बालाघाट: जिला स्तरीय दल ने 21 गांवों में किया फसलों का निरीक्षण, किसानों को जैविक-रासायनिक उपचार की दी सलाह
20 सितंबर 2026, बालाघाट: बालाघाट: जिला स्तरीय दल ने 21 गांवों में किया फसलों का निरीक्षण, किसानों को जैविक-रासायनिक उपचार की दी सलाह – मध्यप्रदेश के बालाघाट जिले में धान की फसल में माहू एवं जीवाणु जनित झुलसा सहित अन्य कीट-रोगों के प्रकोप को देखते हुए कृषि विभाग ने मैदानी स्तर पर निगरानी तेज कर दी है। उप संचालक कृषि फूलसिंह मालवीय द्वारा गठित जिला स्तरीय संयुक्त दल ने लांजी क्षेत्र के 21 गांवों में धान, अरहर और उद्यानिकी फसलों का निरीक्षण कर किसानों को फसल सुरक्षा के संबंध में आवश्यक सलाह दी।
खेतों में पहुंचकर फसलों की स्थिति देखी
दल प्रमुख एवं अनुविभागीय कृषि अधिकारी लांजी राजेश खोबरागड़े के नेतृत्व में वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी कुलदीप गणवीर, कृषि विकास अधिकारी अमित नारनौरे तथा कृषि विस्तार अधिकारी विनय प्रकाश बागड़े और कृष्ण कुमार खरे ने खेतों का भ्रमण किया। इस दौरान धान की फसल में माहू और विभिन्न रोगों की स्थिति का अवलोकन किया गया। अधिकारियों ने किसानों को कीट एवं रोग की स्थिति के अनुसार जैविक और आवश्यकता पड़ने पर रासायनिक उपचार अपनाने की सलाह दी। जैविक उपचार के लिए नीमास्त्र, ब्रह्मास्त्र और अग्निअस्त्र जैसे अर्क के उपयोग की जानकारी भी दी गई।
BRC से ले सकते हैं जैविक दवाएं
किसानों को बताया गया कि जैविक दवाओं के लिए वे अपने नजदीकी बायो रिसोर्स सेंटर (BRC) कालीमाटी, करेगजा, बाघाटोला, मनेरी, नेवरवाही और अंधियाटोला से संपर्क कर सकते हैं। किसानों से फसलों की नियमित निगरानी करने और कीट या रोग का प्रकोप दिखाई देने पर तत्काल कृषि विभाग के मैदानी अमले से संपर्क करने की अपील की गई। अधिकारियों ने धान में यूरिया का अत्यधिक उपयोग नहीं करने और खेतों में आवश्यकता के अनुसार जल निकासी बनाए रखने की सलाह दी। साथ ही कृषि विभाग के परामर्श के बाद ही कृषि केंद्रों से कीटनाशक या रोगनाशक दवाएं खरीदने तथा दवा लेते समय पक्का बिल प्राप्त करने को कहा।
21 गांवों में किया गया निरीक्षण
कृषि विभाग के मैदानी अमले ने 17 सितंबर को बहेला, कटंगी ब, घंसा, मोहारा, कालीमाटी, नंदोरा, घोटी, केरेगांव, अमेड़ा ब, वारी, डोंगरगांव, दिघोरी, सिहारी, आवा-चुरली, भानेगांव, चिखलामाली, मोहझरी, कुम्हारीकला, पाथरगांव, दुल्हापुर और खर्रेगांव का भ्रमण कर फसलों का निरीक्षण किया। विभाग सीमित मैदानी अमले के बावजूद अधिक से अधिक गांवों को प्रतिदिन कवर कर किसानों को मौके पर सलाह देने का प्रयास कर रहा है।
अरहर में इल्ली का प्रकोप मिला
निरीक्षण के दौरान लांजी के उन्नतशील किसान योगेश रामटेककर के करीब एक हेक्टेयर क्षेत्र में कतारबद्ध तरीके से लगाई गई अरहर की फसल का भी निरीक्षण किया गया। फसल में आर्मीवर्म (इल्ली) का प्रभाव पाया गया। संयुक्त दल ने किसान को जैविक और आवश्यकता के अनुसार रासायनिक उपचार की सलाह दी। कतारबद्ध पद्धति से अरहर की खेती करने के लिए दल ने किसान की सराहना की और अन्य किसानों को भी उन्नत कृषि तकनीक अपनाने के लिए प्रेरित किया।
फसल विविधीकरण को दिया बढ़ावा
नीमटोला लांजी निवासी उन्नतशील किसान गुलाबचंद बड़गैया के खेतों का भी निरीक्षण किया गया। वे बहुफसलीय खेती और फसल विविधीकरण अपना रहे हैं। उनके खेत में बैंगन, भिंडी, सुरन, अरबी, गेंदा और आम सहित विभिन्न फसलें लगी हैं। कृषि विभाग के अधिकारियों ने कहा कि फसल विविधीकरण से किसानों को अलग-अलग फसलों से आय प्राप्त करने के अवसर मिलते हैं। विभाग ने ऐसे उन्नतशील किसानों की सराहना करते हुए अन्य किसानों को भी विविधीकृत और उन्नत कृषि पद्धतियां अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया।
आपने उपरोक्त समाचार कृषक जगत वेबसाइट पर पढ़ा: हमसे जुड़ें
> नवीनतम कृषि समाचार और अपडेट के लिए आप अपने मनपसंद प्लेटफॉर्म पे कृषक जगत से जुड़े – गूगल न्यूज़, व्हाट्सएप्प
> कृषक जगत अखबार की सदस्यता लेने के लिए यहां क्लिक करें – घर बैठे विस्तृत कृषि पद्धतियों और नई तकनीक के बारे में पढ़ें
> कृषक जगत ई-पेपर पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: E-Paper
> कृषक जगत की अंग्रेजी वेबसाइट पर जाने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: Global Agriculture

