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राष्ट्रीय कृषि समाचार (National Agriculture News)

कृषक जगत समाचार@ 5.00 PM: धान उत्पादन I मृदा कॉन्फ्रेंस I पीएम किसान योजना I सफेद सोना I गेहूं की किस्में

25 नवंबर 2024, नई दिल्ली: नमस्कार, आइए जानते हैं आज शाम 5 बजे तक कृषक जगत की 10 बड़ी खबरें…

1. 2024-25 रिपोर्ट: धान उत्पादन में उत्तर प्रदेश शीर्ष पर, वहीँ  पंजाब की उत्पादकता सबसे अधिक

धान भारत की प्रमुख खाद्य फसलों में से एक है, जो देश के करोड़ों किसानों की आजीविका का आधार है। यह न केवल घरेलू खाद्य सुरक्षा को मजबूत करता है, बल्कि वैश्विक बाजार में भी भारतीय चावल की महत्वपूर्ण भूमिका है। बासमती और गैर-बासमती चावल के निर्यात से भारत को विदेशी मुद्रा अर्जित होती है। लेकिन जलवायु परिवर्तन, मानसून की अनियमितता और कृषि तकनीकों की सीमाएं, धान उत्पादन को लेकर लगातार चुनौतियां पेश कर रही हैं। पूरी खबर पढ़े….

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2. वैश्विक मृदा कॉन्फ्रेंस 2024: विज्ञान और किसानों की दूरी कम करने पर जोर– केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान

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केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने नई दिल्ली स्थित पूसा में आयोजित वैश्विक मृदा कॉन्फ्रेंस 2024 को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संबोधित किया। अपने संबोधन में उन्होंने मिट्टी के संरक्षण और उर्वरकता बनाए रखने की महत्ता पर जोर दिया। उन्होंने कहा, “मिट्टी निर्जीव नहीं है, यह सजीव है। यदि मिट्टी स्वस्थ नहीं है तो जीवन भी स्वस्थ नहीं हो सकता।” पूरी खबर पढ़े….

3. अंतरिम रिपोर्ट दाखिल कृषि संकट के कारणों के बारे में विस्तार से जानकारी दी

किसानों की समस्याओं को लेकर सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त समिति ने कहा है कि किसानों की लागत और कृषि के लिए लिए जाने वाले कर्ज का बोझ बढ़ रहा है, लेकिन कृषि उपज नहीं बढ़ रही। समिति ने अपनी अंतरिम रिपोर्ट दाखिल की है। इसमें कृषि संकट के कारणों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई है, जिनमें स्थिर उपज, बढ़ती लागत और कर्ज और अपर्याप्त मार्केटिंग सिस्टम शामिल हैं। पूरी खबर पढ़े….

4. बंपर पैदावार करने के लिए दो बीजों को किया विकसित

देश के किसान कई बार मेहनत करने के बाद भी बंपर पैदावार नहीं कर पाते है और इसके पीछे जो मुख्य कारण रहता है वह उन्नत किस्म के बीज नहीं मिलना होता है लेकिन अब इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मेज रिसर्च ने दो ऐसे किस्मों के बीजों को विकसित किया है जिनका उपयोग किसान कर बंपर उत्पादन कर सकते है। पूरी खबर पढ़े….

5. किसान भाई ध्यान दें, कब जारी होगी पीएम किसान योजना की 19 वीं किस्त

देशभर के किसानों को पीएम किसान योजना का लाभ मिल रहा है। किसानों को यहां यह जानकारी दी जा रही है कि इस योजना की 19 वीं किस्त आखिर कब उनके खाते में जमा होगी तो यहां बता दें कि जो जानकारी सामने आ रही है वह यह है कि 19 वीं किस्त आगामी जनवरी 2025 के माह में जारी हो सकती है। पूरी खबर पढ़े….

6. न्यूनतम समर्थन मूल्य पर कानून: किसान फिर तैयार उच्चतम न्यायालय द्वारा नियुक्त समिति ने भी किसानों और खेती की की हालत के कारण न्यूनतम समर्थन मूल्य ओर कानून की वकालत की

अगला महीना किसानों के लिए हलचल से भरा होने वाला है. सयुंक्त किसान मोर्चा (गैर राजनैतिक) ने अगले माह की 6 तारीख को दिल्ली कूच करने की तैयारी शुरू कर दी है. उनकी मांग है कि केंद्र सरकार ने अपने वादे के मुताबिक न्यूनतम समर्थन मूल्य पर कानून नहीं बनाया है. हाँलाकि अभी मोर्चे और इसके इस आंदोलन में सहयोगी संगठनों ने अभी तक दिल्ली में अपने विरोध प्रदर्शन के बारे में खुलासा नहीं किया है. पूरी खबर पढ़े….

7. सफेद सोने पर कुदरत का साया कम कीमत पर कपास बेचने को मजबूर किसान

 वस्त्र निर्माण में अहम भूमिका निभाने वाले कपास का बड़ी मात्रा में उत्पादन कर कपास का कटोरा कहे जाने वाले निमाड़ क्षेत्र खरगोन जिले के कपास उत्पादक किसानों के हालात ठीक नहीं है। लागत बढ़ने, उत्पादन घटने और कपास का वाज़िब दाम नहीं मिलने से कपास का उत्पादन घाटे का सौदा होता जा रहा है। सफ़ेद सोने पर कुदरत का ऐसा साया पड़ा है, कि किसानों को कपास का न्यूनतम समर्थन मूल्य नहीं मिल पा रहा है। पूरी खबर पढ़े….

8. देर से बुआई करने वालों के लिए सर्वोत्तम गेहूं की किस्में

धान की देर से कटाई और तापमान में उतार-चढ़ाव के बावजूद, इस वर्ष नवंबर के प्रथम सप्ताह तक पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 93% बुआई पूरी हो चुकी है। अब तापमान गेहूं की समय पर बुआई के लिए उपयुक्त हो गया है। देशभर में बुआई तेज़ी से हो रही है, और किसान समय, श्रम, तथा बीज बचाने के लिए मशीन से बुआई को प्राथमिकता दे रहे हैं। पूरी खबर पढ़े….

9.  डॉ. मोहन यादव  का ग़रीब, युवा, अन्नदाता और नारी  के सशक्तिकरण पर रहा ध्यान

धान की देर से कटाई और तापमान में उतार-चढ़ाव के बावजूद, इस वर्ष नवंबर के प्रथम सप्ताह तक पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 93% बुआई पूरी हो चुकी है। अब तापमान गेहूं की समय पर बुआई के लिए उपयुक्त हो गया है। देशभर में बुआई तेज़ी से हो रही है, और किसान समय, श्रम, तथा बीज बचाने के लिए मशीन से बुआई को प्राथमिकता दे रहे हैं। पूरी खबर पढ़े….

10. मध्यप्रदेश में खाद वितरण में सुधार और कालाबाजारी पर सख्ती: मुख्यमंत्री के बड़े निर्देश

मध्य प्रदेश में खाद वितरण की समस्या ने किसानों में असंतोष बढ़ा दिया है, जिसके कारण मुख्यमंत्री मोहन यादव को स्थिति को नियंत्रित करने के लिए कमान अपने हाथ में लेनी पड़ी है। मुख्यमंत्री यादव ने कमिश्नर-कलेक्टर कॉन्फ्रेंस के माध्यम से अधिकारियों को चेतावनी दी है कि यदि किसानों को उर्वरक प्राप्त करने में कोई समस्या आती है, तो जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। पूरी खबर पढ़े….