फसल उत्पादन बढ़ाने में मददगार हैं ये कृषि यंत्र, खेत की तैयारी से बुआई तक जानें जरूरी मशीनें
24 जून 2026, नई दिल्ली: फसल उत्पादन बढ़ाने में मददगार हैं ये कृषि यंत्र, खेत की तैयारी से बुआई तक जानें जरूरी मशीनें – देश में बढ़ती खाद्यान्न आवश्यकता को पूरा करने के लिए कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीकों और कृषि यंत्रों का महत्व लगातार बढ़ रहा है। आज किसान एक ही खेत में वर्षभर कई फसलें लेकर उत्पादन बढ़ाने का प्रयास कर रहे हैं। ऐसे में खेत की तैयारी, बुवाई, सिंचाई और अन्य कृषि कार्य समय पर करना बेहद जरूरी हो जाता है। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि आधुनिक कृषि यंत्र न केवल खेती के काम को आसान बनाते हैं, बल्कि समय, श्रम और लागत की बचत करते हुए फसल उत्पादन बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
हालांकि, किसी भी कृषि यंत्र को खरीदने से पहले किसानों को अपने क्षेत्र की जरूरत, उपलब्ध संसाधन, भूमि की स्थिति और आर्थिक क्षमता का आकलन करना चाहिए, ताकि सही मशीन का चयन किया जा सके।
खेत की तैयारी के लिए उपयोगी कृषि यंत्र
मिट्टी पलटने वाला हल (एमबी प्लाऊ)
एमबी प्लाऊ गहरी जुताई के लिए उपयोग किया जाने वाला प्रमुख कृषि यंत्र है। यह मिट्टी की ऊपरी परत को पलटकर नीचे और निचली परत को ऊपर लाता है, जिससे मिट्टी भुरभुरी होती है और खरपतवार भी नियंत्रित होते हैं। भूमि की उर्वरता बढ़ाने और बेहतर फसल उत्पादन के लिए यह यंत्र काफी उपयोगी माना जाता है।
डिस्क प्लाऊ
कड़ी, घासयुक्त और जड़ों से भरी भूमि की जुताई के लिए डिस्क प्लाऊ का उपयोग किया जाता है। इसके गोलाकार तवे मिट्टी को काटते हुए आगे बढ़ते हैं, जिससे कठिन भूमि की जुताई भी आसानी से हो जाती है। नमीयुक्त और चिकनी मिट्टी में भी इसका प्रदर्शन बेहतर रहता है।
कल्टीवेटर
जुताई के बाद खेत में मिट्टी को भुरभुरी बनाने, ढेलों को तोड़ने और खरपतवारों को नियंत्रित करने के लिए कल्टीवेटर का उपयोग किया जाता है। कतार वाली फसलों में निराई-गुड़ाई के लिए भी यह यंत्र उपयोगी है।
हैरो
हैरो का उपयोग मिट्टी को समतल और भुरभुरी बनाने के लिए किया जाता है। यह खेत से घास-फूस और फसल अवशेषों को हटाने में भी मदद करता है। इससे मिट्टी में नमी संरक्षण बेहतर होता है और बुवाई के लिए उपयुक्त वातावरण तैयार होता है।
पडलर
धान की रोपा पद्धति के लिए पडलर महत्वपूर्ण यंत्र है। इसके माध्यम से खेत में पानी भरकर मिट्टी को अच्छी तरह मिलाया जाता है, जिससे रोपाई के लिए अनुकूल स्थिति बनती है। यह खरपतवार नियंत्रण और पानी के रिसाव को कम करने में भी सहायक होता है।
रोटावेटर
रोटावेटर आधुनिक खेती का एक लोकप्रिय यंत्र है। यह एक ही बार में मिट्टी की जुताई और भुरभुरीकरण का कार्य कर देता है। इसके उपयोग से समय और ईंधन की बचत होती है तथा खेत बुवाई के लिए जल्दी तैयार हो जाता है।
बुवाई के लिए उपयोगी कृषि यंत्र
पशु चालित बीज एवं उर्वरक ड्रिल
यह यंत्र एक साथ कई कतारों में बीज और उर्वरक की बुवाई करने में सक्षम होता है। इससे बीज और खाद की मात्रा नियंत्रित रहती है तथा श्रम की बचत होती है।
ट्रैक्टर चालित बीज एवं उर्वरक ड्रिल
यह आधुनिक यंत्र 7 से 13 कतारों तक बुवाई कर सकता है। इसके माध्यम से बीज और उर्वरक उचित गहराई पर डाले जाते हैं, जिससे अंकुरण अच्छा होता है और फसल की शुरुआती बढ़वार बेहतर रहती है।
प्लांटर
प्लांटर का उपयोग बीजों को निश्चित दूरी और निर्धारित कतारों में बोने के लिए किया जाता है। इससे पौधों की संख्या संतुलित रहती है और फसल प्रबंधन आसान हो जाता है।
रिज फरो तकनीक क्यों है फायदेमंद?
रिज फरो सीड कम फर्टिलाइजर ड्रिल किसानों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रही है। इस तकनीक में फसल की कतारों के बीच नालियां बनाई जाती हैं और बीज मेड़ों पर बोए जाते हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, यदि बुवाई के तुरंत बाद बारिश हो जाए तो पानी नालियों में एकत्रित होकर बह जाता है, जबकि बीज सुरक्षित रहते हैं। वहीं कम वर्षा की स्थिति में यही नालियां नमी संरक्षण में मदद करती हैं। अधिक बारिश होने पर अतिरिक्त पानी तेजी से बाहर निकल जाता है, जिससे जलभराव की समस्या नहीं होती।
रेज्ड बेड सीड ड्रिल से मिलते हैं कई लाभ
ट्रैक्टर चालित रेज्ड बेड सीडड्रिल आधुनिक कृषि में तेजी से अपनाई जा रही तकनीक है। इसके माध्यम से ऊंची मेड़नुमा क्यारियों पर बुवाई की जाती है और बीच में नालियां छोड़ी जाती हैं।
इस तकनीक के कई फायदे हैं—
- अधिक वर्षा की स्थिति में जल निकासी बेहतर होती है।
- मिट्टी में नमी का संरक्षण होता है।
- पौधों की जड़ों को पर्याप्त वायु मिलती है।
- उर्वरकों की उपयोग क्षमता बढ़ती है।
- खरपतवार नियंत्रण आसान हो जाता है।
- अंकुरण प्रतिशत और फसल वृद्धि बेहतर होती है।
- पौधों को सूर्य का प्रकाश पर्याप्त मात्रा में मिलता है, जिससे उत्पादन बढ़ता है।
सही कृषि यंत्र का चयन क्यों है जरूरी?
कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, हर यंत्र हर किसान के लिए उपयुक्त नहीं होता। यंत्र खरीदने से पहले भूमि का आकार, फसल का प्रकार, उपलब्ध शक्ति स्रोत और आर्थिक स्थिति का आकलन करना आवश्यक है। सही कृषि यंत्र का चयन खेती की लागत कम करने, समय बचाने और उत्पादन बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
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