राज्य कृषि समाचार (State News)

टीकमगढ़ : किसानों को मौसम के अनुसार फसल प्रबंधन करने की दी सलाह

11 जुलाई 2026, टीकमगढ़ टीकमगढ़ : किसानों को मौसम के अनुसार फसल प्रबंधन करने की दी सलाह – आगामी पाँच दिनों के दौरान मौसम आंशिक रूप से खुला रहने, कुछ स्थानों पर खंड वर्षा होने तथा आसमान में घने बादल छाए रहने की संभावना को देखते हुए कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को खरीफ फसलों का वैज्ञानिक तरीके से प्रबंधन करने की सलाह दी है।

कृषि विशेषज्ञों के अनुसार जिन किसानों ने अभी तक खरीफ फसलों की बुवाई नहीं की है, वे कम अवधि में तैयार होने वाली उपयुक्त किस्मों का चयन कर शीघ्र बुवाई करें। मौसम पूर्वानुमान के अनुसार इस अवधि में अधिकतम तापमान 34 से 35 डिग्री सेल्सियस तथा न्यूनतम तापमान 24 से 26 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है। वहीं हवा की औसत गति 21 से 25 किलोमीटर प्रति घंटा रहने का अनुमान है।किसानों को सलाह दी गई है कि जिन खेतों में फसल की बुवाई हो चुकी है, वहां मेड़ों पर उगने वाले खरपतवारों को नष्ट करें, ताकि हानिकारक कीटों को आश्रय न मिल सके।

जिन किसानों की धान की नर्सरी 20 से 25 दिन की हो गई है, वे निचले क्षेत्रों के मुख्य खेतों में रोपाई करें तथा रोपाई से पहले पौधों को 30 मिनट तक एजोटोबैक्टर के घोल में उपचारित करें।विशेषज्ञों ने सोयाबीन, मक्का, उड़द, मूंग, तिल एवं मूंगफली जैसी खरीफ फसलों की बुवाई कूड़-नाली विधि से करने तथा बुवाई से पूर्व प्रति किलोग्राम बीज पर 2 ग्राम थायरम एवं एक ग्राम कार्बेन्डाजिम से बीजोपचार करने की सलाह दी है। अदरक की बुवाई के लिए भी उन्नत किस्मों का चयन कर बीजोपचार के बाद ही रोपण करने की अनुशंसा की गई है।सब्जी फसलों में भिंडी में पीली पत्ती रोग तथा बैगन में फल एवं तना छेदक कीट के प्रकोप की संभावना को देखते हुए नियमित निरीक्षण करने की सलाह दी गई है।

मौसम साफ रहने पर आवश्यकतानुसार अनुशंसित कीटनाशकों का छिड़काव करें।पशुपालकों को भी वर्षा ऋतु में विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। पशुओं को तालाबों या गंदे पानी का सेवन न कराएं तथा पशु चिकित्सक की सलाह अनुसार 15 से 20 दिन के अंतराल पर कृमिनाशक दवा अवश्य पिलाएं। साथ ही हरे चारे की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए ज्वार, मक्का एवं लोबिया की मिश्रित बुवाई करने की भी सलाह दी गई है।

आपने उपरोक्त समाचार कृषक जगत वेबसाइट पर पढ़ा: हमसे जुड़ें
> नवीनतम कृषि समाचार और अपडेट के लिए आप अपने मनपसंद प्लेटफॉर्म पे कृषक जगत से जुड़े – गूगल न्यूज़व्हाट्सएप्प
> कृषक जगत अखबार की सदस्यता लेने के लिए यहां क्लिक करें – घर बैठे विस्तृत कृषि पद्धतियों और नई तकनीक के बारे में पढ़ें
> कृषक जगत ई-पेपर पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: E-Paper
> कृषक जगत की अंग्रेजी वेबसाइट पर जाने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: Global Agriculture