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कृषि कंपनी समाचार (Industry News)

सिंजेंटा महाराष्ट्र के यवतमाल में 1 हज़ार लोगों को कीटनाशक उपयोग पर प्रशिक्षण देगी  

07 जुलाई 2023, नई दिल्ली: सिंजेंटा महाराष्ट्र के यवतमाल में 1 हज़ार लोगों को कीटनाशक उपयोग पर प्रशिक्षण देगी  – सिंजेंटा इंडिया ने  हाल ही में महाराष्ट्र के यवतमाल में आई-सेफ (I-SAFE) (किसान सशक्तिकरण के लिए सुरक्षा जागरूकता पैदा करना) कार्यक्रम का 7वां संस्करण लॉन्च किया ।

आई-सेफ पहल के तहत, सिंजेंटा इंडिया अगले एक साल में कम से कम 1 हज़ार  व्यक्तियों को प्रमाणित और प्रशिक्षित करने, 5 हज़ार किसानों के लिए सुरक्षित उपयोग प्रशिक्षण आयोजित करने की योजना बना रही है . इसी के साथ मोबाइल वैन के माध्यम से  500 गांवों को कवर करने  और आकस्मिक कीटनाशक जोखिम की पहचान और उपचार पर कम से कम 100 डॉक्टरों के लिए प्रशिक्षण आयोजित करने की भी  योजना बना रही है। यवतमाल मेंआई-सेफ कार्यक्रम के तहत अब तक 62 हज़ार किसानों को प्रशिक्षित किया जा चुका है।

सिंजेंटा ने किसानों को फसल सुरक्षा उत्पादों के सुरक्षित उपयोग पर प्रशिक्षित करने के लिए यवतमाल में छह कपास मॉडल फार्म स्थापित किए हैं। कंपनी ने कपास को अधिक टिकाऊ और प्रभावी ढंग से उगाने के लिए मिट्टी के स्वास्थ्य विश्लेषण – उर्वरकों का इष्टतम उपयोग, प्रभावी गुलाबी सुंडी (पिंक बॉल वर्म) प्रबंधन के लिए फेरोमोन जाल और फसल सुरक्षा प्रोटोकॉल जैसी अन्य टिकाऊ तरीकों  को भी लागू किया है।

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सिंजेंटा ने एक अतिरिक्त सुविधा के रूप में इस वर्ष सुरक्षित उपयोग संबंधी सलाह के लिए एक डिजिटल ऐप पेश किया है। इससे यह सुनिश्चित होगा कि जिन किसानों ने ऐप के माध्यम से पंजीकरण कराया है, उन्हें कीटनाशकों और अन्य कृषि आदानों के सुरक्षित उपयोग और समय पर सलाह मिलेगी। सिंजेंटा क्रॉपवाइज ग्रोअर ऐप और इसके क्रॉप डॉक्टर फीचर पर एक क्लिक से किसानों को उनकी फसलों के बारे में तुरंत सलाह मिल जाएगी।

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सिंजेंटा इंडिया के चीफ सस्टेनेबिलिटी ऑफिसर डॉ. केसी रवि ने कहा, “हम यवतमाल में सात साल से काम कर रहे हैं। अक्टूबर 2017 में आई-सेफ  के लॉन्च के बाद से, सुरक्षा और सुरक्षित उपयोग प्रथाओं पर 2500 से अधिक स्प्रे मैन और कृषि श्रमिक परामर्श सत्र आयोजित किए गए हैं । 800 से अधिक डॉक्टरों को प्रशिक्षित किया गया है और 1हज़ार  गांवों में जन जागरूकता सत्र आयोजित किए गए हैं। मोबाइल हेल्थ वैन का उपयोग करके प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल सहायता अब तक 1लाख 25 हज़ार  लोगों तक पहुंच चुकी है। डॉ. रवि ने कहा कि ग्रोअर ऐप जैसे उपकरणों का उपयोग भविष्य की खेती की दिशा निर्धारित करेगा। क्रॉपवाइज़ ग्रोअर ऐप, एक एआई-संचालित टूल हैं जो कीट या बीमारी के हमलों की पहचान करके और तत्काल उपचार प्राप्त करके किसानों को तुरंत, सरल और प्रभावी समाधान प्रदान करता है। यह लाइव मौसम अपडेट, मंडी की कीमतें, क्रेडिट वित्त सुविधाएं और बीमा सेवाएं भी प्रदान करता है। क्रॉप डॉक्टर सुविधा का उपयोग करते हुए, किसान को एक फोटो क्लिक करना होगा और उसे क्रॉपवाइज ग्रोअर ऐप पर अपलोड करना होगा।

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