भारत के सबसे बड़े बायोमास एग्रीगेटर की मशीन रेंज को मजबूत बनाया

Share

न्यूहॉलैंड के पराली समस्या के समाधान

02 नवम्बर 2020, नोएडा। भारत के सबसे बड़े बायोमास एग्रीगेटर की मशीन रेंज को मजबूत बनायासीएनएच इंडस्ट्रियल एन. वी. (NYSE: CNHI / MI: CNHI) के मशहूर ब्रांड और दुनिया के प्रमुख कृषि उपकरण ब्रांडों में एक न्यूहॉलैंड एग्रीकल्चर ने अनावश्यक पराली को खेतों में जलाने के बजाय उससे बिजली पैदान करने के लक्ष्य से फसल कटाई, बायोमास इका करने और परिवहन की मशीनों की पूरी नई रेंज पेश की है। इस नई रेंज में बिगबेलर 890 प्लस (बड़ा स्क्वॉयर बेलर) और टी 6070 ट्रैक्टर शामिल है। पराली समस्या के समाधान के लिये भारत के सबसे बड़े पंजाब स्थित बायोमास एग्रीगेटर फार्म2एनर्जी को दूसरे बिगबेलर 890 प्लस (बड़ा स्क्वॉयर बेलर) और साथ ही टी-6070 ट्रैक्टर की डेलीवरी दी गई है। न्यूहॉलैंड में फसल समाधान के व्यापार प्रमुख संदीप गुप्ता ने बताया, ”किसानों को पराली जलाने से प्रदूषण की समस्या से बचाने और इस सघन बायोमास को बिजली पैदा करने का स्थायी स्रोत बनाने के लिए न्यूहॉलैंड एग्रीकल्चर ने मशीनों की पूरी रेंज पेश की है जिससे पराली और पुआल को जमा करना और गर बनाना आसान होगा।”

बिगबेलर 890 प्लस फसल अवशेष प्रबंधन के लिए पराली संग्रह का विश्वस्तरीय कार्य प्रदर्शन करता है। यह प्रति दिन 100-120 एकड़ के हिसाब से ग_र तैयार कर सकता है और धान की एक फसल के दौरान इसमें 4,000 एकड़ से अधिक की क्षमता है। इस मशीन के कई लाभ हैं जैसे गठरी का बेहतर आकार, सुतली टूटने का खतरा कम और कितनी भी गर्मी में मशीन का लगातार काम करना। इन खूबियों के अलावा कई अन्य लोकप्रिय फीचर हैं जैसे कि यह गठरी को आराम से गिराए और इसका मेंटेनेंस भी आसान है। यही वजह है कि बिगबेलर 890 प्लस को बाजार में बेजोड़ माना जाता है। न्यूहॉलैंड टी 6070 ट्रैक्टर पहले से प्रमाणित और दमदार टी 6000 रेंज का शानदार मॉडल है जो आधुनिक स्टाइल में अलग दिखता है और खास तौर से ड्राइवर को सबसे ज्यादा आराम और सुविधा देने के लिए डिजाइन किया गया है। इसमें 140 एचपी 6-सिलेंडर इंजन का पावर है और साथ ही, पावर बूस्ट फंक्शन है। इस वर्सटाइल ट्रैक्टर की अधिकतम लिफ्ट क्षमता 7,864 किलोग्राम है और यह खेती की लगभग सभी जरूरतों को पूरा करता है। किसानों की मदद के लिए न्यूहॉलैंड एग्रीकल्चर का टोल फ्री नंबर 1800.419.0124 उपलब्ध है।

महत्वपूर्ण खबर : वैज्ञानिकों ने दी टमाटर उत्पादन की सलाह

Share
Advertisements

Leave a Reply

Your email address will not be published.