कम्पनी समाचार (Industry News)

दिल्ली हाईकोर्ट ने बीएएसएफ के ‘टिंज़र’ की तरह दिखने वाले पैकेजिंग वाले उत्पाद ‘खंजर’ की बिक्री और निर्माण पर लगाई रोक

12 जुलाई 2025, नई दिल्ली: दिल्ली हाईकोर्ट ने बीएएसएफ के ‘टिंज़र’ की तरह दिखने वाले पैकेजिंग वाले उत्पाद ‘खंजर’ की बिक्री और निर्माण पर लगाई रोक – दिल्ली हाईकोर्ट ने बीएएसएफ एसई की लोकप्रिय खरपतवारनाशक दवा टिंज़र की ट्रेड ड्रेस (पैकेजिंग शैली) से मिलते-जुलते उत्पाद ‘खंजर’ के निर्माण और बिक्री पर अंतरिम रोक लगा दी है। यह आदेश मास क्रॉप साइंस प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ दिया गया है।

सीएस (कॉम) 622/2025 वाद में बीएएसएफ ने अपने पंजीकृत ट्रेडमार्क और उत्पाद की पैकेजिंग की नकल को लेकर स्थायी निषेधाज्ञा की मांग की थी। माननीय न्यायमूर्ति अमित बंसल ने सुनवाई के दौरान पाया कि ‘खंजर’ की पैकेजिंग ‘टिंज़र’ से काफी हद तक मिलती-जुलती है, जिससे किसानों में भ्रम की स्थिति पैदा हो सकती है।

इससे पहले, 20 जून 2025 को अदालत ने एक एकपक्षीय अंतरिम निषेधाज्ञा जारी की थी और प्रतिवादी के परिसर में निरीक्षण के लिए लोक आयुक्त नियुक्त किया था। निरीक्षण के दौरान बड़ी मात्रा में ऐसे उत्पाद पाए गए जो कथित रूप से विवादित पैकेजिंग में थे।

बीएएसएफ ने आशंका जताई कि यह स्टॉक बाज़ार में वितरित किया जा सकता है। इस पर 9 जुलाई 2025 को अदालत ने अपने अंतरिम आदेश को आगे बढ़ाते हुए निर्देश दिया कि मास क्रॉप साइंस और उसके निदेशक, कर्मचारी, एजेंट, वितरक, विक्रेता और सभी संबद्ध पक्ष प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से ऐसे किसी भी उत्पाद का निर्माण या बिक्री नहीं कर सकेंगे जिन पर आपत्तिजनक ट्रेड ड्रेस हो—इसमें निरीक्षण के दौरान ज़ब्त की गई सामग्री भी शामिल है।

अदालत ने प्रतिवादी को सभी विधिसम्मत माध्यमों से नोटिस जारी करने का निर्देश दिया है और चार सप्ताह में जवाब दाखिल करने तथा दो सप्ताह में प्रत्युत्तर दाखिल करने की अनुमति दी है।

मामले की अगली सुनवाई 23 जुलाई 2025 को तय की गई है।

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