कृषि सिंचाई जल को मृदु बनाने की तकनीक

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  • शिप्रा , मोनिका कुंडु
  • प्रमीला कृष्णन ,अनंता वशिष्ठ, अच्छेलाल यादव
    कृषि भौतिकी संभाग
    भा.कृ.अनु.प.-भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान, नई दिल्ली

29 मार्च 2022, कृषि सिंचाई जल को मृदु बनाने की तकनीक – कैल्शियम और मैग्नीशियम की सांद्रता पानी में ज्यादा होने को कठोर पानी कहते हंै। कृषि क्षेत्र एवं उद्योगों में कठोर पानी से बहुत नुकसान होता है, जिससे विभिन्न प्रकार के उपकरणों एवं खेती को नुकसान पहुंचता है। इस कठोर पानी को कई तकनीकियों के द्वारा मृदु किया जा सकता है। कठोर पानी खेती ही नहीं अपितु घरेलू और पर्यावरण दोनों के लिये हानिकारक है। कैल्शियम कार्बोनेट साल्ट सिंचाई वाले पानी में होने से इसकी परत पोधों की जड़ों एवं पत्तियों पर जम जाती है। इसके अलावा मिट्टी में जमा होने से इसकी मोटी परत से मिट्टी की उर्वरता खराब हो जाती है। कैल्शियम कार्बोनेट की परत की वजह से पानी पौधों की जड़ों तक नहीं जा पाता है। इसके कारण पौधे पानी, खनिज, उर्वरक एवं कीटनाशक से अधिकतम फायदे से वंचित रह जाते हैं। सोडियम कार्बोनेट या आयन विनिमय स्तंभ प्रक्रिया की मदद से हम कठोर पानी को मृदु कर सकते हैं। कठोर पानी न केवल पौधों के लिए बल्कि पर्यावरण में रहने वाले जंतुओं के लिए भी बहुत हानिकारक है। आयन-विनिमय बहुलक आयन विनिमय के लिए एक माध्यम के रूप में कार्य करता है। यह एक अघुलनशील मैट्रिक्स है जो सामान्य रूप से छोटे (0.25-1.43 मिमी त्रिज्या) माइक्रोबीड्स के रूप में होता है। यह आमतौर पर सफेद या पीले रंग के एक कार्बनिक बहुलक सब्सट्रेट से बना होता है ।

कठोर पानी को मृदु बनाने की तकनीक

आयन-विनिमय बहुलक प्रक्रिया एक उत्क्रमणीय अभिक्रिया है। इस प्रक्रिया मेंं एक आयन दूसरे आयन से बदल जाते हैं। आयन-विनिमय बहुलक दो प्रकार के होते हैं – धनायन विनिमय और ऋणायन विनिमय। इन दोनों बहुलक में सकारात्मक आयन और नकारात्मक आयन ही अहम भूमिका निभाते हंै। इसको पोलयसटेरिन बहुलक से बनाया जाता है।

धनायन विनिमय बहुलक

इस बहुलक में काउंटर आयन सोडियम और पोटाशियम आयन होते हंै। सोडियम और पोटेशियम आयन मृदु आयन होते हैं। जैसे ही कठोर पानी को बहुलक से गुजारा जाता है वैसे ही आयन का अदला-बदला हो जाता है। कठोर आयन पानी से निकल कर बहुलक पर लग जाते हंै और मृदु आयन पानी में चले जाते हैं। इस तरह कठोर आयन पानी से निकल जाते हैं और पानी साफ हो जाता है। इस प्रक्रिया में तटस्थता बनाए रहनी चाहिए। तटस्थता बनाए रहने के लिए हर एक कठोर आयन को जो कि द्विसंयोजक है, दो सोडियम आयन को हटाना पड़ता है। इस प्रकार तटस्थता बनी रहती है ।

पानी मृदु बनाने वाले संयंत्र में दो टंकी होती है- एक में धनायन बहुलक और दूसरे में ब्राइन (सोडियम क्लोराइड) का मिश्रण होता है। जब पूरी बहुलक कठोर आयन से भर जाती है, तब उस बहुलक को ब्राइन मिश्रण से धो देते हंै जिससे कठोर आयन जो बहुलक से लगे हुए थे वो धुल जाते हंै। धुली हुई बहुलक को हम दुबारा कठोर पानी को साफ करने के लिए उपयोग में ला सकते हैं।

ऋणायन विनिमय बहुलक

इस बहुलक में अमोनियम आयन होते हैं और काउंटर आयन क्लोराइड आयन होता है। फ्लोराइड आयन की इलेक्ट्रोनेगटिविटी क्लोराइड आयन से ज्यादा होती है, इलेक्ट्रोनेगटिविटी ज्यादा होने की वजह से फ्लोरिड आयन बहुलक पर लग जाते हंै और क्लोराइड आयन पानी में चले जाते हंै। यह प्रक्रिया तब तक चलती है जब तक बहुलक फ्लोरिड आयन से पूरा भर न जाए। इन कठोर आयन को हटाने के लिए बहुलक को सोडियम क्लोराइड से धोया जाता है । धुले हुए बहुलक को दुबारा से प्रयोग कर सकते हंै। ऋणायन विनिमय बहुलक को फिटकरी घोल से धो कर, हम इसे आयन विनिमय बहुलक की तरह भी उपयोग में ला सकते हंै।

बहुलक के उपयोग इस प्रकार हैं –

पानी मृदु करना – सोडियम आयनों के साथ कठोर पानी में पाए जाने वाले मैग्नीशियम और कैल्शियम आयनों को बदलने के लिए आयन विनिमय बहुलक का उपयोग किया जाता है। जब बहुलक ताजा होता है, तो इसके सक्रिय स्थलों पर सोडियम आयन होते हैं। जब मैग्नीशियम और कैल्शियम आयन सोडियम आयनों की कम सांद्रता वाले घोल के संपर्क में होते हैं, तो मैग्नीशियम और कैल्शियम आयन अधिमानत: समाधान से बाहर बहुलक पर सक्रिय साइटों पर चले जाते हैं, सोडियम आयनों द्वारा समाधान में प्रतिस्थापित किया जाता है। बहुलक को सोडियम आयनों की उच्च सांद्रता वाले घोल से धोकर रिचार्ज किया जा सकता है (उदाहरण के लिए इसमें बड़ी मात्रा में सामान्य नमक (सोडियम क्लोराइड) घुला हुआ है। कैल्शियम और मैग्नीशियम आयन बहुलक से पलायन करते हैं, समाधान से सोडियम आयनों द्वारा प्रतिस्थापित किया जा रहा है जब तक कि एक नया संतुलन नहीं हो जाता है। नमक का उपयोग आयन-विनिमय को रिचार्ज करने के लिए किया जाता है, जिसका उपयोग स्वयं पानी को मृदु करने के लिए किया जाता है।
जल शोधन- आयन विनिमय बहुलक का उपयोग जहरीले (जैसे तांबा) और खतरनाक धातु (जैसे सीसा या कैडमियम) आयनों को घोल से हटाने के लिए किया जाता है, उन्हें सोडियम और पोटेशियम आयनों के साथ बदल दिया जाता है। कुछ आयन-एक्सचेंज रेजिन पानी से क्लोरीन या कार्बनिक दूषित पदार्थों को हटाते हैं- यह आमतौर पर बहुलक के साथ मिश्रित सक्रिय चारकोल फिल्टर का उपयोग करके किया जाता है। कुछ आयन विनिमय बहुलक हैं जो कार्बनिक आयनों को हटाते हैं, जैसे कि चुंबकीय आयन विनिमय बहुलक। घरेलू जल शोधन बहुलक को आमतौर पर रिचार्ज नहीं किया जाता है – जब इसका उपयोग नहीं किया जा सकता है तो बहुलक को त्याग दिया जाता है। इलेक्ट्रॉनिक्स, वैज्ञानिक प्रयोगों, सुपरकंडक्टर्स के उत्पादन और परमाणु उद्योग के लिए उच्चतम शुद्धता के पानी की आवश्यकता होती है। इस तरह के पानी का उत्पादन आयन-विनिमय प्रक्रियाओं या झिल्ली और आयन-विनिमय विधियों के संयोजन का उपयोग करके किया जाता है।

जूस शुद्धिकरण – ऑरेंज और क्रैनबेरी जूस जैसे फलों के रस के निर्माण में आयन विनिमय बहुलक का उपयोग किया जाता है, जहां उनका उपयोग कड़वा-स्वाद वाले घटकों को हटाने और स्वाद में सुधार करने के लिए किया जाता है।

हवा से कार्बन डाइऑक्साइड हटाना – आयन विनिमय बहुलक सूखने पर CO2 को आसानी से अवशोषित कर लेता है और नमी के संपर्क में आने पर इसे फिर से छोड़ देता है। यह उन्हें परिवेशी वायु से प्रत्यक्ष कार्बन अवशोषित के लिए सबसे आशाजनक सामग्रियों में से एक बनाता है ।

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