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किसानों की सफलता की कहानी (Farmer Success Story)

अंतरवर्तीय फसल मिर्च से 46 लाख का मुनाफा लिया

खरगोन के किसान ने किया नवाचार, आने वाली तीन पुश्तों के लिए लगाई फसल

31 अक्टूबर 2020, खरगोन। अंतरवर्तीय फसल मिर्च से 46 लाख का मुनाफा लिया – इन दिनों कई क्षेत्रों में नवाचारों की बाढ़ सी आ गई है। इसी बीच एक किसान जो अपनी खेती करने के तरीके में भी नवाचार कर आने वाली अपनी पीढिय़ों को भी इससे स्थाई इनकम देने की दिशा में नवाचार किया है। मेनगांव के विजय पाटीदार का हमेशा यह मानना रहा है कि उसके परिवार की भी स्थाई इनकम होती रहे। इसी दिशा में महाराष्ट्र और बिहार के कई शहरों में घुमने व किसानों से बांस की खेती के अनुभव जानने के बाद अपने 16 एकड़ की सिंचित और उपजाऊ भूमि में चार हजार पौधे लगा लिए। बांस की खेती के होने वाले मुनाफे से बेखबर कई किसान विजय की इस नवाचार कृषि पर हसने लगे और तरह-तरह की फब्तियां कसने लगे, लेकिन विजय ने मन में कुछ और ही ठान रखा था। एक तरफ तो उन्होंने 4 हजार पौधे लगा लिए। दूसरी तरफ बंबू मिशन से जुड़कर प्रति जीवित पौधे पर 30 रूपए राशि प्राप्त की। आज विजय के 16 एकड़ भूमि पर 4 हजार पौधे जीवित हैं, जिससे उन्हें अगले वर्ष से शुद्ध मुनाफा होने लगेगा।

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अंतरवर्तीय फसल से हुआ भरपूर मुनाफा

विजय पर उनके साथी किसान तरह-तरह की बातें कर कोसने लगे। विजय उनकी परवाह किए बगैर अंतरवर्तीय फसलों में प्रयोग करने लगा। उनका यह प्रयोग सार्थक व सफल साबित हुआ। जहां इस वर्ष मिर्च की फसल में वायरस के अटैक से हर किसान परेशान होता नजर आ रहा है। वहीं विजय अपनी मिर्च की फसल से काफी संतुष्ट होकर अच्छे मुनाफे की उम्मीद लगाए हुए है। विजय का कहना है कि बांस (बंबू) की खेती से इस वर्ष उनकी फसल में वायरस का अटैक नहीं हुआ है। उनकी आसपास के खेतों में मिर्च की फसलें खराब हो गई है। इससे पूर्व 2019 में बांस के बीच में अंतरवर्तीय फसल लेकर इसी मिर्च की फसल से 46 लाख रूपए का मुनाफा लिया है। इसके अलावा वर्ष 2018 में मिर्च से 2 लाख रूपए प्रति एकड़ और कपास से ढाई लाख प्रति एकड़ का मुनाफा लिया है।

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सिर्फ एक पानी से ही पनपता है बांस

विजय बताते है कि कई ऐसी फसलें हैं, जिन्हें भरपूर पानी की आवश्यकता होती है। हालांकि उनके कुंए में गर्मी के मौसम में भी पर्याप्त पानी उपलब्ध रहता है। बिहार व महाराष्ट्र के किसानों के अनुभव के आधार पर विजय ने 20 & 7 के अनुपात में बांस लगाकर बीच-बीच में मिर्च, कपास, अरबी, धनिया व अन्य तरह की सब्जियां भी अंतरवर्तीय फसलों के तौर पर ले रहे हैं। इस वर्ष उन्होंने अंतरवर्तीय फसल में अदरक का प्रयोग किया है। विजय अपने फसलों के रखरखाव में धीरे-धीरे जैविक खेती के रूप में भी आगे बढ़ रहे हैं।

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