राज्य कृषि समाचार (State News)

किसानों को खाद-बीज की कमी न हो, छोटे किसानों को मिले प्राथमिकता: मुख्यमंत्री साय

07 जून 2026, रायपुर: किसानों को खाद-बीज की कमी न हो, छोटे किसानों को मिले प्राथमिकता: मुख्यमंत्री साय – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि किसानों को खाद और बीज की उपलब्धता में किसी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने निर्देश दिए कि छोटे और सीमांत किसानों को प्राथमिकता के आधार पर खाद-बीज उपलब्ध कराया जाए तथा इसकी जवाबदेही संबंधित कलेक्टरों की होगी। मुख्यमंत्री ने कृषि अधिकारियों से गांव-गांव जाकर किसानों को नैनो यूरिया और नैनो डीएपी के लाभों की जानकारी देने को भी कहा, ताकि आधुनिक कृषि तकनीकों का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित किया जा सके।

मुख्यमंत्री गरियाबंद जिला पंचायत कार्यालय में आयोजित रायपुर संभाग की संभागीय समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। करीब साढ़े तीन घंटे तक चली बैठक में रायपुर, गरियाबंद, धमतरी, महासमुंद और बलौदाबाजार जिलों के कलेक्टरों, पुलिस अधीक्षकों और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ विकास योजनाओं, कानून-व्यवस्था तथा जनकल्याणकारी कार्यक्रमों की समीक्षा की गई।

सुपेबेड़ा की पेयजल समस्या के समाधान के लिए 7 करोड़ मंजूर

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने गरियाबंद जिले के सुपेबेड़ा क्षेत्र की पेयजल समस्या के स्थायी समाधान के लिए तेल नदी पर एनीकट निर्माण हेतु 7 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की। उन्होंने कहा कि पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है और इसके लिए प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं।

योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शासन की सभी जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए। उन्होंने कहा कि नागरिकों को योजनाओं का लाभ लेने में किसी प्रकार की कठिनाई नहीं होनी चाहिए और प्रशासन को संवेदनशीलता एवं जवाबदेही के साथ कार्य करना चाहिए।

उन्होंने राजस्व प्रकरणों के त्वरित निराकरण, प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना में तेजी लाने, टीबी मुक्त पंचायतों के निर्माण, आयुष्मान कार्डों के शत-प्रतिशत कवरेज, जल जीवन मिशन के कार्यों को समयबद्ध रूप से पूरा करने तथा प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के पात्र हितग्राहियों को लाभ दिलाने के निर्देश दिए।

नैनो उर्वरकों के प्रचार पर जोर

मुख्यमंत्री साय ने कृषि अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे किसानों को नैनो यूरिया और नैनो डीएपी के उपयोग एवं लाभों के बारे में जागरूक करें। उन्होंने कहा कि आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाकर खेती की लागत कम की जा सकती है और उत्पादन में वृद्धि की जा सकती है।

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