रिलायंस फाउंडेशन की – जानकारी ने दिलाई उगरा रोग से निजात
सीहोर। श्री यशवंत सिंह ठाकुर ग्राम मोगली के मार्जिनल किसान हैं। वे रबी सीजन में गेहूं व चने की फसल लेते हैं। कुछ वर्षों से वे चने में लगने वाले उगरा रोग से परेशान थे। जिससे उन्हें 50 से 70
सीहोर। श्री यशवंत सिंह ठाकुर ग्राम मोगली के मार्जिनल किसान हैं। वे रबी सीजन में गेहूं व चने की फसल लेते हैं। कुछ वर्षों से वे चने में लगने वाले उगरा रोग से परेशान थे। जिससे उन्हें 50 से 70
किसान भाईयों हल्दी की बुवाई 15 अप्रैल से 15 जुलाई तक की जाती है। हल्दी की उन्नत किस्में सुगंधा, रोमा, सुरोमा, सीओ1, कृष्णा, राजेन्द्र सोनिया, सुगुना, सुदर्शन, सुवर्णा, प्रभा, प्रतिभा मुख्य हैं। इन किस्मों के बीज दर बीज प्रकंदों के
मौसम शुष्क रहने तथा तापमान बढऩे की संभावना को ध्यान में रखते हुए सभी सब्जियों तथा चारा फसलों में हल्की सिंचाई करने की सलाह दी जाती है, सिंचाई सुबह या शाम के समय ही करें। अनाज को भंडारण में रखने
गर्मी की मूंग में सफेद मक्खी एवं रस चूसक कीटों के प्रकोप की संभावना है, इनके द्वारा पीला मोजेक वाइरस फैलता है। नियंत्रण के लिए इथोफेनप्रॉक्स 10 ईसी एक लीटर दवा 500 ली. पानी के साथ मिला कर प्रति हे.
जबलपुर। रिलायंस फाउंडेशन के सूचना सेवा कार्यक्रम के अन्तर्गत दी गई जानकारी से किसान बलराम केवट ग्राम हृदय नगर तहसील सिहोरा जिला जबलपुर ने लाभ अर्जित किया। वे बताते हैं कि रिलायंस फाउंडेशन के द्वारा हमारे क्षेत्र में वीडियो काफ्रेंस
बीज में कीट, फफूंद एवं खरपतवार के प्रकोप से बचाने के लिए बीजों के भंडारण से पहले बीज में मिले हुये डंठल, मिट्टी, पत्तियां तथा खरपतवार के बीजों को भली-भांति साफ कर लें एवं तेज धूप में 2-3 दिन तक
भोपाल। ग्राम सेमली कला ब्लॉक बैरसिया जिला भोपाल किसान नारायण सिंह दांगी रिलायंस फाउंडेशन के सूचना सेवा द्वारा चलाए जा रहे रेडियो पर किसान संदेश बड़े रुचि से सुनते हैं उन्होने प्रायोगिक तौर पर एक एकड़ गेहूं और एक एकड़
गर्मी की मूंग में सफेद मक्खी एवं रसचूसक कीटों के प्रकोप की संभावना है, इनके द्वारा पीला मोजेक वाइरस फैलता है। नियंत्रण के लिए इथोफेनप्रॉक्स 10 ईसी एक ली. दवा (25 से 30 मिली/पम्प) 500 ली. पानी के साथ मिलाकर
रबी दलहन एवं तिलहन फसलों की कटाई कर धूप में सुखाकर गहाई करें एवं सुरक्षित स्थान पर रखें। गेंहू की फसल को कम्बाइन हार्वेस्टर से कटाई के बाद, फसल के ठूंठ या अवशेषों का ट्रैक्टर चालित भूसा बनाने वाली मशीन
रबी फ़सलों जैसे गेहूँ, चना, जौ आदि को दीमक अधिक नुकसान पहुँचाती है। हल्की जमीनों में कम नमी और अधिक तापमान की दशा में प्रकोप अधिक तेजी से होता है। इसके नियंत्रण के लिए क्लोरोपायरीफॉस 1 लीटर को 20 किलो