Ad DesktopAd TabletAd Mobile
राष्ट्रीय कृषि समाचार (National Agriculture News)

मोठ और ग्वार अनुसंधान में उत्कृष्ट योगदान के लिए काजरी जोधपुर को मिला राष्ट्रीय सर्वश्रेष्ठ केंद्र पुरस्कार

22 मई 2026, नई दिल्ली: मोठ और ग्वार अनुसंधान में उत्कृष्ट योगदान के लिए काजरी जोधपुर को मिला राष्ट्रीय सर्वश्रेष्ठ केंद्र पुरस्कार – भाकृअनुप-केन्द्रीय शुष्क क्षेत्र अनुसंधान संस्थान (काजरी), जोधपुर को खरीफ दलहन पर अखिल भारतीय समन्वित अनुसंधान परियोजना (एआईसीआरपी) की वार्षिक समूह बैठक में राष्ट्रीय स्तर पर “सर्वश्रेष्ठ केन्द्र पुरस्कार” से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान संस्थान को मोठ और ग्वार अनुसंधान के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान तथा शुष्क क्षेत्रों के लिए नई उन्नत किस्में विकसित करने के लिए प्रदान किया गया।

यह वार्षिक बैठक 5 मई 2026 को बेंगलुरु स्थित यूनिवर्सिटी ऑफ एग्रीकल्चरल साइंसेज (यूएएस), जीकेवीके परिसर में आयोजित हुई। पुरस्कार कृषि अनुसंधान एवं शिक्षा विभाग के सचिव तथा भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (भाकृअनुप) के महानिदेशक डॉ. एम.एल. जाट द्वारा प्रदान किया गया।

शुष्क क्षेत्रों के किसानों के लिए वरदान बनीं नई किस्में

काजरी जोधपुर ने पिछले एक दशक में गर्म और शुष्क क्षेत्रों के किसानों के लिए उच्च उपज देने वाली, सूखा सहनशील और जलवायु परिवर्तन के अनुकूल मोठ की नई किस्में विकसित करने पर विशेष कार्य किया है।

Ad DesktopAd TabletAd Mobile
Ad DesktopAd TabletAd Mobile

संस्थान द्वारा विकसित नई किस्मों में लंबे समय तक सूखा पड़ने और कभी-कभी अधिक वर्षा होने जैसी विपरीत परिस्थितियों को सहन करने की क्षमता है। यही वजह है कि ये किस्में कम वर्षा वाले इलाकों के साथ-साथ अन्य उत्पादन क्षेत्रों के लिए भी उपयोगी मानी जा रही हैं।

कृषक जगत को व्हाट्सएप पर फॉलो करें
खेती-किसानी की ताज़ा खबरें, सीधे आपके फ़ोन पर
चैनल फॉलो करें

दो वर्षों में विकसित की कई नई किस्में

काजरी जोधपुर ने वर्ष 2024 से 2026 के बीच राष्ट्रीय स्तर पर मोठ की छह नई किस्में विकसित और जारी की हैं। इनमें काजरी मोठ-4 और काजरी मोठ-5 को वर्ष 2023 में, काजरी मोठ-6 और काजरी मोठ-7 को वर्ष 2024 में तथा काजरी मोठ-8 और काजरी मोठ-9 को वर्ष 2025 में जारी किया गया।

इसके अलावा काजरी मोठ-10 और काजरी मोठ-11 को भी जारी करने और अधिसूचना के लिए चयनित किया गया है।

किसानों की उत्पादकता बढ़ाने पर जोर

काजरी के नव नियुक्त निदेशक डॉ. एच.एस. जाट ने इस उपलब्धि पर संस्थान की मोठ प्रजनन टीम और पादप सुधार एवं कीट प्रबंधन प्रभाग के प्रमुख डॉ. आर.के. काकानी को बधाई दी।

उन्होंने कहा कि शुष्क क्षेत्रों में किसानों की उत्पादकता और आय बढ़ाने के लिए इन नई किस्मों के बीज उत्पादन और प्रसार कार्यक्रम को और मजबूत किया जाएगा।

काजरी जोधपुर में मोठ की नई उन्नत किस्में विकसित करने वाली टीम में डॉ. एच.आर. महला, डॉ. रामावतार शर्मा और डॉ. खुशवंत बी. चौधरी शामिल रहे। इन वैज्ञानिकों ने शुष्क क्षेत्रों के लिए बेहतर उत्पादन क्षमता वाली किस्में विकसित करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

जलवायु परिवर्तन के दौर में बढ़ा महत्व

विशेषज्ञों के अनुसार, जलवायु परिवर्तन और कम वर्षा की बढ़ती चुनौती के बीच मोठ जैसी दलहनी फसलें किसानों के लिए बेहतर विकल्प बन रही हैं। ऐसे में काजरी द्वारा विकसित नई किस्में राजस्थान सहित देश के शुष्क क्षेत्रों के किसानों के लिए काफी लाभकारी साबित हो सकती हैं।

आपने उपरोक्त समाचार कृषक जगत वेबसाइट पर पढ़ा: हमसे जुड़ें
> नवीनतम कृषि समाचार और अपडेट के लिए आप अपने मनपसंद प्लेटफॉर्म पे कृषक जगत से जुड़े – गूगल न्यूज़, व्हाट्सएप्प
> कृषक जगत अखबार की सदस्यता लेने के लिए यहां क्लिक करें – घर बैठे विस्तृत कृषि पद्धतियों और नई तकनीक के बारे में पढ़ें
> कृषक जगत ई-पेपर पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: E-Paper
> कृषक जगत की अंग्रेजी वेबसाइट पर जाने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: Global Agr