राज्य कृषि समाचार (State News)

मैहर जिले में फसल अवशेष या नरवाई जलाने पर प्रतिबंध  

23 अप्रैल 2026, मैहर: मैहर जिले में फसल अवशेष या नरवाई जलाने पर प्रतिबंध – नरवाई से आग लगने की होने वाली घटनाओं, सार्वजनिक संपत्ति की सुरक्षा और पर्यावरणीय क्षति को रोकने के उद्देश्य से कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट मैहर श्रीमती  विदिशा मुखर्जी के निर्देशानुसार मैहर जिले के अमरपाटन, मैहर और रामनगर के उपखण्ड मजिस्ट्रेट द्वारा अपने-अपने क्षेत्रों में भारतीय नागरिक सुरक्षा 2023 की धारा 163 के तहत चतुर्दिक राजस्व सीमा में फसल अवशेष, नरवाई को जलाने पर लगे प्रतिबंध को सख्ती से पालन करने के निर्देश जारी किये गये हैं। प्रतिबंधात्मक आदेश के उल्लंघन पर संबंधित के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता के प्रावधानों के तहत कार्यवाही की जायेगी।

सभी संबंधित उपखण्ड मजिस्ट्रेट मैहर, अमरपाटन और रामनगर द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि मध्यप्रदेश शासन पर्यावरण विभाग की अधिसूचना द्वारा पर्यावरण सुरक्षा के लिए माननीय नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के निर्देश के क्रम में वायु प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण अधिनियम 1981 के तहत प्रदेश में धान और गेहूं फसल की कटाई के उपरांत फसल अवशेषों को खेतों में जलाने को प्रतिबंधित किया गया है। इसी क्रम में कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट मैहर के 9 मार्च 2026 को जारी आदेशानुसार नरवाई में आग लगाने की घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण रखने पर जन सामान्य के हित सार्वजनिक संपत्ति की सुरक्षा पर्यावरण की हानि को रोकने और लोक व्यवस्था बनाये रखने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश पारित किया गया है।

इन निर्देशों के पालन में तहसील अमरपाटन, मैहर और रामनगर के समस्त हल्का पटवारियों को उपखण्ड मजिस्ट्रेट ने निर्देशित किया है कि अपने-अपने पटवारी हल्का के अंतर्गत पराली नरवाई में आग लगने की संबंधी घटनाओं को तत्काल जांच कृषि विस्तार अधिकारी के साथ संयुक्त रूप से करते हुए जांच प्रतिवेदन संबंधित तहसीलदार, नायब तहसीलदार के समक्ष प्रस्तुत करें।

आपने उपरोक्त समाचार कृषक जगत वेबसाइट पर पढ़ा: हमसे जुड़ें
> नवीनतम कृषि समाचार और अपडेट के लिए आप अपने मनपसंद प्लेटफॉर्म पे कृषक जगत से जुड़े – गूगल न्यूज़व्हाट्सएप्प
> कृषक जगत अखबार की सदस्यता लेने के लिए यहां क्लिक करें – घर बैठे विस्तृत कृषि पद्धतियों और नई तकनीक के बारे में पढ़ें
> कृषक जगत ई-पेपर पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: E-Paper
> कृषक जगत की अंग्रेजी वेबसाइट पर जाने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: Global Agriculture

Advertisements