मोहीपुरा की संत कृपा नर्सरी ने बनाई पहचान
01 जून 2024, (दिलीप दसौंधी, मंडलेश्वर): मोहीपुरा की संत कृपा नर्सरी ने बनाई पहचान – किसी भी व्यवसाय को आरम्भ करने से पहले यदि उसकी चुनौतियों और समाधान की जानकारी ले ली जाए, तो सफलता अवश्य मिलती है। नर्सरी के
किसानों की सफलता की कहानी (Farmer Success Story) में कृषि और संबद्ध गतिविधियों में किसान की सफलता की कहानी से संबंधित समाचार और लेख हैं। किसानों की सफलता की कहानी (Farmer Success Story) में किसानों से संबंधित कहानियाँ भी शामिल हैं जहाँ उन्होंने खेती की गतिविधियों से उच्च लाभ कमाया है या नियमित कृषि पद्धतियों को बदलकर और कृषि के नए तरीकों को अपनाकर अधिक लाभ कमाया है। इसमें पूरे भारत से और भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) और भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (आईएआरआई) जैसे राष्ट्रीय संस्थानों से भी कहानियां शामिल हैं। इसमें गेहूं, सोयाबीन, चना, धान, बासमती जैसी फसलें और आम, सेब, पपीता, अमरूद, बिंदी, भिंडी, टमाटर, प्याज, फूलगोभी, मटर, ड्रैगन फ्रूट, तोरी आदि फल और सब्जियां (बागवानी फसलें) की सफलता की कहानियां शामिल हैं।
01 जून 2024, (दिलीप दसौंधी, मंडलेश्वर): मोहीपुरा की संत कृपा नर्सरी ने बनाई पहचान – किसी भी व्यवसाय को आरम्भ करने से पहले यदि उसकी चुनौतियों और समाधान की जानकारी ले ली जाए, तो सफलता अवश्य मिलती है। नर्सरी के
लेखक – सुनील कुमार राठौर (खाद्य वैज्ञानिक), डॉ.अनीता ठाकुर (मृदा वैज्ञानिक), कृषि विज्ञान केंद्र, अनूपपुर (म.प्र.) 24 मई 2024, अनूपपुर: मधुमक्खी पालन से किसान बने मालामाल – भारत के ग्रामीण क्षेत्रों में पर्याप्त संसाधन व विपुल संभवनाएं विद्यमान हैं, जिनका
उमेश खोड़े 17 मई 2024, पांढुर्ना: इंजीनियर ने केंचुआ खाद को बनाया कमाई का ज़रिया – पांढुर्ना के युवा इंजीनियर श्री शुभम पांडुरंग केवटे ने टेक्सटाइल्स में बी टेक करने के बाद 2018 में दमन में नौकरी भी की, लेकिन नियति को
सफलता की कहानी 27 अप्रैल 2024, मंडलेश्वर(दिलीप दसौंधी, मंडलेश्वर):जामली के दिनेश ने ड्रैगन फ्रूट की खेती से जमाई धाक – कृषि में नवाचार करने में कई तरह की जोखिम रहती है, लेकिन जो किसान चुनौतियों का डटकर सामना करते हैं,
24 अप्रैल 2024, भोपाल: सबसे अधिक उपज देने वाली गेहूं किस्म डीबीडब्ल्यू 327 ने पंजाब, हरियाणा में तोड़ा पुराना रिकॉर्ड – पंजाब के फतेहगढ़ साहिब और हरियाणा के पानीपत जिले के किसानों ने आईसीएआर-भारतीय गेहूं और जौ अनुसंधान संस्थान, करनाल द्वारा विकसित डीबीडब्ल्यू 327
आदित्य भाटिया, डॉ. नीरज, कृषि और पर्यावरण विज्ञान विभाग, राष्ट्रीय खाद्य प्रौद्योगिकी उद्यमशीलता एवं प्रबंधन संस्थान (निफ्टेम-के),सोनीपत, हरियाणा; प्रो. (डॉ.) जे एन भाटिया, सेवानिवृत्त प्रधान वैज्ञानिक (प्लांट पैथोलॉजी),चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय(सी.सी.एस. एच.ए.यू.)हिसार,हरियाणा। 22 अप्रैल 2024, हिसार: ढिंगरी मशरूम
22 अप्रैल 2024, बांसवाड़ा: मटका खाद के उपयोग से पुष्पा देवी की खेती बनी उपजाऊ – दक्षिणी राजस्थान राज्य के बांसवाड़ा जिला अन्तर्गत आनेवाले ग्राम पंचायत चिकली तेजा में स्थित ग्राम चिकली बादरा की जनजातीय समुदाय की महिला सीमांत किसान
13 अप्रैल 2024, इंदौर: गर्म इलाके में ठंडे प्रदेश की फसल स्ट्रॉबेरी का लिया उत्पादन – असली सफलता वही है ,जो विषमताओं के बीच संघर्षों से हासिल की जाए। गर्म इलाके में ठंडे प्रदेश की फसल स्ट्रॉबेरी का उत्पादन लेने
29 मार्च 2024, इंदौर: जायद के मूंग ने बनाया मलामाल – मध्यप्रदेश में रबी के बाद तीसरी फसल के रूप में जायद में मूंग फसल लेने के प्रति रुझान बढ़ा है। राज्य में नर्मदापुरम, हरदा, सीहोर, रायसेन आदि जिले ऐसे
विकास मेश्राम – वागधारा 20 मार्च 2024, वागधारा: मुर्गी पालन से युवा किसान पप्पू चरपोटा प्रति माह कमा रहा 14 हजार रूपये – वर्तमान में युवा सभी क्षेत्रो में अपनी भागीदारी सुनिश्चित कर और अन्य लोगो के साथ कंधे से कंधा