रबी दलहन व तिलहन फसलों के क्लस्टर प्रदर्शन का निरीक्षण

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रायसेन। कृषि विज्ञान केन्द्र, नकतरा, रायसेन के द्वारा रबी मौसम में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन दलहन व तिलहन के अन्तर्गत आयोजित क्लस्टर प्रदर्शन का निरीक्षण डॉ. संजय वैशम्पायन वरिष्ठ वैज्ञानिक, पौध संरक्षण, विस्तार सेवाएं निदेशालय, जे.एन.के.व्ही.व्ही., जबलपुर द्वारा किया गया। निरीक्षण दौरान केन्द्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक व प्रमुख डॉ. स्वप्निल दुबे, वैज्ञानिक श्री प्रदीप द्विवेदी, डॉ. अंशुमान गुप्ता व रोहित साहू प्रमुख रूप से उपस्थित थे।
डॉ. स्वप्निल दुबे ने बताया कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन दलहन के अन्तर्गत कृषि विज्ञान केन्द्र, नकतरा, रायसेन द्वारा रबी मौसम में चना फसल के 40 हेक्टेयर में 100 कृषकों के खेत पर व मसूर फसल के 20 हेक्टेयर  में 50 कृषकों के खेत पर व तिलहन अन्तर्गत अलसी फसल के 20 हेक्टेयर में 50 कृषकों के खेत पर प्रदर्शन आयोजित किये गये। जिनमें चना की उन्नत किस्म जे.जी.-16, मसूर की उन्नत किस्म एच.यू.एल.-57 व अलसी की जे.एल.एस.-27 उन्नत किस्मों का प्रदर्शन कृषकों के खेत पर किया गया है।
डॉ. संजय वैशम्पायन द्वारा सांची विकासखण्ड के ग्राम अमरावद, भूसीमेंटा, सोनकच्छ, टिकोदा व गैरतगंज विकासखण्ड के ग्राम पठारी, आमखेड़ा, देहगांव और बेगमगंज विकासखण्ड के ग्राम सुमेर में प्रदर्षनों का निरीक्षण किया गया।
चर्चा के दौरान कृषकों ने बताया कि चने की उन्नत किस्म जे.जी.-16 व मसूर की एच.यू.एल.-57 किस्म की बढ़वार अच्छी है व उकठा की समस्या भी नहीं है जिससे अधिक उत्पादन की सम्भावना है, साथ ही अलसी की  उन्नत किस्म से 5-7 क्विंटल प्रति एकड़ उत्पादन की सम्भावना दिख रही है। डॉ. वैशम्पायन द्वारा कृषकों को रबी मौसम में दलहनी व तिलहनी फसलों को बढ़ावा देने व अंतरवर्तीय फसल के रूप में अलसी को भी लगाने की सलाह दी गई।

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