गेहूं की ये टॉप 3 हाई यील्ड किस्में: एक हेक्टेयर में 87.7 क्विंटल तक मिलेगा बंपर उत्पादन, जानिए खासियत
22 अक्टूबर 2026, नई दिल्ली: गेहूं की ये टॉप 3 हाई यील्ड किस्में: एक हेक्टेयर में 87.7 क्विंटल तक मिलेगा बंपर उत्पादन, जानिए खासियत – रबी सीजन में गेहूं की अच्छी पैदावार हासिल करने के लिए उन्नत किस्मों का चुनाव करना बेहद जरूरी है। किसानों के लिए गेहूं की ऐसी कई किस्में उपलब्ध हैं, जो बेहतर उत्पादन देने के साथ-साथ अपनी गुणवत्ता और रोग प्रतिरोधक क्षमता के लिए भी जानी जाती हैं। इनमें HD 3226 (पूसा यशस्वी), PBW 826 और DBW 327 (करण शिवानी) प्रमुख हैं। इन किस्मों की संभावित उपज 79.6 से 87.7 क्विंटल प्रति हेक्टेयर तक बताई गई है। आइए जानते हैं इन तीनों किस्मों की खासियत और इनसे मिलने वाली उपज के बारे में।
1. HD 3226 (पूसा यशस्वी)
गेहूं की HD 3226 किस्म को भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (ICAR-IARI), नई दिल्ली ने विकसित किया है। यह उच्च उपज देने वाली किस्म है, जिसमें वेट ग्लूटेन की मात्रा अधिक पाई जाती है। अपनी गुणवत्ता के कारण यह किस्म बेकरी और आटा उद्योग के लिए उपयुक्त मानी जाती है।
HD 3226 किस्म की प्रमुख विशेषताएं
औसत उपज: 57.5 क्विंटल प्रति हेक्टेयर
संभावित उपज: 79.6 क्विंटल प्रति हेक्टेयर
वेट ग्लूटेन: 30.85 प्रतिशत
रोग प्रतिरोधक क्षमता: पीले और भूरे रतुआ के प्रति प्रतिरोधी
उपयोगिता: बेकरी और आटा उद्योग के लिए उपयुक्त
2. PBW 826
गेहूं की PBW 826 किस्म को पंजाब कृषि विश्वविद्यालय (PAU), लुधियाना ने विकसित किया है। इसे उत्तर-पश्चिमी और उत्तर-पूर्वी मैदानी क्षेत्रों में बुवाई के लिए सुझाया जाता है। यह किस्म अच्छी उपज के साथ अपने कठोर दानों और बेहतर गुणवत्ता के लिए भी जानी जाती है। इन विशेषताओं के कारण आटा उद्योग में इसकी उपयोगिता है।
PBW 826 किस्म की प्रमुख विशेषताएं
औसत उपज: 63.6 क्विंटल प्रति हेक्टेयर
संभावित उपज: 84.0 क्विंटल प्रति हेक्टेयर
हेक्टोलीटर वजन: 79.3 किलोग्राम
रोग प्रतिरोधक क्षमता: भूरे रतुआ के प्रति सहनशील
उपयोगिता: कठोर दाने और अच्छी गुणवत्ता इसे आटा उद्योग के लिए उपयोगी बनाते हैं।
3. DBW 327 (करण शिवानी)
गेहूं की DBW 327 किस्म को करण शिवानी (Karan Shivani) के नाम से भी जाना जाता है। इसे भारतीय गेहूं एवं जौ अनुसंधान संस्थान (ICAR-IIWBR), करनाल ने विकसित किया है। यह किस्म विशेष रूप से अधिक तापमान और सूखे की स्थिति वाले वातावरण के लिए उपयुक्त पाई गई है। उत्तर भारत के क्षेत्रों में उगाई जाने वाली इस किस्म की खासियत इसकी अच्छी उपज क्षमता और प्रतिकूल मौसम में बेहतर प्रदर्शन करने की क्षमता है।
DBW 327 किस्म की प्रमुख विशेषताएं
औसत उपज: 79.4 क्विंटल प्रति हेक्टेयर
संभावित उपज: 87.7 क्विंटल प्रति हेक्टेयर
गर्मी सहनशीलता सूचकांक (HSI): 0.81
सूखा सहनशीलता सूचकांक (DSI): 0.78
जिंक की मात्रा: 40.6 पीपीएम
चपाती गुणवत्ता स्कोर: 10 में से 7.67
रोग प्रतिरोधक क्षमता: पीले और भूरे रतुआ के प्रति प्रतिरोधी
यह किस्म गर्मी और सूखे जैसी प्रतिकूल परिस्थितियों में भी स्थिर और बेहतर उपज देने की क्षमता रखती है।
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