फसल की खेती (Crop Cultivation)

संतरे की टॉप-3 किस्में, 24 टन/हेक्टेयर तक देती हैं औसत उपज; जानें Pusa की इन वैरायटी की खासियत

15 सितंबर 2026, नई दिल्ली: संतरे की टॉप-3 किस्में, 24 टन/हेक्टेयर तक देती हैं औसत उपज; जानें Pusa की इन वैरायटी की खासियत – भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (ICAR-IARI) ने संतरे की कई उन्नत किस्में विकसित की हैं। इनमें पूसा राउंड स्वीट ऑरेंज, पूसा शरद और पूसा अभिनव शामिल हैं। इन तीनों किस्मों को वर्ष 2021 में जारी किया गया था। इनकी खासियत फल का आकार, जूस की मात्रा, पकने का समय और अलग-अलग क्षेत्रों के लिए उपयुक्तता है। इनमें पूसा राउंड स्वीट ऑरेंज की औसत उपज सबसे ज्यादा 24 टन प्रति हेक्टेयर दर्ज की गई है।

पूसा राउंड स्वीट ऑरेंज

पूसा राउंड स्वीट ऑरेंज मीठे संतरे की एक उन्नत किस्म है। इसे वर्ष 2021 में दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार, उत्तराखंड, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान और जम्मू-कश्मीर के केंद्र शासित प्रदेश के लिए जारी किया गया था। इस पौधे में घनी पत्तियां होती हैं और फल आकर्षक व गोल आकार के होते हैं। उत्तर भारत की परिस्थितियों में यह जल्दी तैयार होने वाली किस्म है और करीब 15 अक्टूबर तक फल पकने लगते हैं। इसके फल का औसत वजन 242.18 ग्राम है। फलों में 48.47 प्रतिशत जूस और 12.0° ब्रिक्स TSS पाया जाता है। इसकी अम्लता 1.0 प्रतिशत है। पौधों को 5×5 मीटर की दूरी पर लगाने की सलाह दी गई है। इस दूरी पर एक हेक्टेयर में करीब 400 पेड़ लगाए जा सकते हैं। इसकी औसत उपज 24 टन प्रति हेक्टेयर है।

पूसा शरद

पूसा शरद भी मीठे संतरे की किस्म है। इसे माल्टा स्वीट ऑरेंज के क्लोनल चयन से विकसित किया गया है। वर्ष 2021 में इसे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली के लिए जारी किया गया था। इसके पेड़ मध्यम तेजी से बढ़ते हैं। 4×4 मीटर की दूरी पर रोपण करने पर एक हेक्टेयर में करीब 625 पेड़ लगाए जा सकते हैं। उत्तर भारत में इसके फल अक्टूबर के दूसरे सप्ताह में जल्दी पक जाते हैं। फल का औसत वजन 221.96 ग्राम है और इसमें 47.95 प्रतिशत जूस पाया जाता है। इसका छिलका मध्यम मोटाई का है और TSS 10.13° ब्रिक्स है। IARI के अनुसार, यह किस्म ग्रीनिंग रोग के प्रति प्रतिरोधी है और इसमें ग्रेनुलेशन की समस्या नहीं होती। प्रति पेड़ करीब 37.41 किलोग्राम उपज और अनुमानित औसत उपज 23.4 टन प्रति हेक्टेयर है।

पूसा अभिनव

Pusa Abhinav भी 2021 में जारी की गई संतरे की किस्म है। इसे दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, हरियाणा, पंजाब और राजस्थान के लिए जारी किया गया है। यह एक promising clonal selection है। इसके पेड़ मध्यम फैलाव वाले और घने पत्तों वाले होते हैं तथा फल आकर्षक पीले और गोल होते हैं।इस किस्म में सालभर फल आने की क्षमता है। इसकी मुख्य तुड़ाई मार्च-अप्रैल और अगस्त-सितंबर में होती है। फल का औसत वजन 38-40 ग्राम, जूस की मात्रा 57% और अम्लता 7.7% है। इसकी औसत उपज 20 टन/हेक्टेयर है। यह किस्म सिट्रस कैंकर रोग के प्रति मध्यम रूप से संवेदनशील है।

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