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राज्य कृषि समाचार (State News)

राजस्थान में फसल बीमा के एक करोड़ 50 लाख किसानों को 17 हजार करोड़ की राशि वितरित

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के प्रचार रथों को किया रवाना

24 दिसम्बर 2022, जयपुर । राजस्थान में फसल बीमा के एक करोड़ 50 लाख किसानों को 17 हजार करोड़ की राशि वितरित  – कृषि मंत्री श्री लालचंद कटारिया ने कहा कि राज्य के नवाचारों का निरंतर प्रचार-प्रसार एवं किसानों को समय पर बीमा क्लेम का भुगतान करने से प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की लोकप्रियता में निरंतर वृद्धि हुई है। राज्य में खरीफ 2021 व रबी 2021-22 एवं खरीफ 2022 में 4 करोड़ 50 लाख फसल बीमा पॉलिसियों का वितरण किया गया है।

कृषि मंत्री जयपुर जिले के कवर का बास गांव में फसल बीमा योजना के प्रचार-प्रसार के रथों को हरी झंडी दिखा कर रवाना करते समय उपस्थित किसानों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि योजना के अंतर्गत राज्य में अनावृष्टि और अतिवृष्टि के कारण फसलों से हुए नुकसान की भरपाई  के लिए  राज्य सरकार द्वारा 4 वर्षों में लगभग एक करोड़ 50 लाख फसल बीमा पॉलिसी धारक किसानों को 17 हजार करोड रुपए का फसल बीमा क्लेम वितरित किया गया है।

श्री कटारिया ने बताया कि राज्य के लगभग 46 हजार गांवों के भू-रिकॉर्ड का एकीकरण करवाया गया है। साथ ही प्रदेश में फसल उत्पादन अनुमान के लिए 5 लाख से अधिक फसल कटाई के प्रयोग भी ऑनलाइन कराए गए हैं। प्रमुख शासन सचिव, कृषि श्री दिनेश कुमार ने बताया कि किसानों द्वारा खरीफ फसलों के लिए केवल 2  प्रतिशत एवं सभी रबी फसलों के लिए 1.5 प्रतिशत का एक समान प्रीमियम का भुगतान किया जाता है। उन्होंने बताया कि वार्षिक वाणिज्य एवं बागवानी फसलों के लिए प्रीमियम केवल 5 प्रतिशत है। उन्होंने बताया कि किसान रबी 2022- 23 में अपनी फसल का बीमा 31 दिसंबर 2022  तक करवा सकते हैं। यदि बोई गई फसल में कोई परिवर्तन किया है तो किसान संबंधित बैंक से संपर्क कर 29 दिसंबर तक इसमें अवश्य परिवर्तन करवाना सुनिश्चित करें।

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इस अवसर पर कृषि आयुक्त श्री कानाराम ने बताया कि राज्य में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में 7 बीमा कंपनियों द्वारा फसल बीमा का कार्य किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि योजना का रबी के लिए आगामी 25 दिसंबर तक प्रदेश भर में लगभग 200 से ज्यादा वैनों के द्वारा लीफलेट वितरण, पोस्टर, बैनर, होर्डिंग, किसान गोष्ठी एवं नुक्कड़ नाटक आदि के माध्यम से व्यापक प्रचार-प्रसार कराया जा रहा है, ताकि ज्यादा से ज्यादा किसान योजना से जुड़ सकें। कार्यक्रम में कृषि विभाग के विभागीय अधिकारी बीमा कंपनियों के प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में  ग्रामीण एवं किसान उपस्थित थे ।

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