राज्य कृषि समाचार (State News)

सोयाबीन फसल में फैला पीला मोजेक रोग, सर्वे रिपोर्ट के बाद किसानों को मिलेगा मुआवजा

01 सितम्बर 2025, भोपाल: सोयाबीन फसल में फैला पीला मोजेक रोग, सर्वे रिपोर्ट के बाद किसानों को मिलेगा मुआवजा – मध्यप्रदेश के मंदसौर जिले में इन दिनों सोयाबीन की फसल पर पीले मोजेक रोग (Yellow Mosaic Virus) का गंभीर असर देखा जा रहा है। इस बीमारी से फसल की उपज पर विपरीत प्रभाव पड़ा है, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर  अदिति गर्ग के निर्देशानुसार फसल नुकसान का सर्वे कार्य प्रारंभ कर दिया गया है।

इस सर्वे कार्य को प्रभावी ढंग से संपन्न करने के लिए राजस्व एवं कृषि विभाग के संयुक्त दल गठित किए गए हैं। प्रत्येक दल में राजस्व अधिकारी, कृषि विभाग के तकनीकी कर्मचारी तथा संबंधित पटवारी शामिल किए गए हैं, जो खेतों में जाकर फसल की वास्तविक स्थिति का आकलन कर रहे हैं।

कलेक्टर गर्ग ने बताया कि जिले के सभी विकासखंडों में यह सर्वे कार्य शीघ्रता से पूरा किया जाएगा। इसके बाद अनुमानित नुकसान का प्रतिवेदन तैयार कर शासन को भेजा जाएगा, ताकि शासन से प्राप्त निर्देशों के अनुसार पीड़ित किसानों को आर्थिक सहायता/राहत राशि उपलब्ध कराई जा सके।

किसानों को घबराने की आवश्यकता नहीं

कलेक्टर ने किसानों से अपील की है कि वे घबराएं नहीं। जिला प्रशासन एवं कृषि विभाग किसानों के साथ पूरी गंभीरता से खड़ा है और हरसंभव मदद के लिए तत्पर है। किसी भी प्रकार की समस्या या जानकारी के लिए किसान स्थानीय कृषि कार्यालय या संबंधित पटवारी से संपर्क कर सकते हैं।

कृषि विभाग कर रहा है जागरूकता अभियान

कलेक्टर ने कृषि विभाग को निर्देशित किया है कि वे प्रभावित गांवों का दौरा कर किसानों को पीले मोजेक रोग से बचाव और नियंत्रण के उपायों की जानकारी दें। कृषि वैज्ञानिकों और तकनीकी अधिकारियों द्वारा किसानों को बताया जा रहा है कि यदि समय पर उचित कीटनाशी और अनुशंसित उपाय अपनाए जाएं, तो फसल को सुरक्षित किया जा सकता है।  

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