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फसल की खेती (Crop Cultivation)

IARI से जानें: इस सप्ताह खेती में क्या करें और क्या न करें

11 जनवरी 2025, नई दिल्ली: IARI से जानें: इस सप्ताह खेती में क्या करें और क्या न करें – भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (IARI), नई दिल्ली ने 10 जनवरी 2025 को आगामी सप्ताह (15 जनवरी 2025 तक) के लिए मौसम आधारित कृषि परामर्श जारी किया है। यह परामर्श किसानों को फसलों की देखभाल और खेती के कार्यों को मौसम के अनुकूल तरीके से संचालित करने में मदद करेगा। आइए जानते हैं मुख्य सिफारिशें, पिछले सप्ताह का मौसम, और आगामी पूर्वानुमान।

कृषि वैज्ञानिकों की मुख्य सिफारिशें:

1. खड़ी फसलें और सिंचाई: आने वाले दिनों में बारिश की संभावना को देखते हुए सभी खड़ी फसलों में सिंचाई और किसी भी प्रकार का छिड़काव न करें।

2. गेहूं की फसल: दीमक का प्रकोप होने पर क्लोरपायरीफॉस 20 ईसी @ 2.0 लीटर प्रति एकड़ 20 किलो बालू में मिलाकर शाम को समय खेत में छिड़कें।

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3. सरसों की फसल: सरसों में चेंपा कीट की निगरानी करें। प्रभावित भागों को प्रारंभिक अवस्था में काटकर नष्ट करें।

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4. चना की फसल: फली छेदक कीट के प्रबंधन हेतु 3-4 फेरोमोन ट्रैप प्रति एकड़ लगाएं। पक्षी नियंत्रण के लिए “T” आकार के बसेरे खेतों में स्थापित करें।

5. प्याज की खेती: छह सप्ताह से अधिक पुरानी पौध का उपयोग रोपाई में न करें। रोपाई से पहले 20-25 टन सड़ी गोबर की खाद, 20 किलोग्राम नाइट्रोजन, 60-70 किलोग्राम फॉस्फोरस, और 80-100 किलोग्राम पोटाश आखिरी जुताई में ड़ालें। पौधों की रोपाई गहराई में न करें तथा कतार से कतार की दूरी 15 से.मी. पौधे से पौधे की दूरी 10 से.मी. रखें। 

6. सब्जियों की फसलें:

  • गोभी वर्गीय सब्जियां: हीरा पीठ इल्ली और फली छेदक तथा टमाटर में फल छेदक कीट के नियंत्रण हेतु 3-4 फेरोमोन ट्रैप प्रति एकड़ लगाएं। इस मौसम में तैयार बन्दगोभी, फूलगोभी, गांठगोभी आदि की रोपाई मेड़ों पर कर सकते हैं। 
  • कद्दूवर्गीय सब्जियां: कद्दूवर्गीय सब्जियों के अगेती फसल की पौध तैयार करने के लिए बीजों को छोटी पालीथीन के थेलों में भर कर पाली घरों में रखें। 
  • पालक, धनिया, मेथी: पत्तों की वृद्धि के लिए 20 किलो यूरिया प्रति एकड़ छिड़कें।

7. गाजर का बीज उत्पादन: यह मौसम गाजर का बीज बनाने के लिए उपयुक्त है अत: जिन किसानों ने फसल के लिए उन्नत किस्मों की उच्च गुणवत्ता वाले बीज का प्रयोग किया है तथा फसल 90-105 दिन की होने वाली है,वे जनवरी माह के प्रथम पखवाडें में खुदाई करते समय अच्छी, लम्बी गाजर का चुनाव करें, जिनमे पत्ते कम हो। इन गाजरों के पत्तो को 4 इंच का छोड़ कर उपर से काट दें। गाजरों का भी उपरी 4 इंच हिस्सा रखकर बाकी को काट दें। अब इन बीज वाली गाजरों को 45 से.मी. की दूरी पर कतारों में 6 इंच के अंतराल पर लगाकर पानी लगाए।

8. गेंदे की फसल: फूल सड़न रोग की नियमित निगरानी करें। लक्षण दिखने पर बाविस्टिन 1 ग्राम/लीटर या इंडोफिल-एम 45 @ 2 मिली/लीटर पानी में मिलाकर साफ मौसम में छिड़काव करें।

बीते सप्ताह का मौसम (4 से 10 जनवरी 2025)

पिछले सप्ताह के दौरान आसमान में धुंध छाई रही। 6 जनवरी को संस्थान की वैधशाला में 0.4 मिमी वर्षा दर्ज की गई। अधिकतम तापमान 14.4°C से 21.3°C (साप्ताहिक सामान्य 18.6°C) और न्यूनतम तापमान 4.9°C से 7.0°C (साप्ताहिक सामान्य 6.1°C) के बीच रहा। सुबह के समय सापेक्षिक आर्द्रता 85% से 97% और दोपहर में 71% से 87% तक दर्ज की गई। सप्ताह के दौरान प्रतिदिन औसतन 3.1 घंटे (साप्ताहिक सामान्य 2.9 घंटे) धूप खिली रही। हवा की औसत गति 4.0 किमी/घंटा रही, जो साप्ताहिक सामान्य 2.7 किमी/घंटा से अधिक थी। वाष्पीकरण की दर प्रतिदिन औसतन 1.2 मिमी (साप्ताहिक सामान्य 1.7 मिमी) रही। हवा की दिशा सुबह और अपराह्न में भिन्न-भिन्न दिशाओं में रही।

आगामी मौसम पूर्वानुमान (11 से 15 जनवरी 2025)

भारत मौसम विज्ञान विभाग, नई दिल्ली के अनुसार, अगले सप्ताह हल्के से मध्यम बादल छाए रहने की संभावना है। 11 जनवरी को कुछ स्थानों पर हल्की बूंदाबांदी हो सकती है, और अलग-अलग क्षेत्रों में घना कोहरा छा सकता है। अधिकतम तापमान 17°C से 19°C और न्यूनतम तापमान 7°C से 11°C के बीच रहने की संभावना है। सापेक्षिक आर्द्रता सुबह के समय 95% से 100% और दोपहर में 80% के आसपास रहने का अनुमान है। हवा की गति 6 से 12 किमी/घंटा के बीच रहेगी और दिशा उत्तर तथा उत्तर-उत्तर-पश्चिम रहेगी। इस अवधि के दौरान साप्ताहिक संचयी वर्षा 11 मिमी तक रहने की संभावना है।

कृपया फसल सुरक्षा और सिंचाई संबंधी कार्यों को मौसम के अनुसार ही करें।

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