0, खर गोन 5.6, बाड़ी 5.5, माड़ा 5.2, पथरिया 5.0, गोहपारु 5.0, अमरपुर 4.2, पन्ना 4.2, गुन्नौर 4.2, लवकुशनगर 4.0, खंडवा 4.0, शाहगढ़ 4.0, आष्टा 4.0, बुढ़ार 4.0, बरहाई 3.4, हर्राई 3.2, अंबाह 3.2, गौरीहार 3.0, कुक्षी 3.0, रायपुर कर्चुलियान 3.0, बीरसिंहपुर 3.0, जावर 3.0, बिजुरी 2.8, सीधी 2.8, अजयगढ़ 2.2, मानपुर 2.2, पठारी 2.2, िभंड 2.0, पटेरा 2.0, टोंकखुद 2.0, िडंडोरी 2.0, रीठी 2.0, बरही 2.0, रायपुरा 2.0, मनगवां 2.0, त्योंथर 2.0, खुरई 2.0, सोहागपुर-शहडोल 2.0, मलाजखंड 1.4, तमिया 1.0, स्लीमानाबाद 1.0, मऊगंज 1.0, देवरी- सागर 1.0, मोहनगढ़ 1.0, भोपाल 0.8, सोहावल 0.7, सिलवानी 0.4, और गढ़ाकोटा में 0.3 मिमी वर्षा दर्ज़ की गई।
मौसमी परिस्थितियां – 19 सितंबर , 2026 के आसपास पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों से दक्षिण -पश्चिम मानसून की वापसी के लिए परिस्थिति अनुकूल हो रही है। कम दबाव का क्षेत्र सौराष्ट्र और उससे लगे उत्तर -पूर्व अरब सागर के ऊपर बना हुआ है। चक्रवाती परिसंचरण भी मध्य समुद्र तल से 5.8 किमी की ऊंचाई तक फैला हुआ है। मानसून ट्रफ, मध्य समुद्र तल पर अब सौराष्ट्र और उससे लगे उत्तर -पूर्व अरब सागर के कम दबाव के क्षेत्र के केंद्र , बीकानेर, रोहतक, बरेली, बस्ती , देहरी, रांची, दीघा और वहां से दक्षिण -पूर्व की ओर उत्तर -पूर्व बंगाल की खाड़ी तक गुजर रही है। ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण उसी क्षेत्र में , उत्तर थाईलैंड के ऊपर बना हुआ है। इसके 18 सितंबर की शाम के आसपास उत्तर अंडमान सागर में उभरने की संभावना है और इसके प्र भाव से 19 सितंबर 2026 की शाम के आसपास उसी क्षेत्र में एक कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है। इसके बाद, इसके धीरे-धीरे तीव्र होने और अगले 3-4 दिनों के दौरान पश्चिम -उत्तर -पश्चिम की ओर दक्षिण ओडिशा – उत्तर आंध्रप्रदेश तटों की ओर बढ़ने की संभावना है। ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण , उत्तर हरियाणा और आसपास के क्षेत्रों के ऊपर बना अब पश्चिम उत्तर प्रदेश और आसपास के क्षेत्र के ऊपर स्थित है। पश्चिमी विक्षोभ , हिमाचल प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों के ऊपर एक चक्रवाती परिसंचरण के रूप में स्थित है।
पूर्वानुमान – मौसम केंद्र ने राजगढ़, बैतूल, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, खरगोन , बड़वानी, आलीराजपुर, झाबुआ, धार, इंदौर, रतलाम, उज्जैन , देवास, शाजापुर, आगर, मंदसौर, नीमच जिलों में कहीं -कहीं ,भोपाल, विदिशा , रायसेन, सीहोर, नर्मदापुरम, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी , ग्वालियर , दतिया , भिंड , मुरैना, श्योपुरकलां, सतना, उमरिया , कटनी, जबलपुर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी , मंडला, बालाघाट, पन्ना , दमोह, सागर, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी , मैहर और पांढुर्ना जिलों में कुछ स्थानों पर तथा सिंगरौली , सीधी, रीवा, मऊगंज, अनुपपुर, शहडोल और डिंडोरी जिलों में अनेक स्थानों पर वर्षा होगी या गरज -चमक के साथ बौछारें पड़ेंगी । कई जिलों में कहीं -कहीं झंझावात / वज्रपात एवं झोंकेदार हवाएं (30-40 किमी /घंटा ) चलने की संभावना है।
आपने उपरोक्त समाचार कृषक जगत वेबसाइट पर पढ़ा: हमसे जुड़ें
> नवीनतम कृषि समाचार और अपडेट के लिए आप अपने मनपसंद प्लेटफॉर्म पे कृषक जगत से जुड़े – गूगल न्यूज़, व्हाट्सएप्प
> कृषक जगत अखबार की सदस्यता लेने के लिए यहां क्लिक करें – घर बैठे विस्तृत कृषि पद्धतियों और नई तकनीक के बारे में पढ़ें
> कृषक जगत ई-पेपर पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: E-Paper
> कृषक जगत की अंग्रेजी वेबसाइट पर जाने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: Global Agriculture

