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राष्ट्रीय कृषि समाचार (National Agriculture News)

देश में सामान्य रहेगा मानसून

कृषि क्षेत्र के लिए खुशखबरी

19 अप्रैल 2022, नई दिल्ली । देश में सामान्य रहेगा मानसून – भारत मौसम विज्ञान विभाग ने साल 2022 के लिए दक्षिण पश्चिम मानसून का पूर्वानुमान जारी किया है। विभाग के मुताबिक मानसून मौसमी वर्षा का एलपीए 99 प्रतिशत होने की संभावना है और इसमें 5 प्रतिशत की कमी या बढ़ोतरी हो सकती है। अनुमान यह भी है कि देशभर में मानसून एक जैसा रह सकता है।

उत्तर भारत में अच्छी बारिश

भारत के उत्तरी भागों और इससे सटे मध्य भारत के कई हिस्सों, हिमालय की तलहटी और उत्तर पश्चिम भारत के कुछ हिस्सों में सामान्य से अधिक बारिश की संभावना है। पूर्वोत्तर भारत के कई क्षेत्रों, उत्तर पश्चिमी भारत के कुछ क्षेत्रों और दक्षिणी हिस्सों में सामान्य से कम बारिश की संभावना बताई गई है।
मौसम विभाग ने यह अनुमान 1971-2020 के टाइम पीरियड में 87 सेमी के औसत के आधार पर लगाया है। यानी इसमें बारिश (एलपीए) के मुताबिक 96 से 104 प्रतिशत तक होगी। इसके लिए विभाग ने देशभर में 4132 रेनगेज स्टेशन से मिला डेटा इस्तेमाल किया है।

12 मिमी घट गई औसत बारिश एक दशक में

मौसम विभाग के डेटा के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून के लिए 1971-2020 के आधार पर ऑल इंडिया लेवल पर सामान्य बारिश 868.6 मिमी है। इससे पहले 1961-2010 के आधार पर 880.6 मिमी रही। यानी एक दशक के अंदर 12 मिमी का अंतर आया है। जिससे अब कम बारिश को सामान्य माना जा रहा है।

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हर 10 साल में अपडेट

आईएमडी के डायरेक्टर जनरल श्री मृत्युंजय मोहपात्रा ने बताया कि सामान्य बारिश या एलपीए को हर 10 साल में अपडेट किया जाता है। हालांकि पिछली बार इसमें सात साल की देरी हो गई थी और उसे 2019 में शुरू किया गया था। तब तक विभाग 1951-2001 के एलपीए का उपयोग करता था जो 89 सेंटीमीटर था। नया मानसून सामान्य होने का पैमाना 4132 रेन गेज के डेटा के आधार पर बनाया गया है। ये रेनगेज देश के 703 जिलों में लगे हैं।उन्होंने कहा कि हम बारिश का अनुमान जारी करने के पहले विभिन्न पहलुओं पर विचार करते हैं। इसके अलावा अब देश में कई स्थानों पर रेनगेज लग गए हैं। इससे अधिक डेटा मिलने लगा है।

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सामान्य मानसून का लगातार चौथा साल

2021 में जून से सितंबर तक चार महीने के दक्षिण-पश्चिम मानसून के दौरान देश में सामान्य वर्षा हुई थी। यह लगातार तीसरा साल था जब देश में सामान्य या सामान्य से ऊपर बारिश दर्ज की गई। इसके पहले 2019 और 2020 में बारिश सामान्य से अधिक रही। इस लिहाज से यह चौथा साल होगा, जब बारिश सामान्य रहने का अनुमान जताया गया है। हालांकि विभाग ने मई 2022 के आखिरी हफ्ते में एक बार फिर से पूर्वानुमान जारी करने की घोषणा की है।