अल्ट्रा लो-कॉस्ट शेडनेट हाउस से बदल रही खेती की तस्वीर, कम लागत में किसानों को मिल रहा अधिक उत्पादन
21 जुलाई 2026, भोपाल: अल्ट्रा लो-कॉस्ट शेडनेट हाउस से बदल रही खेती की तस्वीर, कम लागत में किसानों को मिल रहा अधिक उत्पादन – मध्यप्रदेश के उद्यानिकी विभाग की पहल से सागर जिले में संरक्षित खेती को नई दिशा मिल रही है। विभाग द्वारा संचालित अल्ट्रा लो-कॉस्ट शेडनेट हाउस योजना किसानों के लिए लाभकारी साबित हो रही है। कम लागत में तैयार होने वाली इस संरचना के माध्यम से किसान अब मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों से फसलों की सुरक्षा करते हुए गुणवत्तापूर्ण एवं अधिक उत्पादन प्राप्त कर रहे हैं।
कम खर्च में होगी बेहतर खेती
अल्ट्रा लो-कॉस्ट शेडनेट हाउस लगभग 240 वर्गमीटर क्षेत्र में जीआई पाइप की मजबूत संरचना पर 50 अथवा 75 प्रतिशत शेडनेट लगाकर तैयार किया जाता है। यह तकनीक फसलों को तेज धूप, कीटों, तेज हवा एवं हल्की ओलावृष्टि से सुरक्षा प्रदान करती है। परिणामस्वरूप फसलों की गुणवत्ता बेहतर होती है और उत्पादन में भी वृद्धि दर्ज की जाती है।
इस संरचना में शिमला मिर्च, टमाटर, खीरा, मिर्च, धनिया, पालक, विभिन्न प्रकार के फूल तथा पौधशाला का सफलतापूर्वक उत्पादन किया जा रहा है। इससे किसानों को वर्षभर बेहतर गुणवत्ता की फसल लेने और अधिक आय अर्जित करने का अवसर मिल रहा है।
सिर्फ ₹1.35 लाख में तैयार होगा शेडनेट हाउस
सागर जिले में इस योजना की प्रति इकाई लागत 1.35 लाख रुपये निर्धारित की गई है। वर्ष 2026-27 में योजना के अंतर्गत सागर विकासखंड में 60 इकाइयों का लक्ष्य रखा गया था। योजना के प्रति किसानों के बढ़ते विश्वास का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि सागर विकासखंड में 62 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जो निर्धारित लक्ष्य से अधिक हैं।
उद्यानिकी विभाग के अधिकारियों के अनुसार, अल्ट्रा लो-कॉस्ट शेडनेट हाउस तकनीक किसानों के लिए संरक्षित खेती का सुलभ और किफायती विकल्प बनकर उभरी है। यह योजना न केवल उत्पादन और गुणवत्ता बढ़ाने में सहायक है, बल्कि किसानों की आय में वृद्धि कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
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