डायरेक्ट सीडेड राइस (DSR) में खरपतवार नियंत्रण के लिए बिसपाइरिबैक सोडियम का उपयोग कैसे करें?
30 जुलाई 2026, नई दिल्ली: डायरेक्ट सीडेड राइस (DSR) में खरपतवार नियंत्रण के लिए बिसपाइरिबैक सोडियम का उपयोग कैसे करें? – खरीफ सीजन में देश में धान की बुवाई का रकबा 166 लाख हेक्टेयर को पार कर चुका है। ऐसे में डायरेक्ट सीडेड राइस (DSR) की खेती करने वाले किसानों के लिए शुरुआती अवस्था में खरपतवार नियंत्रण सबसे महत्वपूर्ण कार्यों में से एक है। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) के केंद्रीय धान अनुसंधान संस्थान (ICAR-CRRI) ने अपलैंड क्षेत्रों में ड्राई डायरेक्ट सीडेड धान के लिए बिसपाइरिबैक सोडियम के वैज्ञानिक उपयोग के साथ-साथ यूरिया देने की भी सलाह दी है।
संस्थान के अनुसार, डायरेक्ट सीडेड धान में शुरुआती दिनों में खरपतवार तेजी से बढ़ते हैं और फसल से नमी, पोषक तत्व तथा सूर्य के प्रकाश के लिए प्रतिस्पर्धा करते हैं। यदि समय पर इनका नियंत्रण नहीं किया जाए तो उत्पादन में उल्लेखनीय कमी आ सकती है।
बिसपाइरिबैक सोडियम का प्रयोग कब करें?
ICAR-CRRI के अनुसार, बिसपाइरिबैक सोडियम 10% SC का छिड़काव खरपतवार निकलने के 8–10 दिन बाद या जब खरपतवार 2–3 पत्ती अवस्था में हों, तब करना सबसे प्रभावी रहता है।
प्रति एकड़ कितनी मात्रा का करें उपयोग?
किसानों को बिसपाइरिबैक सोडियम 10% SC की 120 मिलीलीटर मात्रा प्रति एकड़ प्रयोग करनी चाहिए। दवा को 16 लीटर क्षमता वाले आठ स्प्रे टैंकों में घोलकर पूरे खेत में समान रूप से छिड़काव करें।
छिड़काव के बाद 26 किलोग्राम यूरिया दें
ICAR-CRRI की सलाह के अनुसार, बिसपाइरिबैक सोडियम के छिड़काव के 2–3 दिन बाद प्रति एकड़ 26 किलोग्राम यूरिया का प्रयोग करें।इससे खरपतवार नियंत्रण के बाद धान की फसल को आवश्यक नाइट्रोजन उपलब्ध होती है और प्रारंभिक वृद्धि बेहतर होती है।
यदि बिसपाइरिबैक का उपयोग नहीं कर पाए तो क्या करें?
यदि शुरुआती अवस्था में बिसपाइरिबैक सोडियम का छिड़काव नहीं किया गया है, तो किसान बुवाई के लगभग 20 दिन बाद पर्याप्त नमी की स्थिति में फेनोक्साप्रॉप-पी-एथाइल 9 EC का 260 मिलीलीटर प्रति एकड़ की दर से छिड़काव कर सकते हैं।
जिन खेतों में खरपतवारनाशी का प्रयोग नहीं हुआ है
ICAR-CRRI ने सलाह दी है कि जिन खेतों में किसी भी खरपतवारनाशी का उपयोग नहीं किया गया है, वहां पहली निराई-गुड़ाई हाथ से या फिंगर वीडर अथवा व्हील हो जैसे यंत्रों की सहायता से अवश्य करें। इससे खरपतवारों पर प्रभावी नियंत्रण होगा और धान की फसल का प्रारंभिक विकास बेहतर होगा।
विशेषज्ञों के अनुसार, डायरेक्ट सीडेड राइस में खरपतवार नियंत्रण के लिए सही समय पर बिसपाइरिबैक सोडियम का उपयोग करने और इसके बाद 26 किलोग्राम प्रति एकड़ यूरिया देने से फसल की बढ़वार अच्छी होती है, पोषक तत्वों का बेहतर उपयोग होता है और संभावित उपज हानि से बचाव किया जा सकता है।
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