राष्ट्रीय कृषि समाचार (National Agriculture News)

भारत-सेशेल्स की नई कृषि साझेदारी: अनुसंधान, तकनीक और जलवायु-अनुकूल खेती पर 2031 तक साथ करेंगे काम

02 जुलाई 2026, नई दिल्ली: भारत-सेशेल्स की नई कृषि साझेदारी: अनुसंधान, तकनीक और जलवायु-अनुकूल खेती पर 2031 तक साथ करेंगे काम – प्रधानमंत्री की सेशेल्स गणराज्य की आधिकारिक यात्रा के दौरान भारत और सेशेल्स ने कृषि क्षेत्र में द्विपक्षीय सहयोग को नई मजबूती देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। भारत सरकार के भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) और सेशेल्स गणराज्य के मत्स्य पालन, कृषि और नीली अर्थव्यवस्था मंत्रालय के कृषि विभाग के बीच कृषि अनुसंधान और शिक्षा के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के लिए एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए।

इस समझौते का उद्देश्य दोनों देशों के बीच कृषि अनुसंधान, कृषि शिक्षा, क्षमता निर्माण और प्रौद्योगिकी हस्तांतरण के क्षेत्रों में सहयोग को मजबूत करना है। इसके तहत संयुक्त अनुसंधान कार्यक्रमों को बढ़ावा दिया जाएगा। साथ ही वैज्ञानिकों, शोधकर्ताओं और छात्रों के आदान-प्रदान को प्रोत्साहित किया जाएगा तथा उन्नत कृषि तकनीकों और सर्वोत्तम कृषि पद्धतियों को साझा किया जाएगा।

2026 से 2031 तक लागू रहेगी संयुक्त कार्ययोजना

एमओयू को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए दोनों देशों ने 2026-2031 की अवधि के लिए पांच वर्षीय कार्ययोजना पर भी हस्ताक्षर किए हैं। इस कार्ययोजना के तहत जलवायु-अनुकूल खेती, बागवानी, फसलोत्तर प्रबंधन, पशुधन विकास तथा टिकाऊ खाद्य एवं पोषण सुरक्षा जैसे प्रमुख क्षेत्रों में मिलकर काम किया जाएगा।

जलवायु परिवर्तन और खाद्य सुरक्षा की चुनौतियों पर रहेगा फोकस

इस सहयोग का उद्देश्य दोनों देशों के बीच संस्थागत संबंधों को मजबूत करना, कृषि उत्पादकता बढ़ाना, तकनीकी क्षमता का विकास करना और जलवायु परिवर्तन व खाद्य सुरक्षा जैसी उभरती चुनौतियों का प्रभावी समाधान तलाशना है। इसके माध्यम से सतत कृषि विकास को भी बढ़ावा मिलेगा।

वैश्विक कृषि सहयोग का विस्तार कर रहा है भारत

भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) विश्वभर के साझेदार संस्थानों के साथ 100 से अधिक समझौता ज्ञापनों के माध्यम से भारत की वैश्विक कृषि साझेदारी का लगातार विस्तार कर रहा है। सेशेल्स के साथ हुआ यह नया समझौता ग्लोबल साउथ के देशों के साथ भारत के सहयोग को और मजबूत करेगा। साथ ही यह सतत कृषि, कृषि नवाचार और वैश्विक खाद्य एवं पोषण सुरक्षा को बढ़ावा देने की भारत की प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है।

आपने उपरोक्त समाचार कृषक जगत वेबसाइट पर पढ़ा: हमसे जुड़ें
> नवीनतम कृषि समाचार और अपडेट के लिए आप अपने मनपसंद प्लेटफॉर्म पे कृषक जगत से जुड़े – गूगल न्यूज़व्हाट्सएप्प
> कृषक जगत अखबार की सदस्यता लेने के लिए यहां क्लिक करें – घर बैठे विस्तृत कृषि पद्धतियों और नई तकनीक के बारे में पढ़ें
> कृषक जगत ई-पेपर पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: E-Paper
> कृषक जगत की अंग्रेजी वेबसाइट पर जाने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: Global Agriculture