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राज्य कृषि समाचार (State News)

उत्तर प्रदेश: अयोध्या में 2 करोड़ की लागत से बनेगा फ्लावर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, फूल किसानों को मिलेगा बड़ा फायदा

23 मई 2026, अयोध्या: उत्तर प्रदेश: अयोध्या में 2 करोड़ की लागत से बनेगा फ्लावर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, फूल किसानों को मिलेगा बड़ा फायदा – उत्तर प्रदेश के अयोध्या जिले में फूलों की खेती को बढ़ावा देने और किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से योगी आदित्यनाथ सरकार एक बड़ी पहल करने जा रही है। अयोध्या के पिरखौली क्षेत्र में करीब 2 करोड़ रुपये की लागत से प्रदेश का पहला “सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर फ्लावर” स्थापित किया जाएगा। यह अत्याधुनिक केंद्र तीन हेक्टेयर भूमि में विकसित होगा और फूलों की आधुनिक खेती का प्रमुख हब बनेगा।

सरकार का मानना है कि इस परियोजना से न सिर्फ किसानों को नई तकनीक और बेहतर बाजार मिलेगा, बल्कि राम मंदिर में पूजा-अर्चना के लिए गुणवत्तापूर्ण फूलों की नियमित आपूर्ति भी सुनिश्चित हो सकेगी। इससे स्थानीय स्तर पर फूल उत्पादन को नया बाजार मिलेगा और किसानों की आमदनी में बढ़ोतरी होगी।

किसानों को मिलेगी आधुनिक तकनीक की ट्रेनिंग

उद्यान विभाग के अधिकारियों के अनुसार, इस केंद्र में किसानों को फूलों की वैज्ञानिक खेती से जुड़ी आधुनिक तकनीकों की जानकारी दी जाएगी। यहां उन्नत किस्मों के फूलों की खेती, कीट एवं रोग प्रबंधन, ड्रिप सिंचाई, ग्रीन हाउस तकनीक और विपणन से संबंधित प्रशिक्षण दिया जाएगा।

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केंद्र में डच रोज और गेंदे की उच्च गुणवत्ता वाली किस्मों सहित कई लोकप्रिय और दुर्लभ प्रजातियों का प्रदर्शन भी किया जाएगा। इससे किसान पारंपरिक खेती के साथ-साथ व्यावसायिक फूल उत्पादन की ओर आकर्षित होंगे।

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किसानों की आय बढ़ाने पर सरकार का फोकस

उप निदेशक उद्यान अनूप कुमार चतुर्वेदी ने बताया कि राज्य सरकार कृषि और उद्यान क्षेत्र को मजबूत करने के लिए लगातार काम कर रही है। फूलों की खेती को बढ़ावा देने के लिए यह प्रदेश का पहला बड़ा कदम माना जा रहा है।

उन्होंने कहा कि कई किसान अभी भी पारंपरिक फसलों पर निर्भर हैं, लेकिन इस केंद्र के माध्यम से उन्हें फूलों की खेती अपनाने के लिए प्रेरित किया जाएगा। फूलों की खेती कम जगह में अधिक मुनाफा देने वाली फसल मानी जाती है, जिससे किसानों को बेहतर आय प्राप्त हो सकती है।

अयोध्या में राम मंदिर बनने के बाद प्रतिदिन बड़ी मात्रा में फूलों की आवश्यकता होती है। वर्तमान में कई फूल दूसरे राज्यों से मंगाए जाते हैं। ऐसे में यह केंद्र स्थानीय स्तर पर गुणवत्तापूर्ण फूल उपलब्ध कराने में अहम भूमिका निभाएगा। इससे बाहर से फूलों की निर्भरता कम होगी और स्थानीय किसानों को सीधा लाभ मिलेगा।

रोजगार के नए अवसर भी खुलेंगे

इस परियोजना से स्थानीय युवाओं और महिलाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। फूलों की खेती, कटाई, पैकेजिंग, परिवहन और विपणन जैसे कार्यों में बड़ी संख्या में लोगों को रोजगार मिल सकेगा।

उद्यान विभाग के मुताबिक, केंद्र में आधुनिक ग्रीनहाउस, टिश्यू कल्चर लैब, सोलर पावर और ड्रिप इरिगेशन जैसी सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी। किसान यहां विशेषज्ञों से सीधे सलाह लेकर अपनी खेती को अधिक लाभदायक बना सकेंगे।

पूरे प्रदेश में तैयार होगा फूल उत्पादन नेटवर्क

सरकार की योजना भविष्य में इसी तर्ज पर मथुरा और वाराणसी में भी फ्लावर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित करने की है। इससे उत्तर प्रदेश में फूलों की खेती और फूल उद्योग को नया विस्तार मिलेगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह परियोजना कृषि विविधीकरण, धार्मिक पर्यटन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को एक साथ जोड़ने वाला मॉडल साबित हो सकती है। पिरखौली में बनने वाला यह केंद्र आने वाले समय में प्रदेश के फूल किसानों के लिए नई संभावनाओं के द्वार खोलेगा।

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