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फसल की खेती (Crop Cultivation)

प्राकृतिक खेती में ब्रम्हांस्त्र कैसे बनाएँ

ब्रम्हांस्त्र बनाने के तरीके के बारे में जानिए…

16 फरवरी 2023,  देवास । प्राकृतिक खेती में ब्रम्हांस्त्र कैसे बनाएँ – मध्यप्रदेश के कृषि विस्तार सुधार कार्यक्रम आत्मा योजना अंतर्गत विकासखंड बागली के ग्राम मगरादेह में प्राकृतिक खेती आधारित फार्म स्कूल का आयोजन किया गया।  कृषि विस्तार सुधार कार्यक्रम में श्री एम. एल. सोलंकी किसानों को कृषि विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी विस्तार से दी गई । कार्यक्रम में कृषि विभाग से, श्री राहुल परमार, श्री लोकेश मालवीय एवं ग्राम के किसान उपस्थित थे। कार्यक्रम में किसानों को नाडेप वर्मी कंपोस्ट खाद बनाने के बारे में विस्तार से बताया गया।

कृषि विस्तार सुधार कार्यक्रम में श्री राहुल परमार ने उपस्थित किसानों को प्राकृतिक खेती के आधार स्तंभ जीवामृत, बीजामृत, ब्रम्हांस्त्र, नीमास्त्र, दशपर्णी अर्क दवा के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। फसलों में बड़े कीड़े मकोड़ों की रोकथाम के लिए ब्रम्हास्त्र बनाने के लिए देशी गाय का गोमूत्र 10 लीटर, नीम के पत्ते पिसे हुए 5 किलोग्राम, धतूरे के पत्ते, सीताफल के पत्ते, करंज के पत्ते, अमरूद के पत्ते, अरंडी के पत्ते, पपीता के पत्ते उपरोक्त में से कोई कोई पांच पौधों के दो-दो किलो पत्तों को बाँट कर गोमूत्र में घोलिए और ढक कर रखें तथा किसी बड़े बर्तन में उबाले, ठंडा होने पर कपड़े से छान कर 2 दिन बाद 100 लीटर पानी में तैयार ब्रम्हास्त्र को 2 से 3 लीटर मिलाकर किसी भी फसल पर छिड़काव कर सकते हैं। इसे 6 महीने तक उपयोग किया जा सकता है। बी.टी.एम. लोकेश मालवीय ने उपस्थित किसानों को प्राकृतिक खेती में पंजीयन करवाने एवंप्राकृतिक खेती करने की उचित सलाह दीl

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