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फसल की खेती (Crop Cultivation)

सोयाबीन में पत्तियों पर चितकबरापन दिखे तो क्या करें? जानें रोग और बचाव का उपाय  

05 सितंबर 2026, नई दिल्ली: सोयाबीन में पत्तियों पर चितकबरापन दिखे तो क्या करें? जानें रोग और बचाव का उपाय – सोयाबीन की पत्तियों पर चितकबरापन, पच्चीकारी या पत्तियों में कुरकुरापन दिखाई दे तो किसान सावधान हो जाएं। इन लक्षणों के संबंध में ICAR-राष्ट्रीय सोयाबीन अनुसंधान संस्थान (ICAR-NSRI) की 31 अगस्त 2026 की साप्ताहिक सोयाबीन सलाह में शुरुआती अवस्था में रोगग्रस्त पौधों को खेत से उखाड़ कर निकालने और रोग फैलाने वाले वाहक कीटों के नियंत्रण की सलाह दी गई है।

रोगग्रस्त पौधों को खेत से निकालें

ICAR-NSRI के अनुसार पीला मोजेक/सोयाबीन मोजेक एक वायरल रोग है। इसके लक्षण कुछ पौधों की ऊपरी पत्तियों पर दिखाई देते हैं। इनमें चितकबरापन, पच्चीकारी तथा पत्तियों में कुरकुरापन या मुड़ने जैसे लक्षण शामिल हैं। लक्षण दिखाई देने पर शुरुआती अवस्था में ही रोगग्रस्त पौधों को खेत से उखाड़कर निकालने की सलाह दी गई है।

सफेद मक्खी और एफिड की रोकथाम जरूरी

इन रोगों को फैलाने वाले सफेद मक्खी और एफिड की रोकथाम के लिए निम्न में से किसी एक अनुशंसित कीटनाशक का छिड़काव करने की सलाह दी गई है-

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  • थायोमिथोक्सम + लैम्ब्डा सायहेलोथ्रिन — 125 मिलीलीटर/हेक्टेयर
  • बीटासायफ्लुथ्रिन + इमिडाक्लोप्रिड — 350 मिलीलीटर/हेक्टेयर
  • एसिटामिप्रिड 25% + बायफेंथ्रिन 25% WG — 250 ग्राम/हेक्टेयर

सलाह के अनुसार इनका छिड़काव करने से तना मक्खी का भी नियंत्रण किया जा सकता है। इसके अलावा सफेद मक्खी के नियंत्रण के लिए किसानों को खेत में विभिन्न स्थानों पर पीले स्टिकी ट्रैप लगाने की सलाह दी गई है।

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