Ad DesktopAd TabletAd Mobile
राष्ट्रीय कृषि समाचार (National Agriculture News)

ओडिशा के आम पहुंचे फ्रांस और बेल्जियम – 12 महीनों में 7+ देशों को हुआ करीब 100 मीट्रिक टन निर्यात

10 जून 2025, भुवनेश्वर: ओडिशा के आम पहुंचे फ्रांस और बेल्जियम – 12 महीनों में 7+ देशों को हुआ करीब 100 मीट्रिक टन निर्यात – ओडिशा ने फ्रांस और बेल्जियम को अपने आम निर्यात गंतव्यों में शामिल कर लिया है, जिससे राज्य की कृषि निर्यात क्षमता को नया विस्तार मिला है। इससे पहले ओडिशा ने दुबई, लंदन, बर्मिंघम, रोम, वेनिस और डबलिन जैसे अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अपनी मौजूदगी दर्ज कराई थी।

जून 2025 के पहले सप्ताह में 13.4 मीट्रिक टन आम लंदन और दुबई को निर्यात किए गए। ये निर्यात राज्य के किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) की सक्रिय भागीदारी से संभव हो सके। प्रमुख एफपीओ में सप्तसज्जा फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड, धरित्री एग्रो प्लस कंपनी लिमिटेड, कंकदाहाड़ फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड और सुगंधा फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड शामिल हैं।

अब तक का प्रदर्शन – 100 मीट्रिक टन के करीब निर्यात

मई 2024 से निर्यात शुरू होने के बाद से अब तक ओडिशा का कृषि निर्यात लगभग 100 मीट्रिक टन तक पहुंच चुका है, जिसमें आम – विशेष रूप से ‘अमरपाली’ और ‘दशहरी’ किस्में – एक बड़ा हिस्सा रखते हैं। फ्रांस और बेल्जियम को भेजी गई ताज़ा खेप राज्य की वैश्विक निर्यात रणनीति में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

Ad DesktopAd TabletAd Mobile
Ad DesktopAd TabletAd Mobile

विभागीय सहयोग से साकार हो रहा निर्यात

इस सफलता के पीछे ओडिशा सरकार के कृषि एवं किसान सशक्तिकरण विभाग (DA&FE) की भूमिका प्रमुख रही है। निर्यात प्रक्रिया में मार्केटिंग के तकनीकी सहयोग के लिए पल्लेडियम इंडिया को टेक्निकल सपोर्ट यूनिट (TSU) के रूप में जोड़ा गया है। यह पहल गेट्स फाउंडेशन के सहयोग से NABARD के साथ मिलकर चलाई जा रही PSFPO परियोजना का हिस्सा है, जिसमें एपीडा (APEDA) निर्यात भागीदार है।

कृषक जगत को व्हाट्सएप पर फॉलो करें
खेती-किसानी की ताज़ा खबरें, सीधे आपके फ़ोन पर
चैनल फॉलो करें

पल्लेडियम ने संभावित अंतरराष्ट्रीय बाजारों की पहचान, निर्यात मानकों का पालन, लॉजिस्टिक्स और एफपीओ की निर्यात तैयारी में प्रमुख भूमिका निभाई है।

किसानों को मिला 40–60% अधिक मूल्य

प्रत्यक्ष निर्यात पहुंच और गुणवत्ता सुधार के चलते ओडिशा के किसानों को अपने आमों के लिए 40 से 60 प्रतिशत अधिक मूल्य प्राप्त हुआ है। एफपीओ के माध्यम से एकत्रीकरण, अंतरराष्ट्रीय मानकों का पालन और गुणवत्ता बनाए रखने से किसानों की आमदनी में सुधार आया है।

ओडिशा बन रहा है कृषि निर्यात का केंद्र

वित्त वर्ष 2024–25 में ओडिशा ने सात अंतरराष्ट्रीय बाजारों में प्रवेश किया था, जबकि 2025–26 की शुरुआत में ही राज्य ने इस संख्या को पार कर लिया है – नए गंतव्यों और निर्यात मात्रा, दोनों मामलों में। यह तेजी से बढ़ता हुआ निर्यात राज्य सरकार के केंद्रित प्रयासों को दर्शाता है।

धनकनाल की उप निदेशक (उद्यानिकी), श्रीमती गिताश्री पाधी ने कहा, “फ्रांस और बेल्जियम जैसे देशों में ओडिशा के आमों की स्वीकृति हमारे किसानों की क्षमता और राज्य की बागवानी प्रणाली की ताकत को दर्शाती है। यह हमारे लिए गौरवपूर्ण क्षण है।”

किसानों की खुशी: ‘अब हमारे गांव का आम विदेशों तक’

कंकदाहाड़ एफपीसीएल से जुड़ीं किसान सुभाषिनी चार्टर ने कहा, “हमने कभी नहीं सोचा था कि हमारे गांव का आम फ्रांस तक पहुंचेगा। यह अवसर हमारे लिए बेहतर आमदनी और गर्व लेकर आया है। हम कृषि विभाग और पल्लेडियम के आभारी हैं जिन्होंने हमारा मार्गदर्शन किया।”

(नवीनतम कृषि समाचार और अपडेट के लिए आप अपने मनपसंद प्लेटफॉर्म पे कृषक जगत से जुड़े – गूगल न्यूज़,  टेलीग्राम, व्हाट्सएप्प)

(कृषक जगत अखबार की सदस्यता लेने के लिए यहां क्लिक करें – घर बैठे विस्तृत कृषि पद्धतियों और नई तकनीक के बारे में पढ़ें)

कृषक जगत ई-पेपर पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें:

www.krishakjagat.org/kj_epaper/

कृषक जगत की अंग्रेजी वेबसाइट पर जाने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें:

www.global-agriculture.com