अमरूद की टॉप 5 वैरायटी: इन किस्मों से मिलेगा ज्यादा उत्पादन, बड़े फल और बेहतर गुणवत्ता, देखें खासियत
10 सितंबर 2026, नई दिल्ली: अमरूद की टॉप 5 वैरायटी: इन किस्मों से मिलेगा ज्यादा उत्पादन, बड़े फल और बेहतर गुणवत्ता, देखें खासियत – अमरूद की खेती में अच्छी उपज के साथ फल की गुणवत्ता भी किसानों के लिए काफी महत्वपूर्ण होती है। ऐसी ही खूबियों वाली 5 उन्नत अमरूद किस्में विकसित की गई हैं, जिनमें उत्पादन, फल का आकार, स्वाद, विटामिन C और प्रसंस्करण के लिए उपयुक्तता जैसी अलग-अलग खासियतें हैं। इनमें CISH-Lalit, Awadh Bhushan, CISH-Dhawal, CISH-Lalima और CISH-Shweta शामिल हैं। कुछ किस्में छह साल की उम्र में 90 से 100 किलो तक प्रति पौधा उत्पादन दे सकती हैं, जबकि एक किस्म की औसत उत्पादकता 38.4 टन प्रति हेक्टेयर तक बताई गई है।
1. CISH-Lalit: छह साल में करीब 100 किलो उत्पादन
CISH-Lalit एप्पल अमरूद से चयनित बेहतर किस्म है। इसकी उत्पादकता अन्य व्यावसायिक किस्मों की तुलना में अधिक है। छह साल की उम्र में एक पौधे से करीब 100 किलो अमरूद का उत्पादन मिल सकता है। इसके फल सख्त और गुलाबी गूदे वाले होते हैं। एक फल का वजन करीब 185 से 200 ग्राम रहता है। इसमें मिठास और खट्टेपन का अच्छा संतुलन होता है। इस किस्म में करीब 250 मिलीग्राम विटामिन C प्रति 100 ग्राम पाया जाता है।
CISH-Lalit ताजा खाने के साथ प्रसंस्करण के लिए भी उपयुक्त है। यह देश के प्रमुख अमरूद उत्पादक क्षेत्रों में अच्छी तरह उग सकती है और उत्तर प्रदेश, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, उत्तराखंड और महाराष्ट्र के लिए अनुशंसित है। यह किस्म कटाई-छंटाई यानी प्रूनिंग पर भी अच्छी प्रतिक्रिया देती है।
2. Awadh Bhushan: 300 ग्राम तक के बड़े फल
Awadh Bhushan सरदार अमरूद की हाफ-सिब आबादी से चयन करके विकसित की गई किस्म है। फल देने के तीसरे साल में इसका उत्पादन करीब 27.5 किलो प्रति पेड़ रहता है, जो छठे साल तक बढ़कर करीब 79 किलो प्रति पेड़ हो जाता है। इसके फल बड़े और लगभग गोल होते हैं। इनका रंग आकर्षक पीला-हरा होता है। एक फल का औसत वजन करीब 300 ग्राम रहता है। इसलिए यह किस्म खासतौर पर ताजा खाने के लिए उपयुक्त है। इस किस्म को 2025 में जारी किया गया और उसी साल इसका व्यावसायीकरण भी हुआ।
3. CISH-Dhawal: 38.4 टन प्रति हेक्टेयर तक औसत उपज
CISH-Dhawal अधिक उत्पादन देने वाली अमरूद की किस्म है। इसकी औसत उत्पादकता करीब 38.4 टन प्रति हेक्टेयर है। यह 2021-22 के 15.6 टन प्रति हेक्टेयर के राष्ट्रीय औसत से दोगुने से भी अधिक है। इस किस्म का एक पौधा करीब 80 से 90 किलो तक उत्पादन दे सकता है। इसके फलों में मुलायम बीजों की संख्या मध्यम होती है। फल में 13.4° ब्रिक्स TSS, 0.42 प्रतिशत अम्लता और 100 ग्राम में 250 मिलीग्राम से अधिक विटामिन C पाया जाता है। CISH-Dhawal ताजा सेवन और प्रसंस्करण दोनों के लिए उपयुक्त है। इसकी खास बात यह भी है कि यह बारिश के मौसम में भी अच्छा प्रदर्शन करती है।
4. CISH-Lalima: आकर्षक लाल रंग और अच्छी शेल्फ लाइफ
CISH-Lalima एप्पल अमरूद की हाफ-सिब आबादी से चयनित किस्म है। इसके फल गोल और मध्यम आकार के होते हैं। फलों का छिलका मोटा होता है और रंग आकर्षक क्रिमसन यानी गहरा लाल होता है। इस किस्म में रंगीन फलों का अनुपात भी अधिक रहता है।
फल का गूदा सख्त होता है और एक फल का वजन करीब 185 से 200 ग्राम रहता है। मिठास और खट्टेपन का संतुलित स्वाद इसकी खासियत है। इसमें करीब 150 से 220 मिलीग्राम विटामिन C प्रति 100 ग्राम पाया जाता है। इस किस्म में अच्छी उत्पादन क्षमता के साथ लंबी शेल्फ लाइफ भी है। इसलिए इसे ताजा खाने के साथ प्रसंस्करण के लिए भी इस्तेमाल किया जा सकता है।
5. CISH-Shweta: 90 किलो तक उत्पादन और 300 mg विटामिन C
CISH-Shweta अधिक उत्पादन देने वाली किस्म है। छह साल की उम्र में एक पौधा करीब 90 किलो तक अमरूद दे सकता है। इसके फल मध्यम आकार के और लगभग गोल होते हैं। एक फल का वजन करीब 225 ग्राम रहता है। फल की बाहरी त्वचा क्रीमी सफेद और गूदा बर्फ जैसा सफेद होता है।
इसमें 12.5 से 13.2 प्रतिशत TSS और करीब 300 मिलीग्राम विटामिन C प्रति 100 ग्राम पाया जाता है। इसके फलों की कीपिंग क्वालिटी भी अच्छी है। यह जैविक और अजैविक दोनों तरह के तनावों के प्रति मजबूत सहनशीलता दिखाती है। CISH-Shweta देश के अलग-अलग अमरूद उत्पादक क्षेत्रों में उगाई जा सकती है। यह ताजा सेवन, प्रसंस्करण और बारिश के मौसम में खेती के लिए भी उपयुक्त है।
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