बीजापुर के किसान की सफलता: खेती के साथ अपनाया मुर्गी पालन, अब हर साल हो रही हजारों की अतिरिक्त कमाई
01 जुलाई 2026, बीजापुर: बीजापुर के किसान की सफलता: खेती के साथ अपनाया मुर्गी पालन, अब हर साल हो रही हजारों की अतिरिक्त कमाई – खेती के साथ यदि पशुपालन या मुर्गी पालन जैसे अतिरिक्त व्यवसाय को जोड़ा जाए, तो किसानों की आय में अच्छी बढ़ोतरी हो सकती है। इसका उदाहरण छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले के भोपालपटनम विकासखंड के ग्राम उल्लूर निवासी किसान सदाशिव कुरगुड़ हैं। उन्होंने खेती के साथ मुर्गी पालन शुरू कर न केवल अपनी आय बढ़ाई, बल्कि आज हर साल हजारों रुपये की अतिरिक्त कमाई भी कर रहे हैं।
किसान क्रेडिट कार्ड योजना से मिली नई शुरुआत
सदाशिव कुरगुड़ खेती के साथ कोई अतिरिक्त रोजगार शुरू करना चाहते थे, लेकिन पर्याप्त पूंजी नहीं होने के कारण यह संभव नहीं हो पा रहा था। इसी दौरान उन्हें पशुधन विकास विभाग द्वारा संचालित किसान क्रेडिट कार्ड योजना की जानकारी मिली।
विभाग के मार्गदर्शन से उन्हें बैंक के माध्यम से 30 हजार रुपये का ऋण मिला। इस राशि से उन्होंने मुर्गी पालन की शुरुआत करते हुए चूजे खरीदे और उनके लिए आवश्यक आहार तथा अन्य जरूरी व्यवस्थाएं कीं।
मेहनत और तकनीकी मार्गदर्शन से मिली सफलता
मुर्गी पालन शुरू करने के बाद सदाशिव ने नियमित देखभाल और बेहतर प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया। पशुधन विकास विभाग के तकनीकी मार्गदर्शन का भी उन्हें लगातार लाभ मिला। इसका परिणाम यह रहा कि उनका पोल्ट्री व्यवसाय धीरे-धीरे बढ़ता गया।
आज वे इस व्यवसाय से हर वर्ष लगभग एक लाख रुपये की आय अर्जित कर रहे हैं। सभी खर्चों को घटाने के बाद उन्हें करीब 80 हजार रुपये का शुद्ध लाभ मिलता है। इस अतिरिक्त आय से उनके परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है और जीवन स्तर में भी उल्लेखनीय सुधार आया है।
अब व्यावसायिक पोल्ट्री फार्म स्थापित करने का लक्ष्य
सदाशिव कुरगुड़ का कहना है कि पशुधन विकास विभाग की योजना ने उन्हें आत्मनिर्भर बनने का अवसर दिया है। अब उनका सपना एक बड़े व्यावसायिक पोल्ट्री फार्म की स्थापना कर अपने व्यवसाय का विस्तार करना है, ताकि भविष्य में अधिक रोजगार के अवसर भी पैदा किए जा सकें।
उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसी योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक किसानों और ग्रामीण युवाओं तक पहुंचना चाहिए, जिससे वे भी स्वरोजगार अपनाकर अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत कर सकें।
ग्रामीणों को आत्मनिर्भर बना रही हैं सरकारी योजनाएं
पशुधन विकास विभाग और जिला प्रशासन का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार को बढ़ावा देना, किसानों की आय में वृद्धि करना और उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। विभाग की विभिन्न योजनाएं आजीविका संवर्धन और ग्रामीण विकास की दिशा में प्रभावी साबित हो रही हैं।
सदाशिव कुरगुड़ की सफलता इस बात का उदाहरण है कि यदि किसान सरकारी योजनाओं का सही लाभ उठाएं और मेहनत के साथ नया व्यवसाय शुरू करें, तो खेती के साथ अतिरिक्त आय का मजबूत स्रोत तैयार किया जा सकता है।
आपने उपरोक्त समाचार कृषक जगत वेबसाइट पर पढ़ा: हमसे जुड़ें
> नवीनतम कृषि समाचार और अपडेट के लिए आप अपने मनपसंद प्लेटफॉर्म पे कृषक जगत से जुड़े – गूगल न्यूज़, व्हाट्सएप्प
> कृषक जगत अखबार की सदस्यता लेने के लिए यहां क्लिक करें – घर बैठे विस्तृत कृषि पद्धतियों और नई तकनीक के बारे में पढ़ें
> कृषक जगत ई-पेपर पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: E-Paper
> कृषक जगत की अंग्रेजी वेबसाइट पर जाने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: Global Agriculture

