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राज्य कृषि समाचार (State News)

कृषि विज्ञान केंद्र सिवनी में स्थापित हुआ स्वचालित मौसम स्टेशन

किसानों को मिलेगी सटीक एवं समयबद्ध मौसम जानकारी

20 जून 2026, सिवनी: कृषि विज्ञान केंद्र सिवनी में स्थापित हुआ स्वचालित मौसम स्टेशन –  किसान कल्याण वर्ष 2026 के अंतर्गत जिले के किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों से जोड़ने एवं मौसम आधारित कृषि को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए कृषि विज्ञान केंद्र सिवनी के प्रक्षेत्र में भारत मौसम विज्ञान विभाग, पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय, नई दिल्ली द्वारा एग्रो ऑटोमेटिक वेदर स्टेशन (स्वचालित मौसम स्टेशन) स्थापित किया गया है। यह उन्नत मौसम निगरानी प्रणाली शीघ्र ही सिवनी जिले के किसानों को सटीक, विश्वसनीय एवं वास्तविक समय पर मौसम संबंधी जानकारी उपलब्ध कराएगी।

कृषि विज्ञान केंद्र सिवनी के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ. शेखर सिंह बघेल ने जानकारी देते हुए बताया कि कृषि कार्यों की सफलता काफी हद तक मौसम पर निर्भर करती है। बदलते जलवायु परिदृश्य और अनिश्चित मौसम परिस्थितियों के बीच किसानों को समय पर सही मौसम जानकारी उपलब्ध कराना अत्यंत आवश्यक हो गया है। इसी उद्देश्य से कृषि विज्ञान केंद्र सिवनी में स्वचालित मौसम स्टेशन स्थापित किया गया है। उन्होंने बताया कि स्वचालित मौसम स्टेशन एक अत्याधुनिक मौसम निगरानी प्रणाली है, जो बिना किसी मानवीय हस्तक्षेप के विभिन्न मौसमीय मानकों का स्वचालित रूप से मापन एवं विश्लेषण करती है। यह प्रणाली तापमान, वायुमंडलीय आर्द्रता, वर्षा की मात्रा, हवा की गति एवं दिशा, सौर विकिरण तथा अन्य महत्वपूर्ण मौसमीय आंकड़ों को लगातार रिकॉर्ड कर वास्तविक समय में डेटा उपलब्ध कराती है।

डॉ. बघेल ने बताया कि इस प्रणाली में उच्च गुणवत्ता वाले सेंसर, डेटा लॉगर तथा संचार मॉड्यूल स्थापित किए गए हैं। सेंसर विभिन्न मौसमीय मापदंडों का सटीक आकलन करते हैं, जबकि डेटा लॉगर इन आंकड़ों को सुरक्षित रूप से संग्रहित करता है। इसके साथ ही संचार मॉड्यूल सेलुलर नेटवर्क के माध्यम से संकलित आंकड़ों को केंद्रीय सर्वर तक भेजता है, जिससे विशेषज्ञों एवं किसानों को समय पर मौसम संबंधी जानकारी उपलब्ध हो सकेगी। उन्होंने बताया कि स्वचालित मौसम स्टेशन से प्राप्त आंकड़ों के आधार पर जिले के किसानों को मौसम आधारित कृषि परामर्श जारी किए जा सकेंगे। इससे किसानों को बुवाई, सिंचाई, उर्वरक प्रबंधन, कीटनाशक छिड़काव तथा फसल कटाई जैसे महत्वपूर्ण कृषि कार्यों की बेहतर योजना बनाने में सहायता मिलेगी।

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इसके अलावा, अत्यधिक वर्षा, सूखा, ओलावृष्टि, तेज हवाओं अथवा अन्य प्रतिकूल मौसम परिस्थितियों की पूर्व जानकारी मिलने से किसान समय रहते आवश्यक सावधानियां अपनाकर फसलों को होने वाले नुकसान को कम कर सकेंगे। मौसम पूर्वानुमान आधारित कृषि प्रबंधन से उत्पादन लागत में कमी आएगी तथा उत्पादकता एवं आय में वृद्धि होने की संभावना भी बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन के इस दौर में आधुनिक तकनीक आधारित कृषि सेवाएं किसानों के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध हो रही हैं। कृषि विज्ञान केंद्र सिवनी में स्थापित यह स्वचालित मौसम स्टेशन जिले में वैज्ञानिक एवं तकनीक आधारित खेती को बढ़ावा देने के साथ-साथ किसानों को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

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कृषि विज्ञान केंद्र सिवनी द्वारा आगामी समय में स्वचालित मौसम स्टेशन से प्राप्त आंकड़ों के आधार पर किसानों को नियमित रूप से मौसम संबंधी परामर्श उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे वे मौसम की अनिश्चितताओं का बेहतर ढंग से सामना कर सकें और अपनी कृषि गतिविधियों को अधिक लाभकारी बना सकें।

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