मानसून की दस्तक से मध्य प्रदेश में मौसम मेहरबान, कई जिलों में बारिश-आंधी का येलो अलर्ट; 50kmph की रफ्तार से चलेंगी हवाएं
07 जून 2026, भोपाल: मानसून की दस्तक से मध्य प्रदेश में मौसम मेहरबान, कई जिलों में बारिश-आंधी का येलो अलर्ट; 50kmph की रफ्तार से चलेंगी हवाएं – भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार 7 जून 2026 की सुबह 08:30 बजे तक के प्रेक्षण में मध्यप्रदेश के मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। प्रदेश के कई हिस्सों में मानसून गतिविधियां सक्रिय हो गई हैं और भोपाल, नर्मदापुरम, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, चंबल, रीवा और शहडोल संभागों में कहीं-कहीं बारिश दर्ज की गई, जबकि शेष जिलों में मौसम मुख्यतः शुष्क रहा। बीते 24 घंटों में तापमान में बड़े बदलाव नहीं देखे गए, लेकिन कई क्षेत्रों में तेज हवाओं, गरज-चमक और वज्रपात की स्थिति बनी रही।
प्रदेश में मौसम का हाल
IMD के अनुसार पिछले 24 घंटों में भोपाल संभाग के कई जिलों में कई स्थानों पर बारिश दर्ज की गई। नर्मदापुरम और शहडोल संभागों में कुछ जगहों पर वर्षा हुई, जबकि इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, चंबल और रीवा संभागों में कहीं-कहीं हल्की बारिश देखने को मिली। वहीं बाकी जिलों में मौसम मुख्यतः शुष्क बना रहा। तापमान में कोई विशेष परिवर्तन नहीं हुआ, हालांकि चंबल, रीवा और शहडोल संभागों में अधिकतम तापमान सामान्य से 3.7 से 3.1 डिग्री सेल्सियस तक कम दर्ज किया गया, जबकि भोपाल और नर्मदापुरम में न्यूनतम तापमान सामान्य से काफी नीचे रहा। कई जिलों में हल्की ठंडक और नम हवाओं का असर भी महसूस किया गया।
सिनोप्टिक मौसम प्रणाली
IMD के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून मध्य अरब सागर, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु के कुछ हिस्सों में आगे बढ़ चुका है। इसके साथ ही पूर्वी उत्तर प्रदेश से छत्तीसगढ़ और तेलंगाना तक एक ट्रफ लाइन सक्रिय है। उत्तर हरियाणा और पूर्वी उत्तर प्रदेश के ऊपर भी चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। इन मौसमी प्रणालियों के कारण मध्यप्रदेश सहित पूरे क्षेत्र में नमी और अस्थिरता बढ़ी है, जिससे आने वाले दिनों में बारिश की गतिविधियां और तेज हो सकती हैं।
चेतावनी
मौसम विभाग ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि भोपाल, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर, ग्वालियर, रीवा, शहडोल, विदिशा, रायसेन, सीहोर, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, खंडवा, खरगोन, धार, रतलाम, मंदसौर, गुना, अशोकनगर सहित कई जिलों में गरज-चमक, आंधी और वज्रपात की स्थिति बन सकती है। कुछ स्थानों पर तेज हवाएं 40 से 50 किमी प्रति घंटा तक पहुंच सकती हैं, जिससे पेड़ गिरने, बिजली लाइनों को नुकसान और फसलों पर असर की संभावना है। विभाग ने लोगों को खुले स्थानों और खेतों में काम करने से सावधानी बरतने की सलाह दी है।
कृषकों के लिए विशेष सलाह
मौसम की स्थिति को देखते हुए किसानों को सलाह दी गई है कि बारिश के दौरान सिंचाई और रासायनिक छिड़काव से बचें तथा खेतों में जल निकासी की उचित व्यवस्था बनाए रखें, ताकि जलभराव से फसलों को नुकसान न हो। तेज हवाओं की संभावना को देखते हुए सब्जी और बेलदार फसलों को सहारा देना आवश्यक है। कटाई की गई उपज को सुरक्षित स्थान पर रखें और उसे जलरोधी तिरपाल से ढककर रखें।
आंधी-तूफान के समय कटाई और मड़ाई जैसे कार्यों को स्थगित करना बेहतर रहेगा। पशुओं को सुरक्षित स्थान पर रखें और खुले में चराई से बचाएं। वज्रपात के दौरान खेतों में कार्य न करें और तुरंत सुरक्षित स्थान पर चले जाएं। मौसम विभाग ने किसानों से नियमित मौसम अपडेट लेते रहने और उसी अनुसार कृषि कार्यों की योजना बनाने की अपील की है।
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