बारिश कम हुई तो क्या होगा? छत्तीसगढ़ सरकार ने किसानों के लिए तैयार किया बैकअप प्लान
25 जून 2026, रायपुर: बारिश कम हुई तो क्या होगा? छत्तीसगढ़ सरकार ने किसानों के लिए तैयार किया बैकअप प्लान – अल-नीनो के प्रभाव के कारण इस वर्ष मानसून कमजोर रहने की आशंका के बीच छत्तीसगढ़ सरकार ने किसानों के हितों की सुरक्षा के लिए व्यापक तैयारी शुरू कर दी है। संभावित सूखे और कम वर्षा की स्थिति से निपटने के लिए राज्य सरकार ने कम अवधि वाली फसलों को बढ़ावा देने, दलहन-तिलहन उत्पादन बढ़ाने, गुणवत्तापूर्ण बीजों की उपलब्धता सुनिश्चित करने और फसल बीमा व्यवस्था को मजबूत बनाने पर विशेष जोर दिया है।
यह जानकारी कृषि विकास एवं किसान कल्याण मंत्री राम विचार नेताम ने केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में आयोजित वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग बैठक में दी। बैठक में कृषि उत्पादन आयुक्त सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी, कृषि संचालक राहुल देव, अनुसंधान संचालक डॉ. विवेक त्रिपाठी सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
सामान्य से काफी कम हुई बारिश
बैठक में बताया गया कि प्रदेश में 22 जून तक औसत वर्षा केवल 30.8 मिलीमीटर दर्ज की गई है, जो पिछले 10 वर्षों के औसत से 58.3 मिलीमीटर कम है। कम बारिश का असर खरीफ सीजन की बुवाई पर भी दिखाई दे रहा है।
प्रदेश में खरीफ फसलों की बोनी का लक्ष्य 48.69 लाख हेक्टेयर निर्धारित किया गया है, लेकिन अब तक केवल लगभग 2 प्रतिशत क्षेत्र में ही बुवाई हो सकी है। ऐसे में सरकार ने समय रहते वैकल्पिक रणनीति तैयार कर किसानों को संभावित नुकसान से बचाने की पहल की है।
कम अवधि वाली फसलों पर रहेगा फोकस
कृषि उत्पादन आयुक्त सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी ने बताया कि कृषि विभाग ने कम अवधि में तैयार होने वाली धान की किस्मों को बढ़ावा देने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही मक्का, कोदो, कुटकी, रागी, दलहनी और तिलहनी फसलों के गुणवत्तापूर्ण बीजों की उपलब्धता और संरक्षण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
किसानों को सलाह दी जा रही है कि वे ऊंची भूमि वाले क्षेत्रों में अनाज फसलों के साथ दलहन और तिलहन फसलों की अंतरवर्तीय खेती अपनाएं। वहीं जहां संभव हो, वहां धान की जगह दलहन और तिलहन फसलों की खेती करने के लिए भी प्रोत्साहित किया जा रहा है।
बीजों का पर्याप्त भंडारण
संभावित सूखे की स्थिति को देखते हुए राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम ने प्रमाणित बीजों की पर्याप्त व्यवस्था की है। इस वर्ष 4.95 लाख क्विंटल प्रमाणित बीज वितरण का लक्ष्य रखा गया है।
सूखे की आशंका वाले 15 जिलों के लिए 1 लाख 22 हजार 95 क्विंटल बीज उपलब्ध कराए गए हैं। इनमें से 48 हजार 449 क्विंटल बीज किसानों तक पहुंचाए जा चुके हैं। सरकार का प्रयास है कि जरूरत पड़ने पर किसानों को समय पर गुणवत्तापूर्ण बीज उपलब्ध हो सकें।
उर्वरक और नैनो फर्टिलाइजर पर विशेष जोर
राज्य सरकार ने रासायनिक उर्वरकों के पर्याप्त भंडारण की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही किसानों को नैनो उर्वरकों के उपयोग और कम पानी में बेहतर उत्पादन देने वाली लाभकारी फसलों के प्रति जागरूक किया जा रहा है।
कृषि विभाग द्वारा विभिन्न माध्यमों से किसानों को बदलती जलवायु परिस्थितियों के अनुरूप खेती की जानकारी भी दी जा रही है।
फसल बीमा बनेगा सुरक्षा कवच
कम बारिश और संभावित सूखे से किसानों को आर्थिक नुकसान न हो, इसके लिए सरकार ने बीमा कंपनियों के साथ समन्वय बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। फसल बीमा योजनाओं को अधिक प्रभावी बनाने पर काम किया जा रहा है ताकि किसी भी प्रकार की प्राकृतिक आपदा की स्थिति में किसानों को समय पर राहत मिल सके।
सरकार का मानना है कि फसल बीमा किसानों के लिए आर्थिक सुरक्षा कवच का काम करेगा और नुकसान की स्थिति में उनकी आय को सहारा देगा।
अल-नीनो को ध्यान में रखकर तैयार हुई आकस्मिक योजना
अधिकारियों ने बताया कि इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर के अनुसंधान विभाग द्वारा अल-नीनो की संभावित परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए विशेष आकस्मिक कार्ययोजना तैयार की गई है।
इस योजना में कम वर्षा की स्थिति में अपनाई जाने वाली फसल पद्धतियों, वैकल्पिक फसलों, जल संरक्षण उपायों और कृषि प्रबंधन से जुड़े सुझाव शामिल किए गए हैं। इसका उद्देश्य किसानों को बदलती मौसम परिस्थितियों के अनुरूप खेती करने में मदद करना है।
किसानों को नुकसान से बचाने की तैयारी
राज्य सरकार का कहना है कि मानसून की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त कदम भी उठाए जाएंगे। कम अवधि वाली फसलें, दलहन-तिलहन उत्पादन, बीज सुरक्षा, उर्वरक उपलब्धता और फसल बीमा जैसी व्यवस्थाओं के जरिए किसानों को संभावित नुकसान से बचाने की पूरी कोशिश की जा रही है।
सरकार को उम्मीद है कि समय रहते की गई ये तैयारियां किसानों को राहत देंगी और कम बारिश की स्थिति में भी कृषि गतिविधियों को प्रभावित होने से बचाने में मदद करेंगी।
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