मुख्यमंत्री डेयरी प्लस योजना से डेयरी व्यवसाय का सुनहरा अवसर
31 जुलाई 2026, सीधी: मुख्यमंत्री डेयरी प्लस योजना से डेयरी व्यवसाय का सुनहरा अवसर – प्रदेश में दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने, पशुपालकों की आय में वृद्धि करने तथा युवाओं एवं आम नागरिकों को स्वरोजगार से जोड़ने के उद्देश्य से राज्य शासन द्वारा मुख्यमंत्री डेयरी प्लस योजना संचालित की जा रही है। योजना के माध्यम से पात्र हितग्राहियों को उच्च दुग्ध उत्पादन वाली मुर्रा नस्ल की दो भैंस अनुदान पर उपलब्ध कराई जा रही हैं।
उपसंचालक पशुपालन एवं डेयरी डॉ. आर.के. सोनी ने बताया कि योजना के अंतर्गत सामान्य वर्ग के हितग्राहियों को कुल लागत का 50 प्रतिशत तथा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के हितग्राहियों को 75 प्रतिशत तक अनुदान प्रदान किया जाता है। योजना के तहत उपलब्ध कराई जाने वाली मुर्रा नस्ल की दो भैंसों से प्रतिदिन लगभग 18 से 20 लीटर तक दूध उत्पादन संभव है, जिससे पशुपालक नियमित आय अर्जित कर आत्मनिर्भर बन सकते हैं। उन्होंने बताया कि सामान्य वर्ग के आवेदकों को पूर्ण रूप से भरे हुए आवेदन पत्र के साथ 1,47,500 रुपये तथा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के हितग्राहियों को 73,700 रुपये का बैंक ड्राफ्ट जमा करना होगा। शेष राशि शासन द्वारा अनुदान के रूप में वहन की जाएगी। योजना की विशेषता यह है कि आवेदन स्वीकृत होने के बाद हितग्राही विभागीय प्रतिनिधि के साथ हरियाणा, पंजाब अथवा उत्तर प्रदेश जाकर अपनी पसंद की मुर्रा भैंस का चयन कर सकते हैं। योजना में हितग्राही के भ्रमण, ठहरने, पशु परिवहन तथा पशु बीमा के लिए भी प्रावधान किया गया है।
डॉ. सोनी ने बताया कि इस योजना का लाभ केवल किसानों तक सीमित नहीं है। मध्यप्रदेश का कोई भी 21 वर्ष या उससे अधिक आयु का पात्र नागरिक आवेदन कर सकता है। इच्छुक व्यक्ति अपने निकटतम शासकीय पशु चिकित्सालय में संपर्क कर आवेदन पत्र प्राप्त कर योजना का लाभ ले सकते हैं। उपसंचालक ने जिले के इच्छुक युवाओं, पशुपालकों एवं नागरिकों से अपील की है कि मुख्यमंत्री डेयरी प्लस योजना का लाभ उठाकर आधुनिक डेयरी व्यवसाय से जुड़ें और अपनी आय में वृद्धि करें।
आपने उपरोक्त समाचार कृषक जगत वेबसाइट पर पढ़ा: हमसे जुड़ें
> नवीनतम कृषि समाचार और अपडेट के लिए आप अपने मनपसंद प्लेटफॉर्म पे कृषक जगत से जुड़े – गूगल न्यूज़, व्हाट्सएप्प
> कृषक जगत अखबार की सदस्यता लेने के लिए यहां क्लिक करें – घर बैठे विस्तृत कृषि पद्धतियों और नई तकनीक के बारे में पढ़ें
> कृषक जगत ई-पेपर पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: E-Paper
> कृषक जगत की अंग्रेजी वेबसाइट पर जाने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: Global Agriculture

