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राष्ट्रीय कृषि समाचार (National Agriculture News)

दो जोनल कृषि कॉन्फ्रेंस अब वर्चुअल मोड में, 20% रोटेशनल वर्क फ्रॉम होम होगा लागू- मंत्री शिवराज सिंह

20 मई 2026, नई दिल्ली: दो जोनल कृषि कॉन्फ्रेंस अब वर्चुअल मोड में, 20% रोटेशनल वर्क फ्रॉम होम होगा लागू- मंत्री शिवराज सिंह – प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मितव्ययिता, संसाधन-संरक्षण और आत्मनिर्भरता की अपील को अमल में लाते हुए केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंत्रालय स्तर पर कई बड़े फैसले लिए हैं। नई दिल्ली स्थित कृषि भवन में आयोजित समीक्षा बैठक में सरकारी खर्च कम करने, ईंधन और बिजली बचत, वर्चुअल कार्यप्रणाली को बढ़ावा देने और संसाधनों के बेहतर उपयोग को लेकर अहम निर्णय लिए गए।

बैठक में कृषि विभाग, ग्रामीण विकास विभाग, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR), कृषि शिक्षा और भूमि संसाधन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। बैठक के दौरान यह तय किया गया कि गुवाहाटी और विशाखापट्टनम में आयोजित होने वाली दो जोनल कृषि कॉन्फ्रेंस अब फिजिकल मोड की बजाय वर्चुअल मोड में आयोजित की जाएंगी। सरकार का मानना है कि इससे यात्रा, आवास, लॉजिस्टिक्स और अन्य प्रशासनिक खर्चों में बड़ी बचत होगी, जबकि राज्यों और संबंधित हितधारकों के साथ संवाद और समीक्षा की प्रक्रिया पहले की तरह जारी रहेगी।

20 प्रतिशत कर्मचारियों के लिए लागू होगी वर्क फ्रॉम होम व्यवस्था
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि मंत्रालय में लगभग 20 प्रतिशत कर्मचारियों के लिए रोटेशन के आधार पर वर्क फ्रॉम होम व्यवस्था लागू की जाएगी। हालांकि स्पष्ट किया गया कि इस व्यवस्था से फाइल निस्तारण, बैठकों, राज्य संबंधी कार्यों और नियमित कार्यालयीन कामकाज पर कोई असर नहीं पड़ना चाहिए।

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घर से काम करने वाले कर्मचारी फोन, ईमेल, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग और ई-ऑफिस प्लेटफॉर्म के माध्यम से लगातार उपलब्ध रहेंगे। सरकार का उद्देश्य डिजिटल कार्यप्रणाली को बढ़ावा देने के साथ कार्यालयों में संसाधनों की खपत को कम करना है।

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कार पूलिंग और बिजली बचत पर विशेष जोर
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ईंधन बचत और सार्वजनिक संसाधनों के बेहतर उपयोग के लिए सप्ताह में एक दिन कार पूलिंग व्यवस्था लागू करने का भी फैसला किया है। यह व्यवस्था निदेशक स्तर तक लागू की जाएगी। इसके साथ ही मंत्रालय में लगभग एक-तिहाई सरकारी वाहनों के उपयोग को कम करने का लक्ष्य रखा गया है।

बैठक में कार्यालयों में बिजली संरक्षण को भी प्राथमिकता दी गई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि आवश्यकता न होने पर लाइट, पंखे, एसी, कंप्यूटर और अन्य उपकरण बंद रखें। एयर कंडीशनर और अन्य विद्युत उपकरणों के उपयोग को भी नियंत्रित और व्यवस्थित किया जाएगा ताकि अनावश्यक बिजली खपत रोकी जा सके।

अधिकारियों ने एक साल तक सोना नहीं खरीदने का लिया संकल्प
बैठक का सबसे चर्चित फैसला उस समय सामने आया जब अधिकारियों ने केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के आह्वान पर सामूहिक रूप से अगले एक वर्ष तक सोना नहीं खरीदने का संकल्प लिया। हालांकि बेटी की शादी या अन्य विशेष पारिवारिक परिस्थितियों को इससे अलग रखा गया है।

मंत्री ने इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील के प्रति गंभीर प्रतिक्रिया बताते हुए कहा कि यह कोई सरकारी आदेश नहीं, बल्कि राष्ट्रहित में व्यक्तिगत संयम और सामाजिक जिम्मेदारी का उदाहरण है।

“खेत बचाओ अभियान” पर भी सरकार का फोकस
बैठक में कृषि क्षेत्र से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई। केंद्रीय मंत्री ने बताया कि कृषि विभाग और ICAR द्वारा 1 जून से 15 दिनों तक “खेत बचाओ अभियान” चलाया जाएगा। इसके तहत वैज्ञानिक गांवों में जाकर किसानों को मिट्टी परीक्षण, संतुलित खाद उपयोग और प्राकृतिक खेती के बारे में जानकारी देंगे।

उन्होंने कहा कि अभियान का उद्देश्य किसानों को जरूरत के अनुसार ही उर्वरकों के उपयोग के लिए प्रेरित करना है ताकि खेती की लागत कम हो और मिट्टी की सेहत सुरक्षित रह सके।

खरीफ कॉन्फ्रेंस में प्राकृतिक खेती पर विशेष सत्र
मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि 28 और 29 मई को आयोजित खरीफ कॉन्फ्रेंस में संतुलित खाद उपयोग और प्राकृतिक खेती पर विशेष जोर दिया जाएगा। प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए अलग से विशेष सत्र आयोजित करने की तैयारी भी की जा रही है।

उन्होंने कहा कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों में बचत, संयम और संसाधनों का विवेकपूर्ण उपयोग केवल आर्थिक आवश्यकता नहीं बल्कि राष्ट्रीय जिम्मेदारी है। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि खेती, खाद्य सुरक्षा और किसानों की आजीविका किसी भी स्तर पर प्रभावित न हो।

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