जिनके हाथ में हल, वही है देश का असली बल : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
अगले ढाई साल में प्रदेश की 100 लाख हैक्टेयर कृषि भूमि को बनाएंगे सिंचित
05 सितंबर 2026, भोपाल: जिनके हाथ में हल, वही है देश का असली बल : मुख्यमंत्री डॉ. यादव – मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि जिनके हाथ में हल है, वही इस देश का असली बल है। उन्होंने किसानों के पसीने को मध्यप्रदेश की अर्थव्यवस्था का “फ्यूल” बताते हुए कहा कि सरकार खेत से लेकर निर्यात तक और बीज से लेकर बाजार तक हर कदम पर प्रदेश के किसानों के साथ खड़ी है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भगवान बलराम, बल के देवता ही नहीं, श्रम के सम्मान और कृषि गौरव के जीवंत प्रतीक हैं। हलधर के रूप में उन्होंने देश में खेती-किसानी को विस्तार दिया और इसे लोककल्याण का माध्यम भी बनाया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ग्वालियर में हुए बलराम जयंती महोत्सव एवं सहकारी किसान समागम कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किसानों और अन्नदाताओं को बलराम जयंती की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि बलराम जयंती हमारे खेतों की हरियाली और किसानों की समृद्धि का पुनीत उत्सव है। आयोजकों ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को खेती-किसानी के प्रतीक के रूप में हल भेंट किया। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने जिला केन्द्रीय सहकारी बैंक शिवपुरी को अपनी वर्तमान अवस्था से उबरने में राज्य शासन की ओर से जरूरी मदद देने की घोषणा की।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किसान कल्याण से जुड़े 4 महत्वपूर्ण कार्यों का शुभारंभ भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सिंगल क्लिक से ऑनलाइन किसान क्रेडिट कार्ड पोर्टल का शुभारंभ किया। इस पोर्टल से किसान अब घर बैठे आवेदन कर सकेंगे। इस अवसर पर शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर ऋण योजना के सरलीकरण का भी शुभारंभ हुआ। इसके तहत खरीफ और रबी कृषि ऋण की अलग-अलग अदायगी की बाध्यता समाप्त करते हुए किसानों को अपनी सुविधा के अनुसार 12 माह में ऋण चुकाने की सुविधा दी गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किसान कृषक कवच योजना का भी शुभारंभ किया। इस योजना में ऐसे किसानों को भी ऋण और शासकीय योजनाओं से जोड़ने का प्रयास किया गया है, जिनके खातों की जांच लंबित होने से वे अब तक शासकीय योजनाओं के लाभ से वंचित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गांवों में सहकारिता संबंधी गतिविधियों को गति प्रदान करने के लिए 200 नई पैक्स संस्थाओं के कार्यालयों का भी शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपेक्स बैंक की ग्वालियर में संभागीय शाखा का शुभारंभ भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भगवान श्री बलराम ने कृषि को प्रकृति के साथ जोड़कर स्वावलंबन का नया अध्याय शुरू किया था। भारतीय संस्कृति में खेती को सर्वोत्तम माना गया है। खेती से प्रकृति समृद्ध होती है और मनुष्य को अनाज मिलता है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने चार श्रेणियों- गरीब, अन्नदाता, युवा और नारी कल्याण का संकल्प लिया है। हमारे लिए सीमा पर जवान और खेतों में किसान दोनों बराबर सम्मान रखते हैं। अन्नदाता अपने अथक परिश्रम से देश को समृद्ध बनाता है। राज्य सरकार खेतों से लेकर निर्यात तक किसानों के कल्याण पर विशेष ध्यान दे रही है। किसानों को पैक्स समितियों के माध्यम से लाभान्वित किया जा रहा है। किसान कवच योजना के माध्यम से हमारी सरकार किसानों के साथ खड़ी है। प्रदेश में किसानों को सिंचाई के लिए अब दिन में भी बिजली मिलेगी। मध्यप्रदेश बिजली उत्पादन में अब देश का अग्रणी राज्य बना है। प्रदेश में सिंचाई का रकबा अभी 60 लाख हैक्टेयर से अधिक है, जिसे अगले ढाई वर्ष में 100 लाख हैक्टेयर तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।
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